मोनोक्लोनल एंटीबॉडी क्या है?
हमारी श्वेत रक्त कोशिकाएँ, जिन्हें लिम्फोसाइट कहते हैं, एंटीबॉडी (प्रतिरक्षी) बनाती हैं। एंटीबॉडी Y आकार का प्रोटीन है।
हर एंटीबॉडी सिर्फ़ एक एंटीजन (प्रतिजन) से जुड़ती है। एंटीजन किसी कोशिका या रोगाणु की सतह पर बना ख़ास आकार (प्रोटीन) है।
मोनोक्लोनल का मतलब है "एक क्लोन से"। क्लोन यानी बिलकुल एक जैसी कोशिकाओं का समूह। तो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ढेर सारी एक जैसी एंटीबॉडी हैं जो एक ही एंटीजन से चिपकती हैं।
एक ही चीज़ को निशाना बनाने के कारण इन्हें विशिष्ट कहते हैं।
मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कैसे बनती हैं
- चूहे को चुने हुए एंटीजन का इंजेक्शन दिया जाता है।
- चूहा ऐसी लिम्फोसाइट बनाता है जो मेल खाती एंटीबॉडी बनाती हैं। इन्हें निकाल लिया जाता है।
- लिम्फोसाइट अकेले ठीक से नहीं बँटतीं। इसलिए हर एक को एक ट्यूमर कोशिका (मायलोमा) से जोड़ा जाता है, जो तेज़ी से और बिना रुके बँटती है।
- जुड़ी हुई कोशिका हाइब्रिडोमा कहलाती है। यह एंटीबॉडी बनाती है और बँटती भी रहती है।
- एक हाइब्रिडोमा चुनकर उसका क्लोन बनाया जाता है, जो बहुत सारी एक जैसी एंटीबॉडी बनाता है।
- एंटीबॉडी इकट्ठी करके शुद्ध की जाती हैं।
हाइब्रिडोमा = हाइब्रिड (मिश्रित) + -ओमा (ट्यूमर)।
मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के उपयोग
1. प्रेगनेंसी टेस्ट
गर्भवती महिला के पेशाब में hCG हॉर्मोन होता है। टेस्ट पट्टी पर लगी एंटीबॉडी hCG को पकड़ती हैं। एंटीबॉडी से जुड़े रंगीन कण एक रेखा पर जमा होते हैं, तो रंगीन रेखा = पॉज़िटिव। कंट्रोल रेखा बताती है कि टेस्ट ठीक चला।
2. लैब और अस्पताल जाँच
ख़ून में हॉर्मोन और दूसरे रसायनों की मात्रा नापना, और रोगाणु पहचानना।
3. शोध: अणु ढूँढना
चमकने वाले (फ़्लोरोसेंट) रंग से जुड़ी एंटीबॉडी एक ख़ास अणु से चिपकती है, जिससे दिखता है कि वह कोशिका या ऊतक में कहाँ है, जैसे ख़ून का थक्का या कैंसर कोशिकाएँ।
4. कैंसर जैसे रोगों का इलाज
एंटीबॉडी रेडियोधर्मी पदार्थ, ज़हरीली दवा या बढ़त रोकने वाला रसायन सीधे कैंसर कोशिका तक ले जाती है। कुछ एंटीबॉडी बस कैंसर कोशिका को चिह्नित करती हैं ताकि प्रतिरक्षा तंत्र उसे नष्ट करे।
फ़ायदे और नुक़सान
फ़ायदे: ये सिर्फ़ अपने निशाने से जुड़ती हैं, इसलिए स्वस्थ कोशिकाओं को कम नुक़सान; अलग-अलग एंटीजन के लिए बनाई जा सकती हैं; इनसे जाँच तेज़ और सटीक होती है।
नुक़सान: कुछ इलाजों में उम्मीद से ज़्यादा दुष्प्रभाव हुए (जैसे बुख़ार, उल्टी, चकत्ते, कम रक्तचाप); बनाना महँगा है; चूहों के उपयोग पर कुछ लोगों को नैतिक आपत्ति है।
परीक्षा टिप: "मूल्यांकन करें" वाले प्रश्न में एक फ़ायदा, एक नुक़सान और फिर निष्कर्ष लिखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- एंटीबॉडी (प्रतिरक्षी): लिम्फोसाइट से बना Y आकार का प्रोटीन, जो एक ख़ास एंटीजन से जुड़ता है
- एंटीजन (प्रतिजन): कोशिका या रोगाणु पर बना प्रोटीन आकार जिसे एंटीबॉडी पहचानती है
- हाइब्रिडोमा = लिम्फोसाइट (एंटीबॉडी बनाती है) + ट्यूमर कोशिका (तेज़ी से बँटती है)
- मोनोक्लोनल = सारी एंटीबॉडी एक क्लोन से, सब एक जैसी
- hCG: प्रेगनेंसी टेस्ट से पहचाना जाने वाला हॉर्मोन
हल किए गए उदाहरण
1. सिर्फ़ लिम्फोसाइट उगाने की बजाय उन्हें ट्यूमर कोशिका से क्यों जोड़ते हैं?
लिम्फोसाइट सही एंटीबॉडी बनाती है पर शरीर के बाहर ठीक से नहीं बँटती। ट्यूमर कोशिका तेज़ी से, बिना रुके बँटती है पर काम की एंटीबॉडी नहीं बनाती। हाइब्रिडोमा में दोनों गुण हैं, इसलिए उसका क्लोन बहुत सारी कोशिकाएँ बनाता है जो सब एंटीबॉडी बनाती हैं।
2. प्रेगनेंसी टेस्ट में सिर्फ़ कंट्रोल रेखा दिखी। इसका मतलब?
कंट्रोल रेखा बताती है कि टेस्ट ठीक चला। नतीजे वाली जगह रेखा नहीं, यानी hCG नहीं पकड़ा गया: नतीजा नेगेटिव। अगर कंट्रोल रेखा भी न आए तो टेस्ट ख़राब है।
3. कैंसर की मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा साधारण कीमोथेरेपी से कम नुक़सान क्यों कर सकती है?
साधारण कीमोथेरेपी सभी तेज़ी से बँटने वाली कोशिकाओं पर असर करती है, स्वस्थ कोशिकाओं पर भी। एंटीबॉडी सिर्फ़ कैंसर कोशिका के एंटीजन से जुड़ती है, इसलिए जुड़ी दवा मुख्यतः कैंसर कोशिकाओं तक पहुँचती है।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि चूहा ही हमारे लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी बनाता है। चूहा सिर्फ़ लिम्फोसाइट देता है; एंटीबॉडी लैब में हाइब्रिडोमा क्लोन बनाते हैं।
- एंटीजन और एंटीबॉडी को उलझा देना। एंटीजन कोशिका/रोगाणु पर बना आकार है; एंटीबॉडी उससे चिपकने वाला Y आकार का प्रोटीन।
- यह सोचना कि ये एंटीबायोटिक की तरह रोगाणु मारती हैं। ये निशाने से जुड़ती हैं; मारने का काम जुड़ी दवा या प्रतिरक्षा तंत्र करता है।
- यह कहना कि इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं। शुरुआती इलाजों में उम्मीद से ज़्यादा दुष्प्रभाव हुए।