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कृमि: चपटे, गोल और वलयाकार

कृमि कोमल, लंबे और बिना पैरों वाले जंतु हैं। चपटे कृमि पत्ती जैसे चपटे, गोल कृमि गोल नली जैसे और वलयाकार (केंचुआ) कृमियों का शरीर छल्लों से बना होता है। कई चपटे और गोल कृमि परजीवी हैं जिन्हें पोषी और जीवन चक्र चाहिए। केंचुआ मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. कृमि तीन बड़े समूहों में आते हैं: चपटे, गोल और वलयाकार। उनके शरीर का आकार देखिए।
  2. चपटा कृमि: शरीर पत्ती जैसा पतला। इनमें से कई दूसरे जंतुओं के अंदर परजीवी बनकर रहते हैं।
  3. गोल कृमि: शरीर लंबी गोल नली जैसा। इसमें छल्ले नहीं होते और दोनों सिरे नुकीले होते हैं।
  4. वलयाकार कृमि, जैसे केंचुआ: शरीर कई छल्लों यानी खंडों से बना होता है।
  5. परजीवी का एक रास्ता होता है। अंडे बाहर जाते हैं, सूअर खाता है, लोग मांस खाते हैं। अंडे का पीछा कीजिए।
  6. मिट्टी में केंचुआ: यह मिट्टी खाता और सुरंग खोदता है। सुरंग से हवा-पानी नीचे जाते हैं। बटन आज़माइए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या सभी चपटे कृमि परजीवी होते हैं?

नहीं। प्लेनेरिया जैसे कुछ तालाब में स्वतंत्र रहते हैं। पर फीताकृमि और पर्णाभ कृमि परजीवी हैं।

गोल कृमि और केंचुए में क्या अंतर है?

गोल कृमि चिकनी नली है। केंचुए में छल्ले होते हैं। चरण 2 और 3 की तुलना कीजिए।

केंचुए बारिश में बाहर क्यों आते हैं?

वे त्वचा से साँस लेते हैं जिसे नम रहना चाहिए। पानी भरी मिट्टी में हवा नहीं होती, इसलिए वे ऊपर आ जाते हैं।

फीताकृमि हमें कैसे लगता है?

पुटी वाला कच्चा या अधपका मांस खाने से। चक्र का आखिरी डिब्बा देखिए।

केंचुए में छल्ले क्यों होते हैं?

खंडों से माँसपेशियाँ हर भाग को मोड़ती हैं, इसलिए केंचुआ लहर की तरह रेंग पाता है।

कृमियों के तीन समूह

कृमियों का शरीर कोमल होता है, पैर नहीं होते और रीढ़ भी नहीं होती। वैज्ञानिक इन्हें तीन समूहों में रखते हैं।

परजीवी और उनके जीवन चक्र

परजीवी किसी दूसरे जंतु (पोषी) के ऊपर या अंदर रहता है और उससे भोजन लेता है। परजीवी अक्सर पोषी को नुकसान पहुँचाता है।

परजीवियों में खास लक्षण होते हैं: पकड़ने के लिए हुक और चूषक, मोटी त्वचा जिसे पोषी के पाचक रस नहीं पचा पाते, और बहुत ज़्यादा अंडे, क्योंकि कई अंडे पोषी तक पहुँचने से पहले नष्ट हो जाते हैं।

सूअर के फीताकृमि का जीवन चक्र:

  1. वयस्क फीताकृमि मनुष्य की आँत में रहता है और अंडे देता है। अंडे मल के साथ बाहर आते हैं।
  2. सूअर अंडों लगा भोजन खा लेता है।
  3. अंडों से बच्चे निकलकर सूअर की माँसपेशी (मांस) में पुटी बनकर बैठ जाते हैं।
  4. कोई व्यक्ति कच्चा या अधपका सूअर का मांस खाता है। पुटी बढ़कर नया वयस्क कृमि बन जाती है।

यह चक्र साफ़ शौचालय, हाथ-सब्ज़ियाँ धोने और मांस अच्छे से पकाने से टूट जाता है। एस्केरिस जैसे गोल कृमि गंदे भोजन-पानी से फैलते हैं। हुकवर्म नम मिट्टी से नंगे पैरों के रास्ते घुसता है, इसलिए चप्पल पहनना मदद करता है।

केंचुआ

केंचुआ वलयाकार कृमि है। इसके शरीर में 100 से ज़्यादा छल्ले होते हैं। आगे की ओर हल्की पट्टी (क्लाइटेलम) जनन में मदद करती है। हर छल्ले पर छोटे बाल (सीटी) मिट्टी को पकड़ते हैं। माँसपेशियाँ लहर की तरह शरीर को छोटा-लंबा करती हैं, जिससे केंचुआ रेंगता है।

केंचुआ नम त्वचा से साँस लेता है, इसलिए उसे गीली मिट्टी चाहिए और वह बरसात में बाहर आता है। इसमें बंद रक्त परिसंचरण होता है, लाल रक्त और कई छोटे "हृदय" होते हैं।

यह किसान का मित्र क्यों है: यह सुरंग खोदता है जिससे जड़ों को हवा-पानी मिलता है, मिट्टी की परतें मिलाता है और इसका मल (वर्मीकास्ट) पौधों को भोजन देता है।

तीनों समूहों की तुलना

समूहशरीर का आकारउदाहरण
चपटा कृमिचपटा, छल्ले नहींफीताकृमि, लिवर फ़्लूक
गोल कृमिगोल नली, छल्ले नहींएस्केरिस, हुकवर्म
वलयाकार कृमिगोल, छल्लों वालाकेंचुआ, जोंक

करके देखिए

3D में: तीनों, चपटा, गोल और वलयाकार बटन दबाइए। जीवन चक्र में अंडे का पीछा कीजिए और हर डिब्बे पर बताइए क्या होता है। फिर मिट्टी बटन दबाकर देखिए हवा कहाँ जाती है।

घर या बगीचे में: बारिश के बाद केंचुए खोजिए (उन्हें चोट न पहुँचाएँ)। एक केंचुए के कुछ छल्ले गिनिए। देखिए कि वह लहर की तरह कैसे चलता है। बाद में हाथ धो लें।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक कृमि का शरीर लंबा गोल है, छल्ले नहीं हैं और आहार नली में मुँह और गुदा दोनों हैं। यह किस समूह का है?

यह गोल कृमि (निमेटोड) है।

2. फीताकृमि हज़ारों अंडे क्यों देता है?

ज़्यादातर अंडे सूअर तक कभी नहीं पहुँचते और नष्ट हो जाते हैं। बहुत अंडे देने से कुछ को जीवन चक्र पूरा करने का मौका मिल जाता है।

3. एक केंचुए के 120 छल्ले हैं। बगीचे में 15 केंचुए हैं। कुल कितने छल्ले हुए?

120 x 15 = 1800 छल्ले।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. किस कृमि का शरीर छल्लों से बना है?
2. परजीवी किसके ऊपर या अंदर रहता है?
3. केंचुआ किससे साँस लेता है?
4. फीताकृमि की पुटी सूअर के किस भाग में मिलती है?
5. मांस अच्छी तरह पकाने से क्या होता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चपटे, गोल और वलयाकार कृमि में क्या अंतर है?

चपटे कृमि चपटे होते हैं, गोल कृमि छल्लों के बिना गोल नली होते हैं और वलयाकार कृमियों का शरीर कई छल्लों से बना होता है।

केंचुए को किसान का मित्र क्यों कहते हैं?

यह मिट्टी को ढीला करता है, हवा-पानी अंदर जाने देता है और मल से पौधों को भोजन देता है।

कृमि संक्रमण से कैसे बचें?

साफ़ पानी पिएँ, हाथ और सब्ज़ियाँ धोएँ, मांस अच्छे से पकाएँ, चप्पल पहनें और साफ़ शौचालय इस्तेमाल करें।

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