रज्जुकी जंतु क्या हैं?
रज्जुकी वे जंतु हैं जिनमें जीवन की किसी अवस्था में चार लक्षण होते हैं:
- नोटोकॉर्ड, पीठ पर चलने वाली लचीली छड़ जो सहारा देती है।
- नोटोकॉर्ड के ऊपर, पीठ की तरफ़ खोखली तंत्रिका नली। (दूसरे जंतुओं में मुख्य तंत्रिका रज्जु ठोस होती है और पेट की तरफ़ चलती है।)
- गले के भाग में क्लोम छिद्र। स्थलीय जंतुओं में ये केवल भ्रूण में दिखते हैं।
- गुदा के आगे तक जाने वाली पूँछ।
रज्जुकी में आहार नली तंत्रिका नली के नीचे और हृदय पेट की तरफ़ होता है। कृमि, कीट और घोंघे जैसे जंतु, जिनमें ये लक्षण नहीं होते, अरज्जुकी कहलाते हैं।
लांसलेट
लांसलेट (एम्फियोक्सस) लगभग 5 सेमी लंबा समुद्री जंतु है। यह आधा रेत में दबकर रहता है और पानी से छोटे भोजन कण छानता है। इसका शरीर दोनों सिरों पर नुकीला होता है, छोटे चाकू (लैन्सेट) जैसा, इसलिए यह नाम पड़ा।
इसमें चारों रज्जुकी लक्षण जीवन भर रहते हैं: नोटोकॉर्ड सिर से पूँछ तक है, तंत्रिका नली उसके ऊपर है, कई क्लोम छिद्र भोजन छानते हैं और पूँछ आहार नली के आगे तक जाती है। इसमें खोपड़ी और रीढ़ नहीं होती, इसलिए यह रज्जुकी है पर कशेरुकी नहीं। यह दिखाता है कि बहुत पहले रज्जुकी कैसे दिखते होंगे।
नोटोकॉर्ड से रीढ़ तक: कशेरुकी
कशेरुकियों में नोटोकॉर्ड भ्रूण में होता है पर उसकी जगह रीढ़ की हड्डी (कशेरुक दंड) ले लेती है, जो छोटी हड्डियों यानी कशेरुकाओं से बनी होती है। तंत्रिका नली का आगे का सिरा मस्तिष्क बन जाता है जो खोपड़ी में सुरक्षित रहता है। रीढ़ मेरुरज्जु की रक्षा करती है, मज़बूत सहारा देती है और माँसपेशियों को खींचने की जगह देती है।
कशेरुकियों के पाँच वर्ग हैं:
- मछलियाँ: गिल, पंख, शल्क, पानी में रहती हैं।
- उभयचर: बच्चे पानी में, वयस्क जल-थल दोनों में।
- सरीसृप: सूखी शल्की त्वचा, ज़मीन पर अंडे देते हैं।
- पक्षी: पंख, डैने, गरम रक्त वाले।
- स्तनधारी: बाल, बच्चों को दूध, गरम रक्त वाले।
कशेरुकी या नहीं?
| जंतु | रज्जुकी? | कशेरुकी? |
|---|---|---|
| लांसलेट | हाँ | नहीं (केवल नोटोकॉर्ड) |
| रोहू मछली | हाँ | हाँ |
| केंचुआ | नहीं | नहीं |
| मनुष्य | हाँ | हाँ |
सभी कशेरुकी रज्जुकी हैं, पर सभी रज्जुकी कशेरुकी नहीं हैं।
करके देखिए
3D में: आखिरी चरण पर जाइए। नोटोकॉर्ड बंद कीजिए। फिर रीढ़ स्लाइडर खींचिए। कौन-से भाग अब भी दिखते हैं?
अपने शरीर पर: पीठ के बीचोंबीच उँगलियाँ फेरकर रीढ़ की गाँठें महसूस कीजिए। गर्दन और ऊपरी पीठ में कितनी गाँठें गिन सकते हैं?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रज्जुकी = नोटोकॉर्ड + पृष्ठ खोखली तंत्रिका नली + क्लोम छिद्र + गुदा-पश्च पूँछ (किसी अवस्था में)
- कशेरुकी = रीढ़ और खोपड़ी वाला रज्जुकी (नोटोकॉर्ड की जगह कशेरुकाएँ)
- लांसलेट = रज्जुकी, कशेरुकी नहीं
- कशेरुकियों के पाँच वर्ग: मछली, उभयचर, सरीसृप, पक्षी, स्तनधारी
हल किए गए उदाहरण
1. क्या मेंढक रज्जुकी है? क्या कशेरुकी है? कारण बताइए।
दोनों हाँ। टैडपोल में नोटोकॉर्ड, तंत्रिका नली, क्लोम छिद्र और पूँछ दिखते हैं। वयस्क मेंढक में रीढ़ होती है।
2. रज्जुकी में मुख्य तंत्रिका रज्जु कहाँ होती है, केंचुए की तुलना में?
रज्जुकी में वह पीठ की तरफ़ (आहार नली के ऊपर) खोखली नली होती है। केंचुए में वह पेट की तरफ़ ठोस रज्जु होती है।
3. खरगोश की रीढ़ में 50 कशेरुकाएँ हैं। साँप में लगभग 6 गुना हैं। साँप में लगभग कितनी हैं?
50 x 6 = 300 कशेरुकाएँ।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि सभी रज्जुकी में रीढ़ होती है। लांसलेट में केवल नोटोकॉर्ड होता है।
- नोटोकॉर्ड और रीढ़ को एक समझना। नोटोकॉर्ड नरम छड़ है; रीढ़ हड्डियों से बनी है।
- यह कहना कि रज्जुकी में तंत्रिका रज्जु पेट की तरफ़ होती है। वह पीठ की तरफ़, नोटोकॉर्ड के ऊपर होती है।
- यह भूल जाना कि स्थलीय जंतुओं में क्लोम छिद्र केवल भ्रूण में हो सकते हैं।