इंजन का प्रदर्शन: टॉर्क और पावर
टॉर्क वह मरोड़ने वाला बल है जो इंजन अपने शाफ़्ट को देता है, न्यूटन-मीटर (N·m) में। यह तय करता है कि रुकी हुई कार या चढ़ाई पर कार कितना ज़ोर से खिंचेगी। पावर बताती है कि इंजन कितनी तेज़ी से काम करता है, किलोवाट (kW) में: पावर = टॉर्क × घूमने की गति। पावर अधिकतम गति और ऊँची गति पर तेज़ होने की क्षमता तय करती है।
इंजन का एक प्रदर्शन वक्र होता है: टॉर्क बीच की rpm में सबसे अच्छा होता है, और पावर ज़्यादा rpm पर चरम पर पहुँचती है। इंजन का आकार (लीटर या cc में), सिलिंडरों की संख्या, टर्बोचार्जर और फ़्यूल इंजेक्शन वक्र को बदलते हैं। दक्षता ईंधन की उस ऊर्जा का हिस्सा है जो काम में बदलती है; पेट्रोल इंजन सिर्फ़ करीब 25 से 35 प्रतिशत को गति में बदलता है, बाकी गर्मी बनकर निकल जाती है।
इंजन की सहायक प्रणालियाँ
- ईंधन प्रणाली: टंकी, पंप, फ़िल्टर और इंजेक्टर। इंजेक्टर सही मात्रा में सही समय पर ईंधन की बारीक फुहार छोड़ता है।
- इनटेक और एग्ज़ॉस्ट: एयर फ़िल्टर अंदर जाने वाली हवा साफ़ करता है। जली गैस एग्ज़ॉस्ट पाइप, कैटेलिटिक कनवर्टर (हानिकारक गैसों को कम हानिकारक बनाता है) और साइलेंसर (शोर घटाता है) से बाहर जाती है।
- शीतलन प्रणाली: वाटर पंप शीतक को इंजन से और फिर रेडिएटर से गुज़ारता है जहाँ हवा उसे ठंडा करती है। थर्मोस्टैट तापमान सही (करीब 90 °C) रखता है।
- चिकनाई प्रणाली: पंप तेल को ऑयल पैन से चलते पुर्ज़ों तक पहुँचाता है। तेल घर्षण और घिसावट घटाता है, कुछ गर्मी ले जाता है और पुर्ज़ों को साफ़ रखता है। फ़िल्टर गंदगी पकड़ता है।
- इग्निशन और स्टार्टिंग (पेट्रोल): स्पार्क प्लग मिश्रण जलाता है; बैटरी और स्टार्टर मोटर इंजन को घुमाकर चालू करते हैं।
कार की बॉडी और सहायक उपकरण
पुरानी कारों में अलग इस्पात का फ़्रेम होता था जिस पर बॉडी कसी होती थी। आज की ज़्यादातर कारें मोनोकॉक (यूनिबॉडी) होती हैं: बॉडी का ढाँचा ही फ़्रेम है, जो हल्का और मज़बूत है। आधुनिक बॉडी में तीन ज़ोन होते हैं: आगे और पीछे के क्रंपल ज़ोन जो पिचककर टक्कर की ऊर्जा सोखते हैं, और कड़ा यात्री केबिन जो साबुत रहता है। बॉडी की सतह हवा के बहाव को सुगम (स्ट्रीमलाइन) बनाकर रुकावट घटाती है, और इस्पात, एल्यूमीनियम या प्लास्टिक से बनती है।
सहायक उपकरण आराम और सुरक्षा बढ़ाते हैं: बत्तियाँ, वाइपर, हॉर्न, शीशे, सीट बेल्ट, सीटें, एयर कंडीशनर, खिड़कियाँ, इंस्ट्रुमेंट पैनल और ऑडियो या नेविगेशन।
चलना और प्रदर्शन: सस्पेंशन, स्टीयरिंग, टायर
सस्पेंशन पहियों को स्प्रिंग और डैम्पर (शॉक एब्ज़ॉर्बर) से बॉडी से जोड़ता है। स्प्रिंग उभार झेलती है; डैम्पर उसे बार-बार उछलने से रोकता है। नतीजा: टायर सड़क पर टिके रहते हैं और केबिन नरम रहता है।
स्टीयरिंग पहिया घुमाने पर स्टीयरिंग रैक के ज़रिये आगे के पहिये मोड़ती है। कई कारों में पावर स्टीयरिंग (हाइड्रोलिक या बिजली की) होती है ताकि घुमाना हल्का रहे। मोड़ पर दोनों अगले पहिये थोड़े अलग कोणों से मुड़ते हैं।
टायर सड़क को छूने वाले इकलौते हिस्से हैं। उनकी पकड़ चलने की धारियों, रबर, हवा के दबाव और सड़क की गीलेपन पर निर्भर करती है। चलने का प्रतिरोध = लुढ़कने का प्रतिरोध + हवा की रुकावट + ढलान; इंजन को इसे हराना होता है। ईंधन-क्षमता प्रति लीटर दूरी (km/L) या प्रति 100 km लीटर है: आराम से चलाना, टायर में सही हवा और कम वज़न इसे बढ़ाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पावर (kW) = टॉर्क (N·m) × rpm × 2π ÷ 60 ÷ 1000
- दक्षता = उपयोगी काम ÷ ईंधन की ऊर्जा × 100%
- ईंधन-क्षमता (km/L) = दूरी ÷ खर्च ईंधन
- चलने का प्रतिरोध = लुढ़कना + हवा की रुकावट + ढलान
- मुख्य शब्द: टॉर्क, पावर, रेडिएटर, कैटेलिटिक कनवर्टर, मोनोकॉक, क्रंपल ज़ोन, डैम्पर
हल किए गए उदाहरण
1. एक इंजन 3000 rpm पर 120 N·m देता है। पावर kW में निकालिए।
पावर = 120 × 3000 × 2π ÷ 60 = 37 699 W ≈ 37.7 kW।
2. एक कार 10 लीटर में 150 km चलती है। ईंधन-क्षमता निकालिए।
150 ÷ 10 = 15 km/L।
3. ईंधन में 100 इकाई ऊर्जा है। इंजन 30 इकाई काम देता है। दक्षता निकालिए।
30 ÷ 100 × 100 = 30%। बाकी 70 इकाई गर्मी बनकर निकल गई।
4. तेल ऑयल पैन में रहता है तो ऑयल पंप क्यों चाहिए?
इंजन के ऊपरी चलते पुर्ज़े पैन से दूर हैं। पंप तेल को वहाँ तक पहुँचाता है, ताकि हर पुर्ज़े पर पतली परत रहे।
5. 12 km/L माइलेज वाली कार 480 km चलती है। कितने लीटर चाहिए?
480 ÷ 12 = 40 लीटर।
6. टॉर्क 2000 rpm और 4000 rpm पर वही है। पावर की तुलना कीजिए।
पावर = टॉर्क × गति, इसलिए 4000 rpm पर पावर 2000 rpm से दोगुनी है।
आम गलतियाँ
- टॉर्क और पावर को गड्डमड्ड करना। टॉर्क मरोड़ने वाला बल है; पावर काम की तेज़ी है।
- सोचना कि रेडिएटर शीतक को गरम करता है। वह गर्मी हवा को देकर उसे ठंडा करता है।
- सोचना कि बिल्कुल कड़ी बॉडी सबसे सुरक्षित है। जो बॉडी पिचकती ही नहीं, वह पूरा झटका लोगों तक पहुँचा देती है।
- मानना कि सस्पेंशन सिर्फ़ आराम के लिए है। वह पकड़ और स्टीयरिंग के लिए टायर को सड़क से लगाए रखता है।