VHF रेडियो और उसकी दूरी
नावें ज़्यादातर VHF (अति उच्च आवृत्ति) रेडियो इस्तेमाल करती हैं, लगभग 156 MHz के पास। VHF तरंगें रोशनी की तरह सीधी रेखा में चलती हैं। समुद्र गोल होकर नीचे झुकता है, इसलिए संकेत दोनों एंटीना के बीच के क्षितिज तक ही जा पाता है। ऊँचा एंटीना ज़्यादा दूर देखता है।
दूरी (km) ≈ 4.12 × (√h1 + √h2)
h1 और h2 दोनों एंटीना की ऊँचाई मीटर में हैं। 4 m का मस्तूल 20 m के किनारे वाले टावर से बात करे: 4.12 × (2 + 4.47) ≈ 27 km। मस्तूल 25 m कर दो तो दूरी लगभग 39 km हो जाती है। असली दूरी सेट की शक्ति और मौसम पर भी निर्भर है।
मोर्स कोड
मोर्स कोड अक्षरों को रोशनी, ध्वनि या रेडियो से छोटे और लंबे संकेतों में भेजता है। बिंदु 1 इकाई लंबा होता है। डैश 3 इकाई लंबा होता है। संकेतों के बीच 1 इकाई का अंतर और अक्षरों के बीच लंबा अंतर होता है।
SOS है ··· −−− ··· (तीन बिंदु, तीन डैश, तीन बिंदु)। यह दुनिया भर में मदद की पुकार है। यह किसी शब्द का संक्षिप्त रूप नहीं है। अगर एक इकाई 0.3 s की हो तो बिंदु 0.3 s का और डैश 0.9 s का होता है। रेडियो ख़राब हो तो सिग्नल लैंप से मोर्स भेजा जा सकता है।
संकट कॉल करना
संकट कॉल जान के ख़तरे के लिए है। VHF चैनल 16 (156.8 MHz) इस्तेमाल करो, जो अंतरराष्ट्रीय पुकार और संकट का चैनल है। धीरे और साफ़ बोलो। पाँच हिस्से क्रम से कहो:
- मे-डे, मे-डे, मे-डे।
- यह है और अपनी नाव का नाम, तीन बार।
- स्थिति: तुम कहाँ हो।
- क्या हुआ: आग, डूबना, कोई पानी में गिरा।
- कैसी मदद चाहिए और नाव पर कितने लोग हैं।
फिर "ओवर" कहो और सुनो। मे-डे का मज़ाक में या छोटी परेशानी के लिए कभी इस्तेमाल मत करो।
रेडियो तरंगें: आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य
रेडियो तरंग प्रकाश की चाल से चलती है, 3 लाख km/s (3 × 10⁸ m/s)। उसकी आवृत्ति f बताती है कि एक सेकंड में कितनी तरंगें गुज़रती हैं, हर्ट्ज़ में (1 MHz = प्रति सेकंड दस लाख)। उसका तरंगदैर्ध्य λ एक तरंग की लंबाई है।
λ (m) = 300 ÷ f (MHz)
समुद्री चैनल 16 की 156.8 MHz पर λ = 300 ÷ 156.8 ≈ 1.9 m। आवृत्ति ज़्यादा हो तो तरंग छोटी। इसीलिए VHF एंटीना छोटी छड़ें होती हैं, तरंगदैर्ध्य का आधा या चौथाई।
करके देखो
टॉर्च से कमरे के पार दोस्त को SOS भेजो: तीन छोटे, तीन लंबे, तीन छोटे। लंबी चमक के लिए एक-दो-तीन गिनो। फिर 3D में मोर्स की गति सरकाओ और चमकती पट्टियाँ देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- VHF दूरी (km) ≈ 4.12 × (√h1 + √h2), ऊँचाई मीटर में
- मोर्स: बिंदु = 1 इकाई, डैश = 3 इकाई, अंतर = 1 इकाई
- SOS = ··· −−− ··· (संक्षिप्त रूप नहीं)
- तरंगदैर्ध्य λ (m) = 300 ÷ f (MHz)
- संकट चैनल: VHF 16 = 156.8 MHz
हल किए गए उदाहरण
1. नाव का एंटीना 9 m ऊँचा है। किनारे का टावर 20 m है। VHF दूरी निकालो।
दूरी = 4.12 × (√9 + √20) = 4.12 × (3 + 4.47) = 4.12 × 7.47 ≈ 30.8 km।
2. 100 MHz रेडियो का तरंगदैर्ध्य क्या है?
λ = 300 ÷ 100 = 3 m।
3. मोर्स की एक इकाई 0.3 s है। SOS में हर संकेत के बीच 1 इकाई का अंतर मानकर इकाइयाँ गिनो और समय निकालो।
SOS में 6 बिंदु (6 इकाई) और 3 डैश (9 इकाई) = 15 इकाई संकेत। 9 संकेतों के बीच 8 अंतर = 8 इकाई। कुल = 23 इकाई = 23 × 0.3 = 6.9 s।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि VHF मोबाइल टावर की तरह क्षितिज के पार जाता है। वह सीधी रेखा में चलता है।
- SOS को "Save Our Ship" पढ़ना। यह बस एक आसानी से पहचाना जाने वाला पैटर्न है।
- मे-डे कॉल में स्थिति सबसे अंत में बताना। रेडियो बंद हो जाए तो इसलिए पहले बताओ।
- तरंगदैर्ध्य निकालते समय MHz और kHz गड़बड़ाना। λ = 300 ÷ f में f को MHz में लो।