दैनिक जीवन सहायता सेवा का अभ्यास
दैनिक जीवन सहायता यानी रोज़ के उन कामों में मदद जो व्यक्ति को कठिन लगते हैं: ख़रीदारी, खाना बनाना, सफ़ाई, कपड़े धोना, बिल भरना और अपॉइंटमेंट याद रखना। लक्ष्य है कि वे अपने घर में रह सकें।
अच्छी सेवा-भेंट के चरण:
- पूछना: प्यार से अभिवादन करें और पूछें आज क्या चाहिए।
- साथ योजना: कौन-से काम और किस क्रम में, तय कीजिए।
- साथ करना: व्यक्ति जो कर सके वह करे; कठिन भाग आप कीजिए।
- जाँचना और लिखना: काम सुरक्षित हुआ? छोटा नोट लिखिए: क्या किया, व्यक्ति कैसे थे, परिवार या डॉक्टर को क्या बताना है।
शिष्टाचार: पहले दस्तक दीजिए, अपना परिचय दीजिए, धीरे और साफ़ बोलिए, छूने से पहले पूछिए, निजी बातें निजी रखिए।
देखभाल का अभ्यास
देखभाल का अभ्यास यानी किसी के शरीर और आराम की हाथों से की जाने वाली देखभाल के कौशल।
- हाथ धोइए पहले और बाद में।
- पहले समझाइए: बताइए क्या करेंगे। कभी चौंकाइए मत।
- निजता का ध्यान: निजी देखभाल में दरवाज़ा या पर्दा बंद कीजिए।
- सुरक्षित मुद्रा (बॉडी मैकेनिक्स): पास खड़े हों, पैर फैलाएँ, घुटने मोड़ें, पीठ सीधी रखें और "तीन" की गिनती पर व्यक्ति के साथ हिलें। जो अकेले सुरक्षित न उठे उसे अकेले न उठाइए; सहायक या उठाने के उपकरण का उपयोग कीजिए।
- उठाना और चलाना: व्यक्ति स्थिर कुर्सी पर टिके, आप कमर या बाँह थामें और उनके कमज़ोर तरफ़ साथ चलें।
- आराम: साफ़ सूखा बिस्तर और कपड़े, बिना दर्द वाली स्थिति, पास में पानी।
मनोरंजन का अभ्यास
मनोरंजन आनंद के लिए की गई गतिविधि है। बुज़ुर्गों के लिए यह अकेलेपन से लड़ता है, मन को सक्रिय और शरीर को चलता रखता है।
- गीत और संगीत: पुराने गीत सुखद यादें लौटाते हैं।
- हल्का व्यायाम: बैठकर खिंचाव, धीमी सैर, ताली के खेल।
- खेल: ताश, लूडो, शब्द और अंक के खेल, प्रश्नोत्तरी।
- शिल्प: काग़ज़ मोड़ना, चित्रकारी, सरल सिलाई या बाग़वानी।
मनोरंजन चलाने के नियम: लोगों को चुनने दीजिए, गतिविधि इतनी आसान रखिए कि सब शामिल हो सकें, समूह छोटा रखिए ताकि बात हो सके, कोशिश की सराहना कीजिए, पानी के विराम लीजिए और थकान देखिए। किसी को बच्चा जैसा महसूस न कराइए।
सम्मान और आत्मनिर्भरता
सबसे अच्छी सहायता सम्मान (आत्म-गौरव) और आत्मनिर्भरता की रक्षा करती है। "अपनी कोशिश + मदद = काम" का विचार अपनाइए: गिनिए व्यक्ति क्या कर सकता है और सिर्फ़ छूटा हिस्सा जोड़िए। बहुत कम मदद असुरक्षित है; बहुत ज़्यादा मदद लोगों को कमज़ोर और उदास बनाती है।
करके देखिए: सेवा-भेंट का अभिनय
दोस्त के साथ एक बुज़ुर्ग बने, दूसरा सहायक। "चाय बनाने" के चार चरण कीजिए (पूछना, योजना, साथ करना, जाँचना)। बुज़ुर्ग जितना हो सके ख़ुद करें। फिर भूमिकाएँ बदलिए और तीन पंक्तियों का रिकॉर्ड लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सेवा = पूछना + साथ योजना + साथ करना + जाँचना और लिखना
- ज़रूरी मदद = 100% - व्यक्ति की क्षमता
- सुरक्षित उठाना: घुटने मुड़े, पीठ सीधी, व्यक्ति के पास
- मनोरंजन = गीत + हल्का व्यायाम + खेल + शिल्प
हल किए गए उदाहरण
1. व्यक्ति भोजन बनाने का 70% अकेले कर सकता है। कितनी मदद चाहिए?
मदद = 100 - 70 = 30%। चीज़ें तैयार कीजिए और सिर्फ़ कठिन भाग कीजिए।
2. किसी को उठाते समय घुटने क्यों मोड़ते हैं?
पैर की मज़बूत मांसपेशियाँ काम करती हैं और पीठ सीधी रहती है, इसलिए सहायक की पीठ को चोट नहीं लगती।
3. सेवा रिकॉर्ड में लिखने की दो बातें बताइए।
कौन-से काम हुए और व्यक्ति कैसे लगे। साथ ही बताने लायक बात, जैसे गिरना या दवा छूटना।
4. जिन्हें चलना कठिन है उनके लिए बैठकर की जाने वाली गतिविधि सुझाइए।
बैठकर गीत और ताली की मंडली या ताश का खेल। सब अपनी कुर्सी से शामिल हो सकते हैं।
आम गलतियाँ
- व्यक्ति के लिए सब कुछ ख़ुद कर देना, जिससे वे कमज़ोर होते हैं।
- झुकी पीठ से उठाना।
- व्यक्ति से यह न पूछना कि उन्हें क्या चाहिए।
- मनोरंजन में बुज़ुर्गों से बच्चों जैसा व्यवहार करना।