सिरेमिक का कच्चा माल
कच्चा माल वे प्राकृतिक खनिज हैं जिनसे हम शुरू करते हैं। हर एक का अपना काम है।
- मिट्टी (क्ले): प्लास्टिकता देती है। गीली मिट्टी का आकार बनता है और सूखकर बना रहता है।
- क्वार्ट्ज़ (सिलिका रेत): कड़ा और स्थिर। यह ढाँचा बनाता है और सिकुड़न व दरार घटाता है।
- फेल्डस्पार: यह फ्लक्स है। फ्लक्स कम तापमान पर पिघलकर भट्ठी में दूसरे कणों को जोड़ देता है।
उन्नत सिरेमिक में एल्युमिना (Al2O3) जैसे शुद्ध पाउडर लगते हैं। वहाँ शुद्धता और कण का आकार और भी ज़रूरी है।
प्रसंस्करण के चरण: तोड़ो, पीसो, छानो, साफ़ करो
1. तोड़ना। जॉ या रोल क्रशर बड़े टुकड़ों को छोटा करता है।
2. पीसना। बॉल मिल एक घूमता ड्रम है जिसमें कड़ी गेंदें होती हैं। गेंदें लुढ़कती हैं और टुकड़ों को पाउडर बना देती हैं। यह सूखा या पानी के साथ (वेट मिलिंग) हो सकता है।
3. छानना। तय मेश वाली छलनी सिर्फ़ महीन कण निकलने देती है। मोटा हिस्सा फिर मिल में जाता है। इसे आकार छँटाई कहते हैं।
4. लोहा हटाना। चुंबकीय विभाजक लोहे के कण खींच लेता है। लोहे से बर्तन काला या दागदार हो सकता है।
5. मिलाना। पाउडर को पानी में मिलाकर स्लिप बनाते हैं, या सुखाकर दाने बनाते हैं ताकि दबाई (प्रेसिंग) हो सके।
बैच की गणना
बैच एक बार के काम के लिए तौला हुआ नुस्ख़ा है। नुस्ख़ा द्रव्यमान के प्रतिशत में दिया जाता है।
पदार्थ का द्रव्यमान = (प्रतिशत ÷ 100) × बैच का द्रव्यमान।
कच्ची मिट्टी में अक्सर पानी होता है। सूखा द्रव्यमान चाहिए तो गीला तौलना है: गीला = सूखा ÷ (1 − w), जहाँ w नमी का अंश है (20% = 0.20)।
गरम करने पर कुछ द्रव्यमान पानी और गैस बनकर निकल जाता है। इसे जलन पर हानि (LOI) कहते हैं: LOI % = (घटा द्रव्यमान ÷ शुरू का द्रव्यमान) × 100।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पदार्थ का द्रव्यमान = (% ÷ 100) × बैच का द्रव्यमान
- गीला द्रव्यमान = सूखा द्रव्यमान ÷ (1 − w) (w = नमी का अंश)
- निकलने का प्रतिशत = (निकला द्रव्यमान ÷ नमूने का द्रव्यमान) × 100
- जलन पर हानि % = (घटा द्रव्यमान ÷ शुरू का द्रव्यमान) × 100
- बैच के सारे प्रतिशत जोड़कर 100% होते हैं
हल किए गए उदाहरण
1. 200 किग्रा के बैच में 50% मिट्टी, 30% क्वार्ट्ज़ और 20% फेल्डस्पार है। हर एक का द्रव्यमान निकालो।
मिट्टी = 0.50 × 200 = 100 किग्रा। क्वार्ट्ज़ = 0.30 × 200 = 60 किग्रा। फेल्डस्पार = 0.20 × 200 = 40 किग्रा। जाँच: 100 + 60 + 40 = 200 किग्रा।
2. 400 ग्राम पाउडर छाना गया। 372 ग्राम निकल गया। कितने प्रतिशत निकला?
निकलने का प्रतिशत = 372 ÷ 400 × 100 = 93%। यानी 7% छलनी पर रुका और मिल में वापस गया।
3. 80 किग्रा सूखी मिट्टी चाहिए। मिट्टी में 20% पानी है। गीली मिट्टी कितनी तौलें?
w = 0.20। गीली = 80 ÷ (1 − 0.20) = 80 ÷ 0.80 = 100 किग्रा।
4. 100 ग्राम मिट्टी गरम करने पर 88 ग्राम बची। जलन पर हानि निकालो।
घटा द्रव्यमान = 100 − 88 = 12 ग्राम। LOI = 12 ÷ 100 × 100 = 12%।
5. 500 किग्रा बैच में 40% सूखी मिट्टी चाहिए। मिट्टी में 10% नमी है। गीली मिट्टी कितनी तौलें?
सूखी मिट्टी = 0.40 × 500 = 200 किग्रा। गीली = 200 ÷ 0.90 = 222.2 किग्रा।
6. बैच में 48% मिट्टी, 32% क्वार्ट्ज़, 20% फेल्डस्पार है। कारखाना 250 किग्रा के 3 बैच बनाता है। कुल फेल्डस्पार कितना चाहिए?
कुल द्रव्यमान = 3 × 250 = 750 किग्रा। फेल्डस्पार = 0.20 × 750 = 150 किग्रा।
आम गलतियाँ
- प्रतिशत जोड़कर 100 न होना। बैच का कुल 100% होना चाहिए।
- नमी भूल जाना। 80 किग्रा गीली मिट्टी में 80 किग्रा सूखी मिट्टी से कम मिट्टी होती है।
- सोचना कि जितना महीन उतना अच्छा। बहुत महीने पाउडर में ज़्यादा पानी लगता है और सूखते समय दरार पड़ सकती है।
- चुंबक वाला चरण छोड़ देना। लोहे के कण दाग देते हैं और पकने के बाद निकलते नहीं।