सर्वेक्षण क्या है?
सर्वेक्षण ज़मीन पर या उसके पास के बिंदुओं को नापना और उन्हें छोटे पैमाने पर नक्शे या योजना पर बनाना है। सिविल इंजीनियर इसका उपयोग योजना (सड़क कहाँ जाए?), डिज़ाइन (कितनी ऊँची, कितनी चौड़ी?) और निशान लगाने (नक्शे को खूँटियों से ज़मीन पर उतारना) में करते हैं।
मुख्य प्रकार: समतल सर्वेक्षण (छोटा क्षेत्र, ज़मीन समतल मानी जाती है) और जियोडेटिक सर्वेक्षण (बहुत बड़ा क्षेत्र, पृथ्वी की गोलाई गिनी जाती है)। दो मूल नाप हैं दूरी और कोण; तीसरी है ऊँचाई (लेवलिंग)।
दो सुनहरे नियम: पूर्ण से अंश की ओर चलो (पहले बड़ा ढाँचा, फिर ब्योरे) और हर नाप की जाँच करो।
दूरी का सर्वेक्षण: टेप
ज़मीन की दूरी क्षैतिज रूप में नापी जाती है। नापने के तरीके:
- कदम गिनना: मोटा और जल्दी का तरीका।
- चेन या टेप: 20 या 30 m का इस्पात का टेप बार-बार बिछाते हैं। टेप की गिनती करो और अंत का हिस्सा जोड़ो।
- EDM (इलेक्ट्रॉनिक दूरी माप): यंत्र रोशनी या लेज़र परावर्तक तक भेजकर लगे समय से दूरी निकालता है: d = गति × समय ÷ 2। टोटल स्टेशन यह करता है।
लंबी रेखा के लिए रेंजिंग करो: सिरों पर रेंजिंग पोल गाड़ो और बीच के पोल सीध में देखकर ठीक रेखा पर लाओ। तब हर टेप सीधी रेखा में बिछता है।
नापी दूरी में सुधार
नापी लंबाई ज़मीन और टेप की वजह से गलत हो सकती है।
- ढलान सुधार: टेप θ कोण की ढलान पर पड़ा हो तो क्षैतिज दूरी H = L cos θ। सुधार L - H होता है, हमेशा घटाते हैं।
- झोल (सैग): हवा में पकड़ा टेप वक्र बनकर लटकता है और ज़्यादा पढ़ता है। उसे तानकर रखो।
- तापमान: गर्मी में इस्पात का टेप लंबा हो जाता है, इसलिए पाठ्यांक कम आते हैं।
- टेप की गलत लंबाई (घिसा, मुड़ा) या गिनती की भूलें।
हर रेखा दो बार (आगे और पीछे) नापो; मेल खाएँ तो औसत लो।
कोण का सर्वेक्षण
कोण बताता है कि रेखा किस दिशा में जाती है। यंत्र:
- कंपास: रेखा का दिक्मान (बेयरिंग) देता है: उत्तर से घड़ी की दिशा में कोण, 0° से 360°।
- थियोडोलाइट: स्टैंड पर लगी दूरबीन जो क्षैतिज प्लेट पर घूमकर क्षैतिज कोण और ऊर्ध्वाधर प्लेट पर ऊर्ध्वाधर कोण पढ़ती है। इसे खूँटी के ठीक ऊपर लगाकर बुलबुलों से समतल करते हैं।
क्षैतिज कोण नापने के लिए: पहले बिंदु को देखो, पाठ्यांक शून्य करो; दूरबीन दूसरे बिंदु की ओर घुमाओ; कोण पढ़ो। यंत्र के दोनों फलकों पर दोहराकर औसत लो ताकि त्रुटि कटे। n भुजाओं की बंद आकृति के भीतरी कोणों का योग (n - 2) × 180° होता है, यह अच्छी जाँच है।
करके देखो: अपने मैदान को कदमों से नापो
टेप से 10 m नापो। सामान्य चाल से चलकर कदम गिनो। कदम की लंबाई = 10 ÷ कदम। पहले अंदाज़ा लगाओ: पूरे मैदान में कितने कदम होंगे? चलकर गिनो और टेप से जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- क्षैतिज दूरी H = L cos θ (L ढलान पर नापी लंबाई)
- कुल लंबाई = (पूरे टेप × टेप की लंबाई) + अंत का हिस्सा
- EDM: दूरी = प्रकाश की गति × समय ÷ 2
- n भुजा की बंद आकृति के भीतरी कोण: (n - 2) × 180°
- पैमाना: ज़मीन की दूरी = नक्शे की दूरी × पैमाने की संख्या
हल किए गए उदाहरण
1. 20 m के तीन पूरे टेप और 7.5 m का अंतिम हिस्सा बिछे। कुल?
3 × 20 + 7.5 = 67.5 m।
2. 10° की ढलान पर टेप 50 m पढ़ता है। क्षैतिज दूरी? (cos 10° = 0.985)
H = 50 × 0.985 = 49.25 m। ढलान सुधार = 0.75 m।
3. त्रिभुजाकार प्लॉट के दो कोण 62° और 55° हैं। तीसरा x?
योग 180°। x = 180 - 62 - 55 = 63°।
4. 5 भुजा वाले बंद ट्रैवर्स के भीतरी कोणों का योग कितना होना चाहिए?
(5 - 2) × 180 = 540°।
5. एक कदम 0.75 m का है। विद्यार्थी 120 कदम चलता है। दूरी?
120 × 0.75 = 90 m (लगभग)।
6. एक रेखा आगे 80.04 m और पीछे 79.96 m नापी गई। सबसे अच्छा मान?
औसत = (80.04 + 79.96) ÷ 2 = 80.00 m। 0.08 m का अंतर छोटा है।
आम गलतियाँ
- ढलान की लंबाई को नक्शे की दूरी मान लेना। हमेशा क्षैतिज में बदलो।
- कितने टेप बिछे, यह गिनना भूल जाना।
- टेप को हवा में झूलने देकर पाठ्यांक लेना।
- दिक्मान (उत्तर से, घड़ी की दिशा में) और दो रेखाओं के कोण में गड़बड़ी।