क़दमों से असली उदाहरण तक
केस यानी जिस व्यक्ति की हम देखभाल करते हैं उसकी सच्ची कहानी। व्यवहार में हम देखभाल प्रक्रिया को भरने वाला फ़ॉर्म नहीं, सोचने का तरीक़ा मानते हैं और दूसरों के काम आने वाली छोटी पंक्तियाँ लिखते हैं।
हमारा उदाहरण: कुमार जी, 72 साल। तीन महीने पहले उन्हें लकवा हुआ। दाहिना हाथ कमज़ोर है, बोलना धीमा पर साफ़ है, और उन्हें दाल-चावल पसंद है। वे बेटे के परिवार के साथ रहते हैं और खाना गिराने के कारण अपने कमरे में अकेले खाते हैं। वे कहते हैं, "मैं पोते-पोतियों के साथ मेज़ पर बैठना चाहता हूँ।"
उदाहरण में जानकारी और आकलन
देखकर, उनसे पूछकर और परिवार से पूछकर मिले तथ्य:
- शरीर: दाहिना हाथ कमज़ोर, बायाँ मज़बूत, स्थिर बैठ सकते हैं।
- मन: साफ़, खाने के समय उदास।
- घर: ऊँची मेज़, सादी थाली और पतली चम्मच।
- लोग: परिवार मदद को तैयार।
- इच्छा: परिवार के साथ मेज़ पर खाना।
आकलन: ताक़त हैं मज़बूत बायाँ हाथ, साफ़ मन और प्यार करने वाला परिवार। कठिनाई है पतली फिसलने वाली चम्मच और सपाट थाली। अकेले खाने का कारण खाना गिराने की शर्म है, भूख की कमी नहीं।
उदाहरण में जीवन-समस्या और लक्ष्य
जीवन-समस्याएँ: (1) चम्मच ठीक से पकड़ और चला नहीं पाते, (2) खाने के समय अकेलापन और शर्म।
दीर्घकालिक लक्ष्य: रोज़ परिवार की मेज़ पर रात का खाना।
अल्पकालिक लक्ष्य: चार हफ़्ते में चम्मच से आधी थाली दाल-चावल खाना और थोड़ा ही गिराना।
ध्यान दीजिए: लक्ष्य उनकी अपनी इच्छा से बने हैं, साफ़ हैं और समय के साथ हैं।
देखभाल योजना, क्रियान्वयन और रिकॉर्ड
| क्या | कौन | कैसे और कब |
|---|---|---|
| मोटे हैंडल की चम्मच और किनारे वाली थाली | देखभालकर्ता, बेटा ख़रीदे | हर रात |
| बाएँ हाथ से चम्मच भरने का अभ्यास | कुमार जी, पास में देखभालकर्ता | खाने से पहले 10 मिनट |
| परिवार इंतज़ार करे और बात करे, जल्दी न करे | परिवार | खाने के समय |
अच्छा रिकॉर्ड छोटा और सच्चा होता है: तारीख़, क्या किया, व्यक्ति कैसा था, एक बात जो दूसरों को पता होनी चाहिए। उदाहरण: "सोम: मोटी चम्मच, दो बार गिरा, कहा आसान है।"
मूल्यांकन और सुधार
दो हफ़्ते बाद हम शुरुआत से तुलना करते हैं। नतीजा: गिराना कई बार से घटकर दो बार, तीन बार परिवार के साथ खाया, मुस्कुराते हैं। अल्पकालिक लक्ष्य लगभग पूरा है। पर 10 मिनट बाद थक जाते हैं और सब्ज़ी उठाना कठिन है।
सुधार: सब्ज़ी छोटी काटिए, योजना में आराम का अंतराल रखिए और नया लक्ष्य रखिए: "हफ़्ते में पाँच दिन परिवार की मेज़ पर पूरा खाना खाना"। चक्र फिर शुरू होता है।
व्यावहारिक सुझाव: ईमानदार रहिए, जो नहीं किया वह कभी न लिखिए, बड़े बदलाव टीम को तुरंत बताइए।
करके देखिए: छोटी योजना लिखिए
ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचिए जिसे कोई एक रोज़ का काम कठिन लगता है (जैसे कमीज़ के बटन लगाना)। पाँच पंक्तियाँ लिखिए: तथ्य, समस्या, समय के साथ लक्ष्य, योजना की एक पंक्ति (क्या, कौन, कैसे, कब) और जाँचने का एक तरीक़ा। व्यक्ति को दिखाकर पूछिए कि क्या लक्ष्य सच में उनका है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- केस नोट = तथ्य + समस्या + लक्ष्य + योजना + रिकॉर्ड + समीक्षा
- योजना की पंक्ति = क्या + कौन + कैसे + कब
- रिकॉर्ड = तारीख़ + क्या किया + व्यक्ति कैसा था + दूसरों के लिए एक बात
- सुधार = शुरुआत से तुलना, जो चल रहा है रखिए, जो नहीं चल रहा बदलिए
हल किए गए उदाहरण
1. कुमार जी के उदाहरण में अकेले खाने का कारण क्या है?
खाना गिराने की शर्म, भूख की कमी नहीं। आकलन उनकी बात सुनकर यह कारण खोजता है।
2. उनके लिए एक अच्छा अल्पकालिक लक्ष्य लिखिए।
"चार हफ़्ते में कुमार जी चम्मच से आधी थाली दाल-चावल खाएँ और थोड़ा ही गिराएँ।"
3. रात के खाने का एक अच्छा रिकॉर्ड लिखिए।
"मंगल: मोटी चम्मच, 10 मिनट अभ्यास, एक बार गिरा, परिवार के साथ खाया, ख़ुश थे।"
4. दो हफ़्ते बाद वे 10 मिनट में थक जाते हैं। सुधार कैसे करें?
योजना में आराम का अंतराल जोड़िए, खाना छोटा काटिए और मेज़ पर पूरा खाना खाने का बड़ा लक्ष्य रखिए।
आम गलतियाँ
- हर व्यक्ति के लिए एक ही योजना नक़ल करना।
- सिर्फ़ "ठीक" लिखना, कोई तथ्य नहीं।
- जोखिम भरी लगने पर व्यक्ति की इच्छा अनदेखा करना।
- मूल्यांकन में नई ज़रूरतें दिखने पर भी योजना न सुधारना।