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डाइऐज़ोनियम लवण: बनाना, गुण और ऐरोमैटिक यौगिक बनाने में उपयोग

डाइऐज़ोनियम लवण Ar–N₂⁺X⁻ होते हैं, जैसे बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड C₆H₅N₂⁺Cl⁻। बनाने का तरीका (डाइऐज़ोटीकरण): ऐनिलीन + NaNO₂ + HCl, 273–278 K पर। यह केवल ठंडे में टिकता है, इसलिए तुरंत इस्तेमाल होता है। गरम करने पर N₂ गैस निकल जाती है। दो तरह की अभिक्रियाएँ: (1) N₂ जाता है और उसकी जगह Cl, Br, CN (सैंडमेयर/गाटरमान), I (KI), F (HBF₄), H (H₃PO₂) या OH (गरम पानी) आता है; (2) N₂ रहता है और फ़ीनॉल या ऐनिलीन से युग्मन होकर रंगीन ऐज़ो रंजक बनते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह है बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम आयन: बेंज़ीन वलय पर –N≡N⁺, साथी Cl⁻। 'डाइ-ऐज़ो' = दो नाइट्रोजन।
  2. बनाना: ऐनिलीन को बर्फ़-ठंडे HCl में लो, NaNO₂ डालो। –NH₂ के दोनों H जाते हैं, एक और N जुड़ता है। 0–5 °C पर रखो।
  3. गरम करो तो आयन टूट जाता है: N₂ गैस निकल जाती है। इसलिए ठंडे में बनाकर तुरंत इस्तेमाल करते हैं।
  4. प्रतिस्थापन: N₂ जाता है और उसी कार्बन पर नया समूह (यहाँ CuCl से Cl) बैठ जाता है।
  5. युग्मन: फ़ीनॉल के साथ N=N बचा रहता है और दो वलयों को जोड़ता है। लंबी एकांतर बंध शृंखला → नारंगी ऐज़ो रंजक।
  6. अब तुम्हारी बारी: कोई भी अभिकर्मक चुनो और उत्पाद देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इसे 'डाइऐज़ोनियम' क्यों कहते हैं?

'डाइ' = दो, 'ऐज़ो' = नाइट्रोजन, '-ओनियम' = धन आयन। यानी दो नाइट्रोजन वाला धन आयन।

ताप 0–5 °C ही क्यों?

लगभग 278 K से ऊपर आयन पानी से अभिक्रिया करके N₂ खोता है और फ़ीनॉल बनता है। 3D में थर्मामीटर लाल होते ही N₂ उड़ जाता है।

N₂ इतना अच्छा 'जाने वाला समूह' क्यों?

N₂ में बहुत मज़बूत त्रिबंध है और यह स्थायी गैस है। बनते ही निकल जाती है, अभिक्रिया आगे बढ़ती है।

नया समूह कहाँ जुड़ता है?

ठीक उसी कार्बन पर जहाँ N₂ था। स्थानों का मिश्रण नहीं बनता।

युग्मन उत्पाद रंगीन क्यों, जबकि शुरुआती पदार्थ नहीं?

–N=N– दो वलयों को जोड़कर एकांतर बंधों की लंबी शृंखला बनाता है, जो दृश्य प्रकाश सोखती है।

बेंज़ीन का सीधा आयोडीनीकरण क्यों नहीं?

सीधा आयोडीनीकरण उत्क्रमणीय और धीमा है। डाइऐज़ोनियम लवण + KI से आयोडोबेंज़ीन आसानी से। free-play में KI चुनो।

डाइऐज़ोनियम लवण क्या है?

डाइऐज़ोनियम लवण का सामान्य सूत्र R–N₂⁺X⁻ है; X⁻ = Cl⁻, Br⁻, HSO₄⁻ या BF₄⁻। –N≡N⁺ को डाइऐज़ोनियम समूह कहते हैं। नाम: मूल नाम + 'डाइऐज़ोनियम' + ऋण आयन: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ = बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड।

ऐरोमैटिक डाइऐज़ोनियम आयन ठंडे में थोड़ी देर टिकते हैं, क्योंकि धन आवेश अनुनाद से वलय में फैल जाता है। ऐलिफैटिक ठंडे में भी तुरंत टूट जाते हैं।

बनाना (डाइऐज़ोटीकरण)

ऐनिलीन को तनु HCl में घोलकर बर्फ़ में 273–278 K (0–5 °C) तक ठंडा करो। फिर सोडियम नाइट्राइट (NaNO₂) का घोल धीरे-धीरे डालो। NaNO₂ + HCl से नाइट्रस अम्ल (HNO₂) वहीं बनता है।

C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O

इसे डाइऐज़ोटीकरण कहते हैं। लवण रखा नहीं जाता, तुरंत अगली अभिक्रिया में लेते हैं।

भौतिक और रासायनिक गुण

भौतिक: बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड रंगहीन क्रिस्टलीय ठोस है, पानी में आसानी से घुलता है, ठंडे में टिकता है पर गरम पानी से अभिक्रिया करता है। सूखा होने पर विघटित हो जाता है। बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम फ्लुओरोबोरेट पानी में अघुलनशील और कमरे के ताप पर स्थायी है।

रासायनिक: दो तरह की अभिक्रियाएँ:

  1. N₂ विस्थापित होता है: वलय N₂ खोकर नया समूह लेता है। N₂ बहुत स्थायी अणु है, इसलिए बहुत अच्छा 'जाने वाला समूह'।
  2. N₂ बना रहता है: युग्मन से ऐज़ो यौगिक।

अभिक्रियाएँ जिनमें N₂ बदला जाता है

अभिक्रियाएँ जिनमें N₂ बना रहता है: युग्मन

डाइऐज़ोनियम आयन कमज़ोर इलेक्ट्रॉनरागी है। यह बहुत इलेक्ट्रॉन-समृद्ध वलय पर पैरा स्थान पर जुड़ता है:

–N=N– (ऐज़ो समूह) दोनों वलयों को जोड़ता है। एकांतर एकल-द्वि बंधों की लंबी शृंखला दृश्य प्रकाश सोखती है, इसलिए उत्पाद रंगीन होता है।

ऐरोमैटिक यौगिक बनाने में डाइऐज़ोनियम लवण क्यों ज़रूरी?

कुछ समूह बेंज़ीन पर सीधे नहीं लगते, या मिश्रण देते हैं:

यानी डाइऐज़ोनियम लवण एक 'स्विचबोर्ड' है: एक ऐनिलीन, कई उत्पाद।

करके देखो: पहले अंदाज़ा, फिर जाँच

3D free-play में: 'दिखाओ' दबाने से पहले बोलो कि N₂ जाएगा या रहेगा। केवल फ़ीनॉल और ऐनिलीन में रहता है।

घर पर (बिना रसायन): रंगीन टॉफ़ी या पेय के पैकेट पर सामग्री पढ़ो: 'सनसेट येलो' या 'टार्ट्राज़ीन' जैसे नाम ऐज़ो रंजक हैं। गिनो कितने मिले।

बोर्ड परीक्षा पर ध्यान

1–3 अंक के प्रश्न: डाइऐज़ोटीकरण का समीकरण; 273–278 K क्यों; नामित अभिक्रियाएँ (सैंडमेयर, गाटरमान, युग्मन); रूपांतरण जैसे बेंज़ीन → फ्लुओरोबेंज़ीन, ऐनिलीन → बेंज़ोइक अम्ल, नाइट्रोबेंज़ीन → 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड बनाने का समीकरण और शर्त लिखो।

चरण 1: ऐनिलीन को तनु HCl में लो। चरण 2: 273–278 K तक ठंडा करके NaNO₂ धीरे डालो। चरण 3: C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O। शर्त: 0–5 °C, क्योंकि गरम होने पर लवण टूट जाता है।

2. ऐनिलीन से क्लोरोबेंज़ीन बनाओ।

चरण 1: डाइऐज़ोटीकरण: ऐनिलीन + NaNO₂ + HCl, 273–278 K → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 2: CuCl/HCl (सैंडमेयर) → C₆H₅Cl + N₂↑।

3. ऐनिलीन से बेंज़ोइक अम्ल बनाओ।

चरण 1: डाइऐज़ोटीकरण → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 2: CuCN/KCN → C₆H₅CN + N₂। चरण 3: अम्ल के साथ जल-अपघटन → C₆H₅COOH।

4. बेंज़ीन से फ्लुओरोबेंज़ीन बनाओ।

चरण 1: नाइट्रीकरण → C₆H₅NO₂। चरण 2: अपचयन (Sn/HCl) → C₆H₅NH₂। चरण 3: डाइऐज़ोटीकरण → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 4: HBF₄ → C₆H₅N₂⁺BF₄⁻। चरण 5: गरम → C₆H₅F + BF₃ + N₂।

5. नाइट्रोबेंज़ीन से 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन बनाओ।

चरण 1: अपचयन → ऐनिलीन। चरण 2: ब्रोमीन जल → 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन (–NH₂ ने Br को o और p पर भेजा)। चरण 3: –NH₂ का डाइऐज़ोटीकरण। चरण 4: H₃PO₂ → N₂ की जगह H → 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन।

6. 0.2 mol बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड को पानी के साथ गरम किया। कितने mol N₂ बनेगी और STP पर आयतन (22.4 L/mol)?

चरण 1: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + H₂O → C₆H₅OH + N₂ + HCl: 1 mol लवण → 1 mol N₂। चरण 2: 0.2 mol N₂। चरण 3: आयतन = 0.2 × 22.4 = 4.48 L।

7. क्षारीय घोल में बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड और फ़ीनॉल से क्या बनता है? उत्पाद रंगीन क्यों?

चरण 1: डाइऐज़ोनियम आयन फ़ीनॉल (फ़ीनॉक्साइड) के पैरा स्थान पर जुड़ता है। चरण 2: N₂ नहीं जाता; –N=N– दोनों वलय जोड़ता है → p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेंज़ीन। चरण 3: लंबी एकांतर बंध शृंखला दृश्य प्रकाश सोखती है → नारंगी।

8. 18.6 g ऐनिलीन (M = 93) से डाइऐज़ोनियम लवण के रास्ते अधिकतम कितना आयोडोबेंज़ीन (M = 204) बनेगा?

चरण 1: ऐनिलीन के मोल = 18.6 ÷ 93 = 0.2 mol। चरण 2: ऐनिलीन → डाइऐज़ोनियम → आयोडोबेंज़ीन, 1 : 1 : 1। चरण 3: 0.2 × 204 = 40.8 g (सैद्धांतिक उपज)।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ऐनिलीन का डाइऐज़ोटीकरण किस ताप पर?
2. ArN₂⁺Cl⁻ + CuCN/KCN से बनता है:
3. –N₂⁺ को H से कौन बदलता है?
4. बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड + फ़ीनॉल (क्षारीय) →
5. फ्लुओरोबेंज़ीन सबसे अच्छा किससे बनता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डाइऐज़ोटीकरण 0–5 °C पर क्यों करते हैं?

गरम होने पर बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड पानी से फ़ीनॉल और N₂ देकर टूट जाता है। बर्फ़-ठंडा रखने से यह टिका रहता है और अगले चरण में काम आता है।

सैंडमेयर और गाटरमान अभिक्रिया में क्या अंतर है?

दोनों –N₂⁺ को Cl या Br से बदलते हैं। सैंडमेयर में कॉपर(I) लवण (CuCl, CuBr, CuCN), गाटरमान में ताँबे का चूर्ण + HCl या HBr।

डाइऐज़ोनियम लवण क्यों ज़रूरी हैं?

इनसे बेंज़ीन पर F, I, CN, OH जैसे समूह लगते हैं जो सीधे नहीं लगते, और युग्मन से ऐज़ो रंजक बनते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12ऐमीन

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