पावरट्रेन: इंजन, मोटर और ड्राइवट्रेन
पावरप्लांट घुमाने वाला बल बनाता है:
- पेट्रोल इंजन: स्पार्क प्लग हर सिलिंडर में ईंधन-हवा का मिश्रण जलाता है। ज़्यादातर कारें और दोपहिया।
- डीज़ल इंजन: हवा को इतना दबाते हैं कि वह ईंधन जलाने लायक गर्म हो जाती है। स्पार्क प्लग नहीं। ट्रक, बस, कई SUV।
- हाइब्रिड: ईंधन इंजन + बिजली की मोटर और बैटरी, दोनों काम बाँटते हैं।
- बैटरी इलेक्ट्रिक (EV): सिर्फ़ मोटर और बड़ी बैटरी। ऑयल बदलना नहीं, पर टायर, ब्रेक और कूलेंट की देखभाल फिर भी।
- अन्य: CNG और LPG इंजन (भारतीय टैक्सियों में आम), हाइड्रोजन फ़्यूल सेल।
ड्राइवट्रेन घुमाव पहियों तक ले जाता है: क्लच या टॉर्क कन्वर्टर → गियरबॉक्स (मैनुअल या ऑटोमैटिक) → ड्राइव शाफ़्ट → डिफ़रेंशियल (मोड़ पर बाएँ-दाएँ पहियों को अलग रफ़्तार से घूमने देता है) → पहिये। FWD आगे के पहिये, RWD पीछे के, AWD/4WD चारों।
नियमित सर्विस वाले इंजन पुर्ज़े: ऑयल और ऑयल फ़िल्टर, एयर फ़िल्टर, स्पार्क प्लग, बेल्ट, कूलेंट और (कुछ इंजनों में) टाइमिंग बेल्ट।
इंजन के सिस्टम और मालिक की जाँच
- स्नेहन (लुब्रिकेशन): ऑयल पंप, फ़िल्टर, संप। ऑयल धातु के पुर्ज़ों को रगड़ने से बचाता है। समतल ज़मीन पर, इंजन बंद करके डिपस्टिक देखो; स्तर MIN और MAX के बीच हो। मैनुअल के अनुसार ऑयल और फ़िल्टर बदलो (अक्सर 10,000–15,000 km या साल में एक बार)।
- शीतलन (कूलिंग): रेडिएटर, वॉटर पंप, थर्मोस्टेट, पाइप, पंखा और कूलेंट। गर्म इंजन पर रेडिएटर का ढक्कन कभी मत खोलो: गर्म कूलेंट उछलकर जला सकता है।
- स्टार्टिंग: बैटरी, स्टार्टर मोटर, इग्निशन स्विच। टर्मिनल साफ़ और कसे रखो; धीमा स्टार्ट या “क्लिक” = कमज़ोर बैटरी।
- इग्निशन (पेट्रोल): कॉइल, स्पार्क प्लग, इंजन कंप्यूटर। घिसे प्लग से मिसफ़ायर और कम माइलेज।
- ईंधन: टंकी, पंप, फ़िल्टर, इंजेक्टर। ढक्कन पर लिखा ईंधन ही डालो; पेट्रोल गाड़ी में डीज़ल कभी नहीं।
- बिजली: अल्टरनेटर बैटरी चार्ज करता है; फ़्यूज़ सर्किट बचाते हैं। आराम कर रही बैटरी पर मल्टीमीटर लगभग 12.6 V दिखाए।
- ब्रेक: पैडल, मास्टर सिलिंडर, ब्रेक फ़्लूइड, डिस्क/ड्रम, पैड/शू। चीं-चीं, नरम पैडल या एक तरफ़ खिंचाव = मैकेनिक को दिखाओ।
- स्टीयरिंग और सस्पेंशन: ढीलापन, टायर की असमान घिसाई और लीक देखो।
सर्विस जानकारी: मैनुअल, कोड और चेतावनी बत्तियाँ
मालिक-मैनुअल में फ़्लूइड के प्रकार व मात्रा, टायर दबाव, बल्ब, फ़्यूज़ चार्ट और सर्विस शेड्यूल होता है। अन्य स्रोत: सर्विस बुक, निर्माता की वेबसाइट, वर्कशॉप मैनुअल और रिकॉल सूचना।
अक्षर और कोड:
- VIN (वाहन पहचान संख्या): 17 अक्षर-अंक जो गाड़ी पहचानते हैं; 10वाँ अक्षर मॉडल वर्ष बताता है।
- टायर कोड 205/55 R16 91V: चौड़ाई 205 mm, साइड की ऊँचाई चौड़ाई का 55%, R = रेडियल, 16 इंच रिम, भार सूचकांक 91 (615 kg), गति रेटिंग V (240 km/h)।
- ऑयल ग्रेड 5W-30: “W” = सर्दी; 5 = ठंड में बहाव, 30 = गर्म होने पर गाढ़ापन।
चेतावनी बत्तियाँ: लाल (ऑयल दबाव, इंजन तापमान, ब्रेक, चार्जिंग) = सुरक्षित रुककर इंजन बंद; पीली (चेक इंजन, ABS, टायर दबाव) = जल्दी जाँच; हरी/नीली = जानकारी।
उत्पाद सुरक्षा: लेबल और सुरक्षा पत्रक पढ़ो। कूलेंट ज़हरीला पर मीठा होता है: बच्चों और पालतू जानवरों से दूर। बैटरी का एसिड त्वचा जलाता है; दस्ताने और चश्मा पहनो। पुराना ऑयल संग्रह केंद्र पर दो।
औज़ार, देखभाल, जंग, जाँच और मौसम की तैयारी
मालिक का टूलकिट: जैक और व्हील स्पैनर, टायर प्रेशर गेज, ट्रेड गेज, जंप केबल, टॉर्च, दस्ताने, बुनियादी स्पैनर-पेचकस, मल्टीमीटर, चेतावनी त्रिकोण और प्राथमिक चिकित्सा किट। सही नाप का स्पैनर लो, धकेलने के बजाय खींचो, और सिर्फ़ जैक पर टिकी गाड़ी के नीचे कभी मत जाओ: एक्सल स्टैंड लगाओ।
देखभाल: कार शैम्पू से धोओ (बर्तन वाला साबुन वैक्स हटा देता है)। पॉलिश पतली परत हटाकर बारीक खरोंच मिटाती है; वैक्स या सीलेंट सुरक्षा परत चढ़ाता है। अंदर वैक्यूम करो, शीशे साफ़ करो, डैशबोर्ड पर UV सुरक्षा लगाओ।
जंग: सतही जंग पेंट के छोटे टुकड़े उखड़ने पर, रगड़कर टच-अप आसान; परतदार (स्केल) जंग बुलबुले और पपड़ी बनाती है, घिसाई और प्राइमर चाहिए; भेदने वाली जंग छेद कर देती है, पैनल मरम्मत चाहिए। सड़क का नमक और समुद्री हवा इसे तेज़ करते हैं। छोटी मरम्मत: टच-अप पेंट, खरोंच हटाने वाला, वाइपर ब्लेड और बल्ब बदलना।
सुरक्षा जाँच: बत्तियाँ, हॉर्न, वाइपर, ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर, सीट बेल्ट, साइलेंसर। मौसम: सर्दी में विंटर टायर, कूलेंट की ताक़त और बैटरी जाँचो, स्क्रेपर और कंबल रखो; गर्मी में कूलेंट, AC और टायर दबाव जाँचो। सर्विस रिकॉर्ड रखो: वारंटी बनी रहती है, समस्या जल्दी पकड़ में आती है और बेचते समय दाम अच्छा मिलता है।
सड़क पर आपात स्थिति और क़ानून
- हो सके तो सड़क से हटकर सुरक्षित रुको; हैज़र्ड लाइट जलाओ।
- सबको ट्रैफ़िक से दूर वाली तरफ़ उतारो; चमकीली जैकेट पहनो।
- चेतावनी त्रिकोण गाड़ी से काफ़ी पीछे रखो (तेज़ सड़कों पर अक्सर 50–100 m)।
- कोई घायल हो तो आपातकालीन नंबर (भारत और यूरोप में 112, उत्तर अमेरिका में 911)। प्राथमिक चिकित्सा तभी जब प्रशिक्षित हो।
- नाम, लाइसेंस, पंजीकरण और बीमा की जानकारी लो-दो; फ़ोटो लो; दोष पर बहस मत करो।
- स्थानीय क़ानून के अनुसार पुलिस और बीमा कंपनी को सूचना दो।
क़ानून: ज़्यादातर देशों में टक्कर के बाद रुकना, घायल की मदद करना और रिपोर्ट करना ज़रूरी है; भाग जाना गंभीर अपराध है। लाइसेंस, पंजीकरण और बीमा साथ रखना ज़रूरी है।
रोडसाइड असिस्टेंस (बीमा कंपनी, निर्माता या ऑटो क्लब से) पंक्चर, डेड बैटरी, चाबी अंदर बंद, ईंधन ख़त्म और टोइंग में मदद भेजता है।
गणित: ईंधन दक्षता (L/100 km) = लीटर ÷ km × 100; km प्रति लीटर = km ÷ लीटर; प्रति km ख़र्च = कुल ईंधन ख़र्च ÷ km।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ईंधन दक्षता (L/100 km) = ख़र्च ईंधन (L) ÷ दूरी (km) × 100
- माइलेज (km प्रति लीटर) = दूरी (km) ÷ ईंधन (L)
- ईंधन ख़र्च = लीटर × प्रति लीटर दाम; प्रति km ख़र्च = ईंधन ख़र्च ÷ दूरी
- टायर कोड: चौड़ाई (mm) / अनुपात (%) R रिम (इंच) भार सूचकांक गति रेटिंग
- 1 bar = 100 kPa ≈ 14.5 psi
हल किए गए उदाहरण
1. गाड़ी 500 km में 35 L ईंधन ख़र्च करती है। L/100 km और km/L में दक्षता?
35 ÷ 500 × 100 = 7 L/100 km। 500 ÷ 35 ≈ 14.3 km/L।
2. ईंधन 100 प्रति लीटर है। ऊपर की यात्रा का ईंधन ख़र्च और प्रति km ख़र्च?
ख़र्च = 35 × 100 = 3,500। प्रति km = 3,500 ÷ 500 = 7।
3. टायर कोड 195/65 R15 91H पढ़ो।
चौड़ाई 195 mm; साइड की ऊँचाई = 195 का 65% ≈ 127 mm; रेडियल; 15 इंच रिम; भार सूचकांक 91; गति रेटिंग H (210 km/h तक)।
4. मैनुअल 2.4 bar कहता है। आपका गेज kPa में है। क्या दिखना चाहिए?
1 bar = 100 kPa, इसलिए 2.4 bar = 240 kPa।
5. हर 10,000 km पर ऑयल बदलना है। पिछली बार 47,500 km पर बदला। अगली बार कब?
47,500 + 10,000 = 57,500 km पर।
6. कार A: 6 L/100 km, कार B: 9 L/100 km। साल में 12,000 km, ईंधन 100 प्रति लीटर। कार A साल में कितना बचाती है?
A: 720 L → 72,000। B: 1,080 L → 1,08,000। बचत = 36,000 सालाना।
आम गलतियाँ
- गर्म इंजन पर रेडिएटर ढक्कन खोलना। ठंडा होने दो; गर्म कूलेंट बुरी तरह जला सकता है।
- लंबी ड्राइव के बाद टायर दबाव जाँचना। गर्म टायर ज़्यादा दिखाते हैं; ठंडे में जाँचो।
- पीली बत्ती को महीनों अनदेखा करना, या लाल ऑयल-प्रेशर बत्ती में चलाते रहना। लाल = अभी सुरक्षित रुको।
- सोचना कि L/100 km की बड़ी संख्या बेहतर है। कम L/100 km = कम ईंधन।