निडेरिया क्या हैं?
निडेरिया सरल जंतु हैं जो पानी में रहते हैं, ज़्यादातर समुद्र में। हाइड्रा मीठे पानी में रहता है। जेलीफ़िश, समुद्री एनीमोन और मूँगा समुद्र में रहते हैं।
सभी निडेरिया में ये लक्षण होते हैं:
- शरीर थैली या छतरी जैसा होता है।
- मुँह के चारों ओर स्पर्शक होते हैं।
- स्पर्शकों पर भोजन पकड़ने के लिए दंश कोशिकाएँ (निडोसाइट) होती हैं।
- शरीर की दीवार में कोशिकाओं की दो परतें होती हैं और बीच में जेली होती है।
- अंदर एक खाली जगह होती है, आहार-गुहा, जिसका एक ही छेद होता है।
हाइड्रा: शरीर और भोजन
हाइड्रा चावल के दाने जितना लंबा होता है। इसका शरीर नली जैसा होता है। नीचे का सिरा पौधे या पत्थर से चिपका रहता है। ऊपर मुँह होता है जिसके चारों ओर स्पर्शक होते हैं।
यह भोजन कैसे लेता है: जलपिस्सू जैसा छोटा जंतु स्पर्शक को छूता है। दंश कोशिकाएँ पतले धागे छोड़ती हैं। कुछ धागे शिकार को पकड़ते हैं और कुछ विष देते हैं जिससे वह शांत हो जाता है। स्पर्शक मुड़कर भोजन को मुँह में डाल देते हैं। भोजन आहार-गुहा में पचता है। बचा हुआ मल उसी मुँह से बाहर निकलता है।
हाइड्रा में हृदय, फेफड़े या रक्त नहीं होता। ऑक्सीजन पतली त्वचा से अंदर जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड उसी से बाहर निकलती है।
शरीर की दो परतें
शरीर की दीवार में एक बाहरी परत होती है जो पानी को छूती है और एक भीतरी परत जो आहार-गुहा को अस्तर देती है। दोनों के बीच जेली जैसी पतली परत होती है। ऐसे जंतुओं को द्विस्तरीय कहते हैं। केंचुए जैसे ऊँचे जंतुओं में तीन परतें होती हैं।
हाइड्रा में पुनर्जनन और जनन
पुनर्जनन का मतलब है खोए हुए अंग का फिर से उग आना। हाइड्रा को काटने पर हर टुकड़ा, यदि उसमें पर्याप्त कोशिकाएँ हों, पूरा नया हाइड्रा बन सकता है। कोशिकाएँ बँटती हैं और नया मुँह, स्पर्शक और पाद बना लेती हैं।
हाइड्रा मुकुलन (कली बनने) से भी नए हाइड्रा बनाता है। बगल में एक छोटी गाँठ उगती है, उसके अपने स्पर्शक बन जाते हैं और फिर वह अलग हो जाती है। भोजन की कमी में हाइड्रा अंडाणु और शुक्राणु भी बना सकता है।
मूँगा और दूसरे निडेरिया
मूँगा पॉलिप छोटे हाइड्रा जैसा दिखता है जिसके चारों ओर चूने का कठोर कप होता है। हज़ारों पॉलिप जुड़े रहकर एक समूह (कॉलोनी) बनाते हैं। पॉलिप मरने पर उनके कप रह जाते हैं और ऊपर नए पॉलिप उगते हैं। हज़ारों वर्षों में इससे प्रवाल भित्ति बन जाती है।
भित्तियाँ कई मछलियों का घर हैं और तटों को लहरों से बचाती हैं। गरम पानी, गंदा पानी और खुदाई से मूँगा को नुकसान होता है। जेलीफ़िश घंटी के आकार में तैरती है। समुद्री एनीमोन फूल की तरह एक जगह टिका रहता है।
करके देखिए
3D में: भोजन बटन दबाइए और शिकार को मुँह में जाते देखिए। फिर काटें बटन दबाकर नए हाइड्रा गिनिए। कितने टुकड़ों से कितने जंतु बने?
घर पर: अगली बार प्रवाल भित्ति की तस्वीर देखें तो गिनिए कि मूँगा के कितने अलग आकार दिखते हैं। स्पर्शकों के घेरे वाला एक पॉलिप बनाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- निडेरिया का शरीर = 2 कोशिका परतें + 1 आहार-गुहा + 1 छेद + दंश कोशिकाओं वाले स्पर्शक
- हाइड्रा: दंश कोशिकाओं से भोजन; पुनर्जनन; मुकुलन से जनन
- कई पॉलिप साथ = मूँगा समूह; कई समूह लंबे समय में = भित्ति
- रूप: पॉलिप (टिका हुआ, हाइड्रा जैसा) और मेड्यूसा (तैरने वाला, जेलीफ़िश जैसा)
हल किए गए उदाहरण
1. एक हाइड्रा को 3 टुकड़ों में काटा गया और सब टुकड़े ज़िंदा रहे। कुछ दिन बाद कितने हाइड्रा होंगे और इसे क्या कहते हैं?
3 हाइड्रा होंगे। हर टुकड़ा अपने खोए अंग दोबारा बना लेता है। इसे पुनर्जनन कहते हैं।
2. हाइड्रा को फेफड़ों या हृदय की ज़रूरत क्यों नहीं पड़ती?
इसका शरीर बहुत पतला होता है और हर कोशिका पानी के पास रहती है। ऑक्सीजन सीधे त्वचा से अंदर आती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है। भोजन आहार-गुहा से आसानी से फैल जाता है।
3. एक प्रवाल भित्ति हर साल 1 सेमी बढ़ती है। वृद्धि समान रहे तो 50 साल में वह कितनी ऊँची होगी?
50 x 1 सेमी = 50 सेमी।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि हाइड्रा में मुँह और गुदा अलग हैं। इसमें दोनों के लिए एक ही छेद है।
- मूँगा को पत्थर या पौधा समझना। मूँगा जीवित जंतुओं (पॉलिप) से बना है।
- हर डंक मारने वाले समुद्री जीव को मछली कहना। जेलीफ़िश मछली नहीं, निडेरिया है।
- निडेरिया में तीन परतें बताना। इनमें दो परतें और बीच में जेली होती है।