मध्यस्थता क्या है?
मध्यस्थता का मतलब है बीच में खड़े होकर दो पक्षों को समझने में मदद करना। भाषा की परीक्षा और कक्षा में मध्यस्थता का काम तुमसे जानकारी आगे पहुँचाने को कहता है:
- एक भाषा के पाठ से दूसरी भाषा में (जैसे अंग्रेज़ी → हिंदी, फ़्रेंच → अंग्रेज़ी, पोलिश → जर्मन);
- विदेशी भाषा के पाठ से उसी भाषा में, पर सरल करके, किसी दूसरे सुनने वाले के लिए;
- तस्वीर, चार्ट या वीडियो से बोले या लिखे शब्दों में।
मध्यस्थता अनुवाद नहीं है। अनुवादक हर विचार उसी क्रम में रखता है। मध्यस्थ सिर्फ़ वह रखता है जो सुनने वाले को चाहिए, उस रूप में जो उसकी सबसे ज़्यादा मदद करे।
मध्यस्थता कैसे करें: चार चरण
- काम पढ़ो: सुनने वाला कौन है? उसे क्या जानना है? औपचारिक या अनौपचारिक?
- चुनो: सिर्फ़ वे तथ्य रेखांकित करो जो उसकी ज़रूरत का जवाब हैं (तारीख़, क़ीमत, नियम, कारण)। उदाहरण और फ़ालतू विवरण छोड़ो।
- बदलो और ढालो: लक्ष्य भाषा में अपने सरल शब्दों में कहो। सही शैली (रजिस्टर) लो: दोस्त के लिए 'अरे, बात ये है कि…'; औपचारिक ईमेल के लिए 'विद्यालय अभिभावकों को सूचित करता है कि…'।
- जाँचो: सब ज़रूरी बातें हैं? छोटा और साफ़ है? कहीं अपनी राय तो नहीं जोड़ दी? (जब तक न कहा जाए, मत जोड़ो।)
काम के वाक्यांश: 'इसमें लिखा है कि…', 'मुख्य बात यह है…', 'छोटे में…', 'वे सुझाव देते हैं कि…', 'इसका मतलब है आपको…'।
दृश्य और दृश्य-श्रव्य सामग्री की मध्यस्थता
कभी-कभी जानकारी चार्ट, नक्शे, समय-सारणी, फ़ोटो या वीडियो में होती है। उसे शब्दों में बदलो:
- बताओ यह क्या दिखाता है: 'यह बार चार्ट बताता है कि छात्र स्कूल कैसे आते हैं।'
- सबसे बड़ा और सबसे छोटा बताओ: 'ज़्यादातर छात्र पैदल आते हैं (40%); सिर्फ़ 5% कार से।'
- एक रुझान या तुलना बताओ: '2020 से साइकिल वाले दोगुने हो गए।'
- वीडियो के लिए बताओ: कौन, कहाँ, क्या होता है और मुख्य संदेश।
स्कूल और साथी मध्यस्थता
स्कूल मध्यस्थता में एक प्रशिक्षित, तटस्थ छात्र (साथी मध्यस्थ) या बड़ा व्यक्ति दो छात्रों को ख़ुद झगड़ा सुलझाने में मदद करता है। मध्यस्थ फ़ैसला नहीं सुनाता।
- नियम: दोनों बारी-बारी बोलने, गाली न देने, बात गोपनीय रखने पर राज़ी होते हैं।
- सुनना: हर पक्ष अपनी बात कहता है; मध्यस्थ उसे शांत शब्दों में दोहराता है।
- ज़रूरत ढूँढना: हर व्यक्ति को असल में क्या चाहिए (सम्मान, न्याय, अपनी किताब वापस)?
- विकल्प: दोनों हल सुझाते हैं।
- समझौता: वे एक निष्पक्ष हल चुनते हैं, लिखते हैं और बाद में जाँचते हैं।
अच्छे मध्यस्थ ध्यान से सुनते हैं, 'मैं' वाले वाक्य बोलते हैं, शांत हाव-भाव रखते हैं और दोनों के साथ निष्पक्ष रहते हैं। धमकाना (बुलिंग), हिंसा या शोषण जैसी गंभीर समस्याएँ किसी बड़े के पास जाती हैं, सिर्फ़ साथी मध्यस्थता तक नहीं।
मध्यस्थता के काम में आम ग़लतियाँ
- शब्द-दर-शब्द अनुवाद करना और समय ख़त्म हो जाना।
- मूल पाठ से पूरे वाक्य नक़ल करना।
- सुनने वाले की माँगी कोई ज़रूरी बात छोड़ देना (जैसे तारीख़)।
- ग़लत शैली: दोस्त के लिए बहुत औपचारिक, शिक्षक के लिए बहुत बेतकल्लुफ़।
- अपनी राय या ऐसे नए तथ्य जोड़ना जो मूल में नहीं हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मध्यस्थता = चुनो → भाषा/माध्यम बदलो → सुनने वाले के हिसाब से ढालो → जाँचो
- मध्यस्थता ≠ अनुवाद: अर्थ और मुख्य बातें, हर शब्द नहीं
- शैली (रजिस्टर): अनौपचारिक (दोस्त) बनाम औपचारिक (शिक्षक, सरकारी ईमेल)
- चार्ट शब्दों में: क्या दिखाता है → सबसे बड़ा/छोटा → एक रुझान
- साथी मध्यस्थता: नियम → सुनना → ज़रूरतें → विकल्प → समझौता
हल किए गए उदाहरण
1. एक फ़्रेंच पोस्टर कहता है कि संग्रहालय की स्कूल यात्रा 12 मई को है, €15 लगेंगे, सुबह 8 बजे निकलेंगे, और छात्र खाना, कॉपी और कोट लाएँ। तुम्हारी अंग्रेज़ी बोलने वाली दोस्त पूछती है: 'कब है और क्या लाना है?' मध्यस्थता करो।
'It's on 12 May. We leave at 8 in the morning. Bring lunch, a notebook and a coat. It costs 15 euros.' — सिर्फ़ वही जो दोस्त ने पूछा, सरल अंग्रेज़ी में।
2. बार चार्ट: पैदल 40%, बस 35%, साइकिल 20%, कार 5%। इसे एक-दो वाक्यों में बताओ।
'चार्ट बताता है कि छात्र स्कूल कैसे आते हैं। ज़्यादातर पैदल (40%), फिर बस (35%); सिर्फ़ 5% कार से आते हैं।'
3. दो सहपाठी झगड़ रहे हैं: रिया कहती है अमन ने उसका पेन तोड़ा; अमन कहता है वह पहले से टूटा था। साथी मध्यस्थ के रूप में पहले और आख़िर में क्या करोगे?
पहले नियम तय करो (बारी-बारी, कोई अपमान नहीं) और दोनों को बोलने दो। आख़िर में उन्हें ऐसे हल पर राज़ी होने में मदद करो जो दोनों मानें, जैसे नए पेन का ख़र्च बाँटना, और उसे लिख लो।
आम गलतियाँ
- मुख्य बातें चुनने की जगह हर शब्द का अनुवाद करना।
- सुनने वाले ने जो ख़ास तौर पर पूछा, वही छोड़ देना।
- दोस्त और सरकारी ईमेल दोनों के लिए एक ही औपचारिक शैली।
- साथी मध्यस्थ के रूप में एक का पक्ष लेना या ख़ुद हल तय कर देना।