Poland Liceum ogólnokształcące, klasa II Civic Education
अध्याय: 5
1. Me and society
Being a good citizen · Optional topics (teacher chooses at least one optional requirement)
- नागरिकता: पूर्ण और समान सदस्यता – नागरिकता किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता है। नागरिकों को वोट, सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे बराबर अधिकार मिलते हैं और वे कर्तव्य बाँटते हैं। इतिहास बताता है कि बराबर अधिकार मज़दूरों, महिलाओं, अश्वेत अमेरिकियों और दूसरे समूहों के संघर्ष से मिले; आज भी गरीब प्रवासी, झुग्गीवासी और आदिवासी अपने अधिकारों के पूरे उपयोग के लिए संघर्ष करते हैं। नागरिकता राष्ट्र से जुड़ी है: हर राज्य तय करता है कि नागरिक कौन है। भारत जन्म, वंश, पंजीकरण या देशीयकरण से नागरिकता देता है, धर्म, जाति या भाषा से नहीं। सार्वभौमिक नागरिकता का आदर्श है कि हर व्यक्ति कहीं का पूरा सदस्य हो, जो राज्यविहीन लोगों और शरणार्थियों के पास अभी नहीं है। विश्व नागरिकता पूरी मानवता की परवाह सिखाती है, जबकि राष्ट्रीय नागरिकता अब भी हमारे अधिकारों की रक्षा करती है।
- सामाजिक समस्याएँ: ये क्या हैं और इन्हें कैसे हल करें – सामाजिक समस्या ऐसी स्थिति है जो बहुत लोगों को नुकसान पहुँचाती है, जिसे बहुत लोग हानिकारक मानते हैं, जिसके कारण समाज की बनावट में हैं, और जिसे लोग मिलकर बदल सकते हैं। बेरोज़गारी, प्रदूषण, किशोरों में फ़ोन का ज़्यादा उपयोग और बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी इसके उदाहरण हैं। समाजशास्त्री इन्हें अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखते हैं, सबूत से जाँचते हैं, कारण और प्रभाव खोजते हैं और हल आज़माते हैं।
2. School as a community
School rules and self-government · Optional topics (teacher chooses at least one optional requirement)
- नागरिक सहभागिता: नागरिक कैसे भाग लेते हैं – नागरिक सहभागिता यानी अपने समुदाय और देश के जीवन में भाग लेना। यह एक सीढ़ी जैसी है: जानकारी रखें, वोट दें, समूहों से जुड़ें, स्वेच्छा से सेवा करें, फिर आयोजन और अभियान करें। नागरिक चुनाव में प्रतिनिधि चुनते हैं और जनमत संग्रह में एक प्रश्न का सीधा उत्तर देते हैं। वे राजनीतिक दलों (जो सरकार चलाना चाहते हैं), मज़दूर संघों (जो मज़दूरों की रक्षा करते हैं) और संगठनों या NGO (जो साझा उद्देश्य के लिए काम करते हैं) से जुड़ते हैं। चुनावों के बीच वे याचिका पर हस्ताक्षर करते हैं, सेवा करते हैं, स्थानीय झगड़ों में मध्यस्थता करते हैं और तथ्य जाँचकर ऑनलाइन अभियान चलाते हैं। व्हिसलब्लोअर छिपे ग़लत काम उजागर करते हैं, और स्वतंत्र प्रेस व जनमत उसे कार्रवाई में बदलते हैं। कोई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करना ये सब कौशल सिखाता है: योजना, टीमवर्क और ज़िम्मेदारी।
- मध्यस्थता: भाषाओं, माध्यमों और लोगों के बीच अर्थ कैसे पहुँचाएँ – मध्यस्थता का मतलब है दो पक्षों को एक-दूसरे को समझने में मदद करना। भाषा सीखने में मध्यस्थ एक भाषा या माध्यम की जानकारी दूसरी में पहुँचाता है — शब्द-दर-शब्द नहीं, बल्कि वे मुख्य बातें जो सुनने वाले को चाहिए, उन शब्दों में जो वह समझे। तुम ज़रूरी बातें चुनते हो, भाषा बदलते हो, सुनने वाले के हिसाब से शैली बदलते हो, और कभी-कभी चार्ट या तस्वीर को शब्दों में बताते हो। स्कूल मध्यस्थता में एक तटस्थ छात्र या शिक्षक झगड़े वाले दो लोगों को बात करने, सुनने और अपना निष्पक्ष हल ढूँढने में मदद करता है।
3. Local and regional community
Local self-government and participation · Optional topics (teacher chooses at least one optional requirement)
- स्थानीय शासन – स्थानीय शासन लोकतंत्र को गाँव और शहर के स्तर तक लाता है, जहाँ लोग अपनी समस्याएँ सबसे अच्छी तरह जानते हैं। भारत में स्थानीय निकाय 1882 से थे, पर दशकों तक कमज़ोर रहे। 1992 के 73वें (ग्रामीण) और 74वें (शहरी) संशोधनों ने पंचायतों और नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा, नियमित चुनाव, महिलाओं, SC और ST के लिए आरक्षण, और विषयों की सूची व धन दिया।
- स्थानीय इतिहास: अपनी जगह की कहानी खोजो – स्थानीय इतिहास किसी एक ऐसी जगह का इतिहास है जहाँ तुम जा सकते हो: गाँव, शहर, मोहल्ला, स्कूल या इमारत। तुम एक सवाल पूछते हो, इमारतों, नक्शों, अभिलेखों, फ़ोटो, स्मारकों और लोगों की यादों में सुराग़ ढूँढते हो, और स्थानीय घटनाओं को बड़ी राष्ट्रीय और विश्व घटनाओं से जोड़ते हो। इससे बदलाव और निरंतरता दिखती है, आज के स्थानीय मुद्दे समझ आते हैं और विरासत बचती है।
4. Democracy and law
Democracy and its threats · Law in everyday life · Optional topics (teacher chooses at least one optional requirement)
- लोकतंत्र – लोकतंत्र का मतलब है जनता का शासन। लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में अपने शासक चुनते हैं, हर वयस्क का एक वोट होता है जिसका मूल्य बराबर है, और सरकार को कानून मानना और अधिकारों का सम्मान करना होता है। लोकतंत्र प्रत्यक्ष या प्रतिनिधि हो सकता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ें पुरानी हैं; आज यहाँ संसदीय प्रणाली है, जबकि अमेरिका में अध्यक्षात्मक। गरीबी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानता इसकी मुख्य चुनौतियाँ हैं।
- लोकतंत्र के परिणाम – लोकतंत्र को उसके नतीजों से परखते हैं। यह जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार देता है और गरिमा व आज़ादी की रक्षा में सबसे अच्छा है। आर्थिक वृद्धि में यह तानाशाही जितना ही है। असमानता और गरीबी घटाने में इसने काफ़ी नहीं किया। जब बहुमत और अल्पमत बदलते रहें, तो यह सामाजिक मतभेद अच्छे से सँभालता है।
- कानून क्या है? बुनियादी बातें – कानून सामान्य, बाध्यकारी नियमों का समूह है जिसे राज्य बनाता या मान्यता देता है और अदालतें लागू करती हैं। यह नैतिकता से मिलता है पर वही नहीं है। इसके स्रोत हैं संविधान, संधियाँ, अधिनियम, नियम, न्यायिक निर्णय और रीति-रिवाज, जो एक क्रम में सजे हैं। प्राकृतिक व्यक्ति और विधिक व्यक्ति (जैसे कंपनी) अधिकार और कर्तव्य रखते हैं। रोज़मर्रा के कानून में अनुबंध, उपभोक्ता संरक्षण और अदालत तक पहुँच आते हैं।
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
5. Poland – power, politics and the public sphere
How the state works · Politics, civil society and media · Optional topics (teacher chooses at least one optional requirement)
- शक्तियों का पृथक्करण – शक्तियों के पृथक्करण का मतलब है राज्य की शक्ति को तीन अंगों में बाँटना: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है, और न्यायपालिका क़ानून की व्याख्या करके विवाद सुलझाती है। हर अंग में अलग लोग होते हैं। नियंत्रण और संतुलन से हर अंग दूसरों को सीमित करता है, ताकि कोई सर्वशक्तिमान न बने। संसदीय व्यवस्था में विधायिका और कार्यपालिका जुड़ी रहती हैं; अध्यक्षात्मक में ज़्यादा अलग। शक्ति राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय स्तरों में भी बँटती है।
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।