सरीसृप क्या हैं?
सरीसृप रेंगने या सरकने वाले कशेरुकी (रीढ़ वाले) जंतु हैं। 'सरीसृप' शब्द का अर्थ है 'सरक कर चलने वाला'।
उदाहरण: छिपकली, गिरगिट, साँप, कछुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल।
मुख्य लक्षण
- सूखी शल्क वाली त्वचा। शल्क पानी बचाते हैं, इसलिए सरीसृप रेगिस्तान में भी रह लेते हैं। साँप समय-समय पर पुरानी त्वचा उतारता है, इसे केंचुली उतारना (निर्मोचन) कहते हैं।
- फेफड़े। ये हमेशा फेफड़ों से हवा में साँस लेते हैं।
- शीत-रक्तीय। शरीर का ताप हवा के साथ बदलता है। गर्म होने के लिए धूप में बैठते हैं और ठंडे होने के लिए छाँव में जाते हैं।
- चमड़े जैसे खोल वाले अंडे। ज़्यादातर ज़मीन पर अंडे देते हैं। कुछ साँप और छिपकलियाँ सीधे बच्चे देती हैं।
- हृदय। ज़्यादातर में तीन कक्ष; मगरमच्छ में चार।
सरीसृपों के चार समूह
- छिपकलियाँ (गिरगिट, गेको, गोह): चार पैर, ज़्यादातर की पूँछ टूटकर दोबारा उग जाती है।
- साँप: पैर नहीं, लंबा शरीर, पलकें नहीं। ये जीभ से सूँघते हैं। सभी ज़हरीले नहीं होते।
- कछुए: पीठ पर सख़्त खोल। कछुआ पानी में और स्थल कछुआ (टॉर्टॉइज़) ज़मीन पर रहता है।
- मगरमच्छ और घड़ियाल: बड़े मज़बूत जबड़े, लंबी पूँछ, नदी-झील के पास रहते हैं।
सरीसृप और उभयचर में अंतर
दोनों शीत-रक्तीय हैं। पर उभयचर की त्वचा गीली और नंगी होती है, अंडे नरम और पानी में होते हैं और बच्चे गिल्स से साँस लेते हैं। सरीसृप की त्वचा सूखी और शल्कदार होती है, अंडों पर खोल होता है और जन्म से फेफड़ों से साँस लेते हैं। इसीलिए सरीसृप पानी से दूर भी रह सकते हैं।
खुद करो
3D में हवा का तापमान 10 डिग्री रखकर सरीसृप को देखो। फिर 35 डिग्री करो और लिखो कि वह कितना तेज़ चलने लगा। घर पर सुबह और दोपहर में दीवार की छिपकली की दौड़ की तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सरीसृप = रेंगने वाला कशेरुकी
- सूखी शल्कदार त्वचा + फेफड़े + ज़मीन पर खोल वाले अंडे + शीत-रक्तीय
- चार समूह: छिपकली, साँप, कछुए, मगरमच्छ
- शीत-रक्तीय जंतु का शरीर-ताप हवा के ताप के साथ चलता है
हल किए गए उदाहरण
1. सरीसृप रेगिस्तान में रह सकता है पर मेंढक नहीं, क्यों?
सरीसृप की सूखी शल्कदार त्वचा पानी रोकती है और उसके अंडों पर खोल होता है। मेंढक को गीली त्वचा चाहिए और वह पानी में अंडे देता है।
2. छिपकली सुबह 8 बजे सुस्त और दोपहर में तेज़ क्यों होती है?
वह शीत-रक्तीय है। सुबह हवा ठंडी है इसलिए शरीर ठंडा और सुस्त है। दोपहर तक धूप से शरीर गर्म हो जाता है और वह तेज़ चलती है।
3. समूह बताओ: गेको, कोबरा, स्थल कछुआ, एलीगेटर।
गेको: छिपकली। कोबरा: साँप। स्थल कछुआ: कछुओं का समूह। एलीगेटर: मगरमच्छ का समूह।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि साँप चिपचिपा होता है। उसकी त्वचा सूखी और चिकनी होती है।
- यह कहना कि सभी सरीसृप अंडे देते हैं। ज़्यादातर देते हैं पर कुछ साँप और छिपकलियाँ सीधे बच्चे देती हैं।
- सरीसृप को ठंडा जानवर समझना। शीत-रक्तीय का मतलब है शरीर की गर्मी हवा पर निर्भर है; धूप में वे गर्म हो सकते हैं।
- कछुआ और स्थल कछुआ (टॉर्टॉइज़) को एक मानना। कछुआ ज़्यादातर पानी में और टॉर्टॉइज़ ज़मीन पर रहता है।