उभयचर क्या होते हैं?
उभयचर वे जंतु हैं जो जीवन का कुछ भाग पानी में और कुछ भाग ज़मीन पर बिताते हैं।
उदाहरण: मेंढक, भेक (टोड), न्यूट, सैलामैंडर और बिना पैर वाला सिसिलियन।
- रीढ़ की हड्डी होती है, इसलिए ये कशेरुकी हैं।
- ये शीत-रक्तीय हैं: शरीर का ताप आसपास की हवा या पानी जितना रहता है।
- त्वचा पतली, नंगी और गीली होती है। शल्क, पंख या बाल नहीं।
- हृदय में तीन कक्ष होते हैं।
पानी में जीवन: अंडा और टैडपोल
मादा पानी में सैकड़ों नरम अंडे देती है। अंडों पर सिर्फ़ जेली होती है, इसलिए हवा में ये सूख जाएँगे। इसी कारण उभयचरों को प्रजनन के लिए पानी में लौटना पड़ता है।
टैडपोल की पूँछ तैरने के लिए और गिल्स साँस के लिए होते हैं। उसके हृदय में दो कक्ष होते हैं और वह पानी के पौधे खाता है।
कायांतरण: ज़मीन के जंतु में बदलना
कायांतरण (मेटामॉर्फोसिस) का मतलब है शरीर के आकार में बड़ा बदलाव। मेंढक में इसमें कुछ हफ़्ते से कुछ महीने लगते हैं।
- पिछले पैर उगते हैं।
- अगले पैर उगते हैं।
- पूँछ छोटी होती है और शरीर उसकी सामग्री दोबारा इस्तेमाल करता है।
- गिल्स ग़ायब होते हैं और फेफड़े बनते हैं।
- मुँह चौड़ा होता है और जंतु कीड़े खाने लगता है।
ज़मीन पर जीवन: साँस और त्वचा
वयस्क मेंढक तीन तरह से साँस लेता है: फेफड़ों से, पतली गीली त्वचा से और मुँह की भीतरी परत से। ऑक्सीजन त्वचा से तभी जा सकती है जब त्वचा गीली हो। इसीलिए मेंढक पानी या नमी वाली जगह के पास रहते हैं।
सर्दी में कई मेंढक ज़मीन के नीचे सो जाते हैं। ठंड की इस नींद को शीत-निष्क्रियता (हाइबरनेशन) और गर्मी की नींद को ग्रीष्म-निष्क्रियता (एस्टिवेशन) कहते हैं।
खुद करो
3D में स्लाइडर चलाओ। चलाने से पहले अंदाज़ा लगाओ: गिल्स किस चरण में ग़ायब होंगे? फिर जाँचो। घर पर बरसात में तालाब में अंडे ढूँढो (हाथ से मत छुओ) या पाँचों चरण एक कतार में बनाकर बदलाव लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उभयचर = उभय (दोनों) + चर (रहने वाला)
- जीवन-चक्र: अंडा → टैडपोल → पैरों वाला टैडपोल → छोटा मेंढक → वयस्क
- बच्चा: गिल्स + पूँछ। वयस्क: फेफड़े + त्वचा + पैर।
- शीत-रक्तीय, 3 कक्ष वाला हृदय, गीली नंगी त्वचा, पानी में नरम अंडे
हल किए गए उदाहरण
1. मेंढक को अंडे पानी में क्यों देने पड़ते हैं?
मेंढक के अंडे पर कठोर खोल नहीं, केवल नरम जेली होती है। हवा में वह सूख जाएगा, इसलिए पानी चाहिए।
2. टैडपोल के दो अंग बताओ जो वयस्क मेंढक में नहीं होते।
पूँछ और गिल्स। पूँछ तैरने के लिए और गिल्स पानी में साँस लेने के लिए हैं।
3. मेंढक कई घंटे सूखी धूप में बैठा रहे तो क्या दिक़्क़त होगी और क्यों?
त्वचा सूख जाएगी। त्वचा से गैसों का आदान-प्रदान गीली सतह पर होता है, इसलिए ऑक्सीजन कम मिलेगी और वह मर सकता है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि भेक (टोड) उभयचर नहीं है। भेक भी उभयचर है, बस उसकी त्वचा ज़्यादा सूखी और खुरदरी होती है।
- टैडपोल को मछली कहना। वह मछली की तरह गिल्स से साँस लेता है पर बड़ा होकर चार पैर और फेफड़ों वाला जंतु बनता है।
- यह सोचना कि उभयचर पानी से बहुत दूर रह सकते हैं। त्वचा गीली रखने और प्रजनन के लिए उन्हें पानी या नमी चाहिए।
- पूँछ का 'गिर जाना' मानना। कायांतरण में पूँछ धीरे-धीरे शरीर में सोख ली जाती है।