डाइऐज़ोनियम लवण क्या है?
डाइऐज़ोनियम लवण का सामान्य सूत्र R–N₂⁺X⁻ है; X⁻ = Cl⁻, Br⁻, HSO₄⁻ या BF₄⁻। –N≡N⁺ को डाइऐज़ोनियम समूह कहते हैं। नाम: मूल नाम + 'डाइऐज़ोनियम' + ऋण आयन: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ = बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड।
ऐरोमैटिक डाइऐज़ोनियम आयन ठंडे में थोड़ी देर टिकते हैं, क्योंकि धन आवेश अनुनाद से वलय में फैल जाता है। ऐलिफैटिक ठंडे में भी तुरंत टूट जाते हैं।
बनाना (डाइऐज़ोटीकरण)
ऐनिलीन को तनु HCl में घोलकर बर्फ़ में 273–278 K (0–5 °C) तक ठंडा करो। फिर सोडियम नाइट्राइट (NaNO₂) का घोल धीरे-धीरे डालो। NaNO₂ + HCl से नाइट्रस अम्ल (HNO₂) वहीं बनता है।
C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O
इसे डाइऐज़ोटीकरण कहते हैं। लवण रखा नहीं जाता, तुरंत अगली अभिक्रिया में लेते हैं।
भौतिक और रासायनिक गुण
भौतिक: बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड रंगहीन क्रिस्टलीय ठोस है, पानी में आसानी से घुलता है, ठंडे में टिकता है पर गरम पानी से अभिक्रिया करता है। सूखा होने पर विघटित हो जाता है। बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम फ्लुओरोबोरेट पानी में अघुलनशील और कमरे के ताप पर स्थायी है।
रासायनिक: दो तरह की अभिक्रियाएँ:
- N₂ विस्थापित होता है: वलय N₂ खोकर नया समूह लेता है। N₂ बहुत स्थायी अणु है, इसलिए बहुत अच्छा 'जाने वाला समूह'।
- N₂ बना रहता है: युग्मन से ऐज़ो यौगिक।
अभिक्रियाएँ जिनमें N₂ बदला जाता है
- Cl⁻ या Br⁻ से (सैंडमेयर): CuCl/HCl → ArCl + N₂; CuBr/HBr → ArBr।
- गाटरमान: ताँबे का चूर्ण + HCl या HBr → ArCl या ArBr।
- CN⁻ से (सैंडमेयर): CuCN/KCN → ArCN (बेंज़ोनाइट्राइल)। इसका जल-अपघटन → बेंज़ोइक अम्ल।
- I⁻ से: KI के साथ गरम → ArI।
- F⁻ से (बाल्ज़–शीमान): HBF₄ → ArN₂⁺BF₄⁻ (स्थायी ठोस); गरम → ArF + BF₃ + N₂।
- H से: हाइपोफॉस्फोरस अम्ल H₃PO₂ (या एथेनॉल) → बेंज़ीन। –NH₂ का काम पूरा होने पर उसे हटाने में उपयोगी।
- OH से: घोल को लगभग 283 K तक गरम करो → फ़ीनॉल + N₂ + HCl।
- NO₂ से: HBF₄, फिर NaNO₂ और Cu के साथ गरम → नाइट्रोबेंज़ीन।
अभिक्रियाएँ जिनमें N₂ बना रहता है: युग्मन
डाइऐज़ोनियम आयन कमज़ोर इलेक्ट्रॉनरागी है। यह बहुत इलेक्ट्रॉन-समृद्ध वलय पर पैरा स्थान पर जुड़ता है:
- फ़ीनॉल + क्षारीय घोल → p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेंज़ीन (नारंगी रंजक)।
- ऐनिलीन + हल्का अम्लीय घोल → p-ऐमीनोऐज़ोबेंज़ीन (पीला रंजक)।
–N=N– (ऐज़ो समूह) दोनों वलयों को जोड़ता है। एकांतर एकल-द्वि बंधों की लंबी शृंखला दृश्य प्रकाश सोखती है, इसलिए उत्पाद रंगीन होता है।
ऐरोमैटिक यौगिक बनाने में डाइऐज़ोनियम लवण क्यों ज़रूरी?
कुछ समूह बेंज़ीन पर सीधे नहीं लगते, या मिश्रण देते हैं:
- सीधा आयोडीनीकरण और फ्लुओरीनीकरण ठीक से नहीं होता; डाइऐज़ोनियम से ArI और ArF आसानी से।
- –CN सीधे नहीं लगता; सैंडमेयर से लगता है।
- –NH₂ नए समूहों को ऐसी जगह भेज सकता है जहाँ वे आम तौर पर नहीं जाते, फिर H₃PO₂ से हटा दो। उदाहरण: ऐनिलीन से 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन।
यानी डाइऐज़ोनियम लवण एक 'स्विचबोर्ड' है: एक ऐनिलीन, कई उत्पाद।
करके देखो: पहले अंदाज़ा, फिर जाँच
3D free-play में: 'दिखाओ' दबाने से पहले बोलो कि N₂ जाएगा या रहेगा। केवल फ़ीनॉल और ऐनिलीन में रहता है।
घर पर (बिना रसायन): रंगीन टॉफ़ी या पेय के पैकेट पर सामग्री पढ़ो: 'सनसेट येलो' या 'टार्ट्राज़ीन' जैसे नाम ऐज़ो रंजक हैं। गिनो कितने मिले।
बोर्ड परीक्षा पर ध्यान
1–3 अंक के प्रश्न: डाइऐज़ोटीकरण का समीकरण; 273–278 K क्यों; नामित अभिक्रियाएँ (सैंडमेयर, गाटरमान, युग्मन); रूपांतरण जैसे बेंज़ीन → फ्लुओरोबेंज़ीन, ऐनिलीन → बेंज़ोइक अम्ल, नाइट्रोबेंज़ीन → 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O (273–278 K)
- ArN₂⁺Cl⁻ + CuCl/HCl → ArCl + N₂ (सैंडमेयर); CuBr/HBr → ArBr; CuCN/KCN → ArCN
- ArN₂⁺Cl⁻ + Cu/HX → ArX + N₂ (गाटरमान)
- ArN₂⁺Cl⁻ + KI → ArI + KCl + N₂
- ArN₂⁺Cl⁻ + HBF₄ → ArN₂⁺BF₄⁻ → (गरम) ArF + BF₃ + N₂
- ArN₂⁺Cl⁻ + H₃PO₂ + H₂O → ArH + N₂ + H₃PO₃ + HCl
- ArN₂⁺Cl⁻ + H₂O (गरम) → ArOH + N₂ + HCl
- C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + C₆H₅OH (OH⁻) → p-HO–C₆H₄–N=N–C₆H₅ (नारंगी)
हल किए गए उदाहरण
1. बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड बनाने का समीकरण और शर्त लिखो।
चरण 1: ऐनिलीन को तनु HCl में लो। चरण 2: 273–278 K तक ठंडा करके NaNO₂ धीरे डालो। चरण 3: C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O। शर्त: 0–5 °C, क्योंकि गरम होने पर लवण टूट जाता है।
2. ऐनिलीन से क्लोरोबेंज़ीन बनाओ।
चरण 1: डाइऐज़ोटीकरण: ऐनिलीन + NaNO₂ + HCl, 273–278 K → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 2: CuCl/HCl (सैंडमेयर) → C₆H₅Cl + N₂↑।
3. ऐनिलीन से बेंज़ोइक अम्ल बनाओ।
चरण 1: डाइऐज़ोटीकरण → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 2: CuCN/KCN → C₆H₅CN + N₂। चरण 3: अम्ल के साथ जल-अपघटन → C₆H₅COOH।
4. बेंज़ीन से फ्लुओरोबेंज़ीन बनाओ।
चरण 1: नाइट्रीकरण → C₆H₅NO₂। चरण 2: अपचयन (Sn/HCl) → C₆H₅NH₂। चरण 3: डाइऐज़ोटीकरण → C₆H₅N₂⁺Cl⁻। चरण 4: HBF₄ → C₆H₅N₂⁺BF₄⁻। चरण 5: गरम → C₆H₅F + BF₃ + N₂।
5. नाइट्रोबेंज़ीन से 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन बनाओ।
चरण 1: अपचयन → ऐनिलीन। चरण 2: ब्रोमीन जल → 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन (–NH₂ ने Br को o और p पर भेजा)। चरण 3: –NH₂ का डाइऐज़ोटीकरण। चरण 4: H₃PO₂ → N₂ की जगह H → 1,3,5-ट्राइब्रोमोबेंज़ीन।
6. 0.2 mol बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड को पानी के साथ गरम किया। कितने mol N₂ बनेगी और STP पर आयतन (22.4 L/mol)?
चरण 1: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + H₂O → C₆H₅OH + N₂ + HCl: 1 mol लवण → 1 mol N₂। चरण 2: 0.2 mol N₂। चरण 3: आयतन = 0.2 × 22.4 = 4.48 L।
7. क्षारीय घोल में बेंज़ीनडाइऐज़ोनियम क्लोराइड और फ़ीनॉल से क्या बनता है? उत्पाद रंगीन क्यों?
चरण 1: डाइऐज़ोनियम आयन फ़ीनॉल (फ़ीनॉक्साइड) के पैरा स्थान पर जुड़ता है। चरण 2: N₂ नहीं जाता; –N=N– दोनों वलय जोड़ता है → p-हाइड्रॉक्सीऐज़ोबेंज़ीन। चरण 3: लंबी एकांतर बंध शृंखला दृश्य प्रकाश सोखती है → नारंगी।
8. 18.6 g ऐनिलीन (M = 93) से डाइऐज़ोनियम लवण के रास्ते अधिकतम कितना आयोडोबेंज़ीन (M = 204) बनेगा?
चरण 1: ऐनिलीन के मोल = 18.6 ÷ 93 = 0.2 mol। चरण 2: ऐनिलीन → डाइऐज़ोनियम → आयोडोबेंज़ीन, 1 : 1 : 1। चरण 3: 0.2 × 204 = 40.8 g (सैद्धांतिक उपज)।
आम गलतियाँ
- कमरे के ताप पर डाइऐज़ोटीकरण करना। 278 K से ऊपर लवण टूट जाता है, बर्फ़ ज़रूरी है।
- लिखना कि युग्मन में N₂ निकलता है। युग्मन में N=N बचा रहता है; केवल प्रतिस्थापन में N₂ जाता है।
- सैंडमेयर (CuCl, CuBr, CuCN लवण) और गाटरमान (ताँबा चूर्ण + HX) को मिला देना।
- सोचना कि ऐलिफैटिक डाइऐज़ोनियम लवण भी ऐसे ही काम आते हैं। वे तुरंत N₂ और एल्कोहॉल देकर टूट जाते हैं।