ध्वनिकी क्या है?
ध्वनिकी (acoustics) ध्वनि का अध्ययन है। ध्वनि एक कंपन है जो हवा, पानी या ठोस में अनुदैर्ध्य तरंग के रूप में चलता है। 20 °C हवा में इसकी चाल लगभग 343 m/s है।
- आवृत्ति (f): प्रति सेकंड कंपन, हर्ट्ज़ (Hz) में। मनुष्य लगभग 20 Hz से 20,000 Hz तक सुनते हैं।
- तरंगदैर्ध्य (λ): एक तरंग की लंबाई। v = f λ।
- आयाम: कंपन का आकार। बड़ा आयाम = तेज़ ध्वनि।
कमरे में ध्वनि: सीधी ध्वनि, परावर्तन, प्रतिध्वनि और अनुरणन
कमरे में कान तक पहले सीधी ध्वनि आती है, फिर दीवारों, फ़र्श और छत से बहुत-से परावर्तन।
- प्रतिध्वनि (echo): अलग से सुनाई देने वाली दोहराई ध्वनि। इसके लिए लगभग 0.1 s की देरी चाहिए, यानी दीवार कम से कम लगभग 17 m दूर (343 × 0.1 ÷ 2)।
- अनुरणन (reverberation): तेज़ी से आते बहुत-से परावर्तन जो मिल जाते हैं, जिससे ध्वनि कमरे में "टिकी" रहती है।
- अनुरणन काल (T या RT60): स्रोत बंद होने के बाद ध्वनि स्तर को 60 dB गिरने में लगा समय।
अच्छे मान: कक्षा और भाषण के लिए 0.5–1 s, संगीत हॉल के लिए 1.5–2.2 s।
खुद करो
एक बार बाथरूम में और एक बार बिस्तर-पर्दों वाले कमरे में ताली बजाओ। कहाँ गूँज ज़्यादा देर रहती है? फिर 3D कमरे के स्लाइडर चलाओ।
अवशोषण और सेबाइन का सूत्र
हर सतह का अवशोषण गुणांक α 0 (सब लौटा दे) से 1 (सब सोख ले, जैसे खुली खिड़की) तक होता है। कंक्रीट ≈ 0.02, कालीन ≈ 0.3, ध्वनिक फ़ोम ≈ 0.8।
कुल अवशोषण A = Σ α S (m² में, जिसे सेबाइन भी कहते हैं)। सेबाइन सूत्र:
T = 0.161 × V ÷ A (V = कमरे का आयतन m³ में, T सेकंड में)।
यानी बड़ा कमरा देर तक गूँजता है और नरम चीज़ें गूँज कम करती हैं।
अनुनाद और कमरे में अप्रगामी तरंगें
हर वस्तु और हर कमरे की अपनी प्राकृतिक आवृत्तियाँ होती हैं। उसी आवृत्ति की ध्वनि आए तो कंपन बहुत बढ़ जाते हैं: यह अनुनाद है।
L दूरी पर दो समानांतर दीवारों के बीच f = n v / (2L) पर अप्रगामी तरंगें (room modes) बनती हैं, जिससे कुछ जगह बेस बहुत तेज़ और कुछ जगह कमज़ोर लगता है। स्टूडियो में बेस ट्रैप और तिरछी दीवारें इसे ठीक करती हैं।
हम कैसे सुनते हैं: डेसिबल, तारत्व, गुणता (मनो-ध्वनिकी)
मनो-ध्वनिकी (psychoacoustics) पढ़ती है कि दिमाग ध्वनि को कैसे महसूस करता है।
- प्रबलता डेसिबल में: L = 10 log₁₀(I / I₀), I₀ = 10⁻¹² W/m²। +10 dB = 10 गुना तीव्रता, जो लगभग दुगुनी तेज़ लगती है। +3 dB = दुगुनी तीव्रता।
- फुसफुसाहट 30 dB, बातचीत 60 dB, ट्रैफ़िक 80 dB, रॉक कॉन्सर्ट 110 dB। 85 dB से ऊपर लंबे समय तक सुनना कान को नुकसान पहुँचा सकता है।
- तारत्व (pitch) मुख्यतः आवृत्ति पर निर्भर है। आवृत्ति दुगुनी = वही सुर एक सप्तक ऊपर।
- गुणता (timbre) अधिस्वरों के मेल पर निर्भर है; इसलिए एक ही सुर सितार और बाँसुरी पर अलग लगता है।
ऑडियो उपकरण: माइक्रोफ़ोन, डिजिटल ऑडियो, सॉफ़्टवेयर और MIDI
- माइक्रोफ़ोन ध्वनि दाब को विद्युत संकेत में बदलता है (डायनेमिक माइक में चुंबक में हिलती कुंडली, कंडेंसर माइक में संधारित्र की हिलती प्लेट)। स्पीकर उलटा काम करता है।
- डिजिटल ऑडियो: संकेत को प्रति सेकंड कई बार मापा जाता है (सैंपल रेट, जैसे 44,100 Hz), तय बिट्स से (बिट डेप्थ, जैसे 16 बिट)। सैंपल रेट सबसे ऊँची आवृत्ति के दुगुने से ज़्यादा हो (नाइक्विस्ट नियम)।
- फ़ाइल आकार = सैंपल रेट × बिट डेप्थ × चैनल × समय। MP3 कम सुनाई देने वाली ध्वनियाँ हटाकर इसे छोटा करता है।
- सॉफ़्टवेयर: DAW ट्रैक रिकॉर्ड और एडिट करता है; सीक्वेंसर सुर सजाता है; नोटेशन सॉफ़्टवेयर स्वरलिपि छापता है।
- MIDI: कीबोर्ड और कंप्यूटर के बीच निर्देश (कौन-सा सुर, कितनी ज़ोर से, कब) भेजने का नियम। इसमें ध्वनि नहीं होती; सिंथेसाइज़र ध्वनि बनाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- v = f λ (हवा में 20 °C पर ≈ 343 m/s)
- प्रतिध्वनि: न्यूनतम दूरी d = v t / 2, t ≈ 0.1 s
- T = 0.161 V / A (सेबाइन अनुरणन काल)
- A = Σ α S (कुल अवशोषण, m²)
- L = 10 log₁₀(I / I₀), I₀ = 10⁻¹² W/m²
- कमरे का मोड: f = n v / (2L)
- ऑडियो आकार = सैंपल रेट × बिट डेप्थ × चैनल × समय
हल किए गए उदाहरण
1. 440 Hz के सुर की हवा में तरंगदैर्ध्य (v = 343 m/s)?
λ = v / f = 343 / 440 = 0.78 m।
2. चट्टान से प्रतिध्वनि 2.0 s बाद सुनाई दी। चट्टान कितनी दूर है?
ध्वनि जाकर लौटती है: d = v t / 2 = 343 × 2.0 / 2 = 343 m।
3. कक्षा 10 m × 6 m × 3 m है, A = 36 m²। अनुरणन काल?
V = 180 m³। T = 0.161 × 180 / 36 = 0.81 s, भाषण के लिए अच्छा।
4. उसी कमरे में खाली दीवारें हों तो A = 9 m²। अब T क्या है और उपाय?
T = 0.161 × 180 / 9 = 3.2 s, बहुत गूँजदार। कालीन, पर्दे या पैनल लगाकर A को 30–40 m² तक करो।
5. एक मशीन 70 dB की है। दो एक जैसी मशीनें मिलकर?
तीव्रता दुगुनी: L = 70 + 10 log₁₀2 = 73 dB (140 dB नहीं)।
6. 44,100 Hz, 16 बिट, स्टीरियो में 1 मिनट की रिकॉर्डिंग का आकार?
44,100 × 16 × 2 × 60 = 84,672,000 बिट ÷ 8 ≈ 10.6 MB।
आम गलतियाँ
- डेसिबल को सीधे जोड़ना: 60 dB + 60 dB = 63 dB, 120 dB नहीं।
- हर परावर्तन को प्रतिध्वनि कहना। प्रतिध्वनि के लिए लगभग 0.1 s देरी चाहिए; जल्दी मिलने वाले परावर्तन अनुरणन हैं।
- ध्वनि रोधन (soundproofing) और अवशोषण को एक समझना। पैनल अंदर की गूँज घटाते हैं; बाहर जाने से रोकने के लिए भारी, बंद दीवारें चाहिए।
- MIDI फ़ाइल में रिकॉर्ड की हुई ध्वनि मानना। उसमें सिर्फ़ सुरों के निर्देश हैं।