अचानक बीमारी, गिरना और दुर्घटना
आपात स्थिति जान या सेहत पर अचानक आया ख़तरा है, जैसे सीने में दर्द, दम घुटना, बुरी तरह गिरना, ज़्यादा ख़ून बहना या कोई व्यक्ति जागे नहीं।
- शांत रहो। गहरी साँस लो। शांत सहायक अच्छा सोचता है और व्यक्ति को भी शांत रखता है।
- मदद बुलाओ। अपने यहाँ का आपातकालीन नंबर मिलाओ (भारत में 112)। बताओ कौन, कहाँ और क्या हुआ। पहले फ़ोन मत काटो।
- सरल प्राथमिक उपचार दो। साँस देखो, साफ़ कपड़े से दबाकर ख़ून रोको, व्यक्ति को गर्म और स्थिर रखो। गर्दन या पीठ की चोट का शक हो तो हिलाओ मत।
बाद में समय, जो देखा और जो किया लिख लो। परिवार और टीम को बताओ।
आपदा: आने से पहले तैयार रहो
आपदा एक साथ बहुत लोगों को नुकसान पहुँचाती है: भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग या लू। देखभाल कर्मी सबसे ज़्यादा तब काम आते हैं जब वे पहले से तैयार हों।
- सुरक्षित रास्ता और पास का आश्रय जानो। अभ्यास करो।
- हर व्यक्ति के लिए गो-बैग रखो: पानी, कुछ दिनों की दवाएँ, बीमारियों की सूची, टॉर्च, रेडियो, अतिरिक्त चश्मा, चार्जर।
- मदद चाहने वालों की सूची रखो: कौन बिस्तर पर है, व्हीलचेयर पर है, देख या सुन नहीं सकता, या भूलने की बीमारी है।
- पड़ोसियों से तय करो कि कौन किसकी मदद करेगा।
आपदा के दौरान: सुरक्षित जगह पहुँचना
सिर्फ़ सुरक्षित रास्ता इस्तेमाल करो। आग या भूकंप में लिफ़्ट कभी नहीं। चेतावनी (अलार्म, सायरन, फ़ोन अलर्ट) सब तक पहुँचनी चाहिए, इसलिए साफ़ और ऊँची आवाज़ में बोलो, बधिर लोगों के लिए लिखकर या इशारे से बताओ, और दृष्टिहीन लोगों को रास्ता बोलकर बताओ।
सबसे पहले किसे मदद? जो तेज़ नहीं चल सकते या ख़तरा नहीं समझते: बच्चे, बुज़ुर्ग, बिस्तर या व्हीलचेयर वाले, दिव्यांग लोग, गर्भवती महिलाएँ और भूलने की बीमारी वाले। हर एक के लिए एक सहायक तय रखो। उन्हें कभी अकेला मत छोड़ो। उन्हें सुरक्षित तरीके से ले जाओ और सरल शब्दों में बताओ क्या हो रहा है।
आश्रय में और बाद में
आश्रय में भीड़, शोर और अनजानी जगह होती है। देखभाल कर्मी चार ज़रूरतें देखता है: पानी और भोजन, दवाएँ (समय पर दो, बदलाव नर्स को बताओ), गर्माहट और साफ़ जगह (बीमारी फैलने से रोकने के लिए), और शांति और निजता (शांत कोना, जाना-पहचाना चेहरा, सरल बातें)। लंबी बीमारी वाले लोगों को पहले जाँचो और सदमे या तनाव के संकेत देखो। आपदा के बाद लोगों को सुरक्षित घर लौटने में मदद करो और मन की सेहत की जाँच करते रहो।
खुद करके देखो। घर पर अपनी गली के "किसे मदद चाहिए" की सूची बनाओ और सुरक्षित रास्ता कागज़ पर बनाओ। फिर आख़िरी क़दम खेलो और हर व्यक्ति का समय अंदाज़ा करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. देखभाल कर्मी ने सेन जी को फ़र्श पर पड़ा पाया, वे जागे हैं पर कूल्हे में दर्द है। पहले दो क़दम क्या हैं?
शांत रहो, फिर मदद बुलाओ (आपातकालीन नंबर)। हड्डी टूटने का शक हो तो उठाओ मत। मदद आने तक गर्म रखो और बात करते रहो।
2. अलार्म बजा। चार लोग: स्वस्थ वयस्क, बच्चा, व्हीलचेयर वाला और बिस्तर वाला व्यक्ति। पहले किसकी मदद करें और क्यों?
बच्चे, व्हीलचेयर वाले और बिस्तर वाले की, क्योंकि वे तेज़ नहीं चल सकते या चल ही नहीं सकते। वयस्क समूह के साथ जा सकता है। हर एक का नाम लिया हुआ सहायक हो।
3. रीना को रोज़ इंसुलिन चाहिए। उसके गो-बैग में क्या हो?
ठंडी रखी इंसुलिन, सुइयाँ, बीमारी और मात्रा की सूची, चीनी वाला नाश्ता, पानी, चार्ज किया फ़ोन और डॉक्टर का नंबर।
आम गलतियाँ
- घबराकर भागना। पहले शांत, फिर बुलाओ।
- बिना ज़रूरत घायल को हिलाना। चोट बढ़ सकती है।
- आग या भूकंप में लिफ़्ट इस्तेमाल करना। सीढ़ी या सुरक्षित रास्ता लो।
- कमज़ोर को आख़िर में या अकेले छोड़ना। उन्हें सहायक के साथ पहले ले जाओ।