त्रिविम समावयवता और किरल केंद्र
त्रिविम समावयवी में संरचना सूत्र एक जैसा होता है पर परमाणु अंतरिक्ष में अलग ढंग से सजे होते हैं। दो प्रकार हैं: C=C के चारों ओर E/Z (ज्यामितीय) और प्रकाशिक समावयवता।
किरल केंद्र (असममित कार्बन) वह कार्बन है जो चार अलग परमाणुओं या समूहों से जुड़ा हो। इसे C* से दिखाते हैं। एक किरल केंद्र वाले अणु के हमेशा दो प्रकाशिक समावयवी होते हैं।
कैसे पहचानें: हर sp³ कार्बन देखो। दो H वाले (CH₂, CH₃) या द्विबंध वाले कार्बन छोड़ दो। बाकी में जाँचो कि चारों समूह अलग हैं, पूरी शृंखला देखकर। उदाहरण: ब्यूटेन-2-ऑल CH₃CH(OH)CH₂CH₃ में कार्बन 2 पर H, OH, CH₃ और C₂H₅: किरल।
प्रतिबिंबी रूप और समतल ध्रुवित प्रकाश
दोनों प्रकाशिक समावयवी प्रतिबिंबी रूप (एनैन्टिओमर) हैं: ऐसे दर्पण प्रतिबिंब जो एक-दूसरे पर अध्यारोपित नहीं होते। बनाने के लिए कार्बन के दो बंध कागज़ के तल में, एक वेज (तुम्हारी ओर) और एक डैश (दूर) बनाओ, फिर दर्पण रेखा में उसका प्रतिबिंब बनाओ।
साधारण प्रकाश सब समतलों में कंपन करता है। ध्रुवक फ़िल्टर केवल एक समतल का प्रकाश जाने देता है: समतल ध्रुवित प्रकाश। एक प्रतिबिंबी रूप के विलयन से गुज़रने पर समतल घूम जाता है:
- एक रूप दक्षिणावर्त घुमाता है: (+) या दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक
- दूसरा उतने ही कोण से वामावर्त: (−) या वाम-ध्रुवण घूर्णक
प्रकाश घुमाने वाला पदार्थ प्रकाशिक सक्रिय है। प्रतिबिंबी रूपों का गलनांक, क्वथनांक और अकिरल अभिकर्मकों से अभिक्रिया एक जैसी है; पर एंज़ाइम जैसे किरल अणुओं से वे अलग व्यवहार कर सकते हैं।
रेसेमिक मिश्रण
रेसेमिक मिश्रण में दोनों प्रतिबिंबी रूप बराबर मात्रा में होते हैं। उनके घुमाव कट जाते हैं, इसलिए यह प्रकाशिक निष्क्रिय है।
रेसेमिक मिश्रण अक्सर तब बनता है जब किसी समतल समूह से नया किरल केंद्र बने:
- C=O पर नाभिकस्नेही योगज: जैसे एथेनैल पर HCN/CN⁻। C=O समतल है, इसलिए नाभिकस्नेही ऊपर या नीचे से बराबर संभावना से आता है और 2-हाइड्रॉक्सीप्रोपेननाइट्राइल के दोनों रूप 50 : 50 बनते हैं।
- समतल कार्बधनायन वाली SN1 अभिक्रियाएँ, और असममित ऐल्कीन पर इलेक्ट्रॉनस्नेही योगज जो नया किरल केंद्र बनाए।
दवा कंपनियाँ कभी-कभी दोनों रूप अलग करती हैं या किरल उत्प्रेरक से केवल एक बनाती हैं, क्योंकि शरीर में दोनों का असर अलग हो सकता है।
करके देखो: हाथ और दर्पण परीक्षण
एक आलू और चार टूथपिक लो, हर टूथपिक पर अलग रंग की टॉफ़ी लगाओ। असली दर्पण में देखकर उसका दर्पण-मॉडल बनाओ। एक को घुमाकर चारों रंग दूसरे से मिलाने की कोशिश करो। नहीं मिलेंगे। अब दो टॉफ़ियाँ एक रंग की कर दो: मॉडल तुरंत मिल जाते हैं। 3D के खुले खेल में भी यही करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- किरल केंद्र: 4 अलग परमाणुओं/समूहों से जुड़ा C (C*)
- n किरल केंद्र → अधिकतम 2ⁿ त्रिविम समावयवी
- (+) दक्षिणावर्त, (−) वामावर्त; प्रतिबिंबी जोड़ी के लिए कोण बराबर
- रेसेमिक मिश्रण = 50 : 50 → कुल घुमाव 0° → प्रकाशिक निष्क्रिय
- समतल मध्यवर्ती (C=O, कार्बधनायन) + दोनों ओर से आक्रमण → रेसेमिक उत्पाद
हल किए गए उदाहरण
1. क्या प्रोपेन-2-ऑल CH₃CH(OH)CH₃ में किरल केंद्र है?
चरण 1: कार्बन 2 पर H, OH, CH₃ और CH₃। चरण 2: दो समूह एक जैसे (CH₃)। उत्तर: कोई किरल केंद्र नहीं, कोई प्रकाशिक समावयवी नहीं।
2. 2-हाइड्रॉक्सीप्रोपेनोइक अम्ल (लैक्टिक अम्ल) CH₃CH(OH)COOH में किरल केंद्र पहचानो।
चरण 1: कार्बन 1 (COOH) पर C=O: किरल नहीं। कार्बन 3 (CH₃) पर तीन H: किरल नहीं। चरण 2: कार्बन 2 पर H, OH, CH₃, COOH: चार अलग। उत्तर: कार्बन 2 किरल केंद्र है।
3. 1-क्लोरोब्यूटेन और 2-क्लोरोब्यूटेन में कौन किरल है?
चरण 1: 1-क्लोरोब्यूटेन: C1 पर दो H; बाकी CH₂/CH₃। कोई किरल केंद्र नहीं। चरण 2: 2-क्लोरोब्यूटेन: C2 पर H, Cl, CH₃, C₂H₅। उत्तर: 2-क्लोरोब्यूटेन किरल है।
4. एक प्रतिबिंबी रूप प्रकाश को +14° घुमाता है। दूसरा रूप और रेसेमिक मिश्रण क्या करेंगे?
चरण 1: प्रतिबिंबी रूप बराबर कोण उलटी दिशा में: −14°। चरण 2: 50 : 50 में +14° और −14° कट जाते हैं। उत्तर: −14°; रेसेमिक मिश्रण 0°।
5. प्रोपेनैल पर HCN योग से बना उत्पाद किरल केंद्र होने पर भी प्रकाशिक निष्क्रिय क्यों है?
चरण 1: C=O कार्बन और उसके समूह एक समतल में हैं। चरण 2: CN⁻ ऊपर या नीचे से बराबर संभावना से आक्रमण करता है। चरण 3: दोनों ओर से अलग प्रतिबिंबी रूप बनते हैं, 50 : 50। उत्तर: रेसेमिक मिश्रण बनता है; घुमाव कट जाते हैं।
6. 2 किरल केंद्र वाले अणु के अधिकतम कितने त्रिविम समावयवी हो सकते हैं?
चरण 1: हर किरल केंद्र की 2 व्यवस्थाएँ। चरण 2: 2 × 2 = 2² = 4। उत्तर: अधिकतम 4 (आंतरिक सममिति हो तो कम)।
आम गलतियाँ
- CH₂ या CH₃ कार्बन को किरल गिनना। उस पर कम से कम दो एक जैसे H हैं।
- हर समूह का केवल पहला परमाणु देखना। CH₂CH₃ और CH₃ अलग समूह हैं।
- कहना कि प्रतिबिंबी रूपों के क्वथनांक अलग हैं। वे एक जैसे हैं; केवल घुमाव की दिशा (और किरल चीज़ों से व्यवहार) अलग है।
- कहना कि रेसेमिक मिश्रण के अणु किरल नहीं। हर अणु किरल है; मिश्रण बस प्रकाशिक निष्क्रिय है।