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स्थिति और ऊँचाई का सर्वेक्षण

किसी बिंदु को रखने के लिए उसकी स्थिति (पूर्व, उत्तर) और ऊँचाई चाहिए। प्लेन टेबल खेत में ही नक्शा बनाती है। कोण थियोडोलाइट से नापे जाते हैं। ट्रैवर्स जुड़ी रेखाओं की श्रृंखला है, जिसे बंद होना चाहिए। लेवलिंग से ऊँचाई का अंतर = पश्च दृष्टि - अग्र दृष्टि। नियंत्रण बिंदु पक्का ढाँचा देते हैं और उपग्रह (GNSS) स्थिति और ऊँचाई बताते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. ज़मीन के एक बिंदु के लिए तीन संख्याएँ चाहिए: कितना पूर्व, कितना उत्तर और कितना ऊँचा।
  2. कोण मापन: यंत्र दो लक्ष्यों के बीच का कोण पढ़ता है। प्लेन टेबल यही काम करती है और दृष्टि-रेखाएँ खेत में ही कागज़ पर खींच देती है।
  3. ट्रैवर्स एक स्टेशन से दूसरे तक चलता है, हर भुजा और कोण नापता है और शुरुआत पर लौट आता है।
  4. लेवलिंग: समतल दृष्टि-रेखा से A और B पर स्टाफ पढ़ते हैं। पश्च दृष्टि घटा अग्र दृष्टि बताता है कि B कितना नीचा है।
  5. उपग्रह संकेत भेजते हैं। जो रिसीवर चार उपग्रहों को सुन ले, वह अपनी स्थिति और ऊँचाई जान लेता है।
  6. खुला खेल: स्लाइडर से B की ज़मीन नीची करो और दोनों स्टाफ पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

स्थिति के साथ ऊँचाई क्यों चाहिए?

दो बिंदुओं के पूर्व और उत्तर एक हो सकते हैं पर ऊँचाई अलग, जैसे मीनार का ऊपर और नीचे।

प्लेन टेबल संख्याओं के बिना कैसे बनाती है?

वह खेत में ही दृष्टि-रेखाएँ पैमाने पर कागज़ पर खींच देती है।

ट्रैवर्स का बंद होना क्यों ज़रूरी है?

शुरुआत पर लौटने से तुलना करके त्रुटि मिल जाती है। खुली श्रृंखला में जाँच नहीं मिलती।

BS - FS ही ऊँचाई का अंतर क्यों है?

दृष्टि-रेखा समतल है। छोटी पाठ्यांक यानी ऊँची ज़मीन; बड़ी पाठ्यांक यानी नीची ज़मीन। पाठ्यांकों का अंतर ही ज़मीन का अंतर है।

तीन उपग्रह क्यों नहीं, चार क्यों?

घड़ी सही हो तभी तीन से स्थिति मिलती है। चौथा उपग्रह घड़ी की त्रुटि हटाता है और ऊँचाई देता है।

अगर B की ज़मीन दृष्टि-रेखा से ऊँची हो तो?

तब स्टाफ पढ़ी नहीं जा सकती। लेवल हटाओ या छोटी दृष्टि लो। स्लाइडर से देखो।

प्लेन टेबल सर्वेक्षण

प्लेन टेबल तिपाई पर रखा एक ड्राइंग बोर्ड है। सर्वेक्षक उस पर कागज़ लगाकर उसे समतल करता है और खेत में खड़े-खड़े दृष्टि-रूलर (एलिडेड) से लक्ष्यों की ओर रेखाएँ खींचता है। दूरी फीते से नापकर पैमाने पर तुरंत खींच दी जाती है। नक्शा मौके पर ही बनता है, इसलिए कुछ छूटता नहीं। यह छोटे क्षेत्र और सूखे मौसम के लिए अच्छा है।

कोण मापन

दो रेखाओं के बीच की दिशा कोण है। थियोडोलाइट की दूरबीन खड़ी धुरी पर घूमकर क्षैतिज कोण और आड़ी धुरी पर घूमकर ऊर्ध्वाधर कोण पढ़ती है। बाएँ लक्ष्य पर निशाना लगाकर पढ़ो; दाएँ लक्ष्य पर निशाना लगाकर पढ़ो; अंतर ही कोण है। कोण डिग्री में होते हैं; 1 डिग्री = 60 मिनट।

ट्रैवर्स सर्वेक्षण

ट्रैवर्स जुड़ी हुई रेखाओं की श्रृंखला है जिनकी लंबाई और कोण नापे जाते हैं। बंद ट्रैवर्स में आख़िरी रेखा पहले स्टेशन पर लौटती है। n भुजाओं के लिए अंतः कोणों का योग (n - 2) x 180 डिग्री होना चाहिए। अंतर कोणीय त्रुटि है, और अंत में बचा अंतराल बंद होने की त्रुटि है। छोटी त्रुटि सब स्टेशनों में बाँट दी जाती है; बड़ी हो तो दोबारा नापते हैं।

लेवलिंग

लेवलिंग से बिंदुओं की ऊँचाई का अंतर पता चलता है। लेवल समतल दृष्टि-रेखा देता है। स्टाफ (लंबी स्केल) दो बिंदुओं पर पढ़ी जाती है। ज्ञात ऊँचाई वाले बिंदु पर पहली पाठ्यांक पश्च दृष्टि (BS) है; नए बिंदु पर अगली अग्र दृष्टि (FS)।

ऊँचाई का अंतर = BS - FS। धनात्मक हो तो नया बिंदु ऊँचा है। नए बिंदु का समानीत स्तर (RL) = ज्ञात बिंदु का RL + BS - FS।

नियंत्रण बिंदु और उपग्रह स्थिति निर्धारण

नियंत्रण बिंदु ऐसे चिह्न हैं जिनकी स्थिति और ऊँचाई बहुत सटीक ज्ञात है (सर्वे स्तंभ)। हर छोटा सर्वे इनसे जोड़ा जाता है ताकि नक्शे बिना खाली जगह के जुड़ें।

GNSS (GPS, NavIC, Galileo आदि) में उपग्रह अपनी स्थिति और समय भेजते हैं। रिसीवर हर संकेत का समय नापता है; चार उपग्रहों से वह अक्षांश, देशांतर, ऊँचाई और अपनी घड़ी की त्रुटि निकालता है। सर्वे रिसीवर विशेष विधियों से सेंटीमीटर तक की सटीकता पाते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. RL 100.00 मी वाले बिंदु पर BS = 1.30 मी। अगले बिंदु पर FS = 2.10 मी। उसका RL निकालो।

RL = 100.00 + 1.30 - 2.10 = 99.20 मी।

2. बाएँ लक्ष्य की पाठ्यांक = 25 डिग्री, दाएँ की = 85 डिग्री। कोण निकालो।

85 - 25 = 60 डिग्री।

3. एक बंद ट्रैवर्स में 5 भुजाएँ हैं। अंतः कोणों का योग निकालो।

(5 - 2) x 180 = 540 डिग्री।

4. चतुर्भुज ट्रैवर्स के नापे अंतः कोण: 91, 88, 92, 87 डिग्री। कोणीय त्रुटि निकालो।

योग = 358 डिग्री। सही योग = (4 - 2) x 180 = 360। त्रुटि = 2 डिग्री (कम)।

5. A का RL = 50.00 मी। B तक BS = 2.40, FS = 1.15। B ऊँचा है या नीचा? RL निकालो।

BS - FS = 1.25 (धनात्मक), इसलिए B ऊँचा है। RL = 50.00 + 1.25 = 51.25 मी।

6. A से B होते हुए C तक: A पर BS = 1.50, B पर FS = 1.20 (परिवर्तन बिंदु), B पर BS = 2.00, C पर FS = 2.90। A का RL = 200.00। C का RL निकालो।

B का RL = 200.00 + 1.50 - 1.20 = 200.30। C का RL = 200.30 + 2.00 - 2.90 = 199.40 मी। जाँच: कुल BS = 3.50, कुल FS = 4.10, अंतर = -0.60; 200.00 - 0.60 = 199.40।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. दो बिंदुओं की ऊँचाई का अंतर बराबर है:
2. बंद 6 भुजाओं वाले ट्रैवर्स में अंतः कोणों का योग:
3. लेवलिंग में समतल दृष्टि-रेखा कौन सा यंत्र देता है?
4. स्थिति और ऊँचाई के लिए कितने उपग्रह चाहिए?
5. प्लेन टेबल नक्शा बनाती है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वेक्षण में लेवलिंग क्या है?

लेवल और स्टाफ से यह पता करना कि एक बिंदु दूसरे से कितना ऊँचा या नीचा है।

BS और FS में क्या अंतर है?

BS ज्ञात ऊँचाई वाले बिंदु पर पहली पाठ्यांक है; FS नए बिंदु पर अगली पाठ्यांक।

नियंत्रण बिंदु क्या है?

ऐसा चिह्न जिसकी स्थिति और ऊँचाई बहुत सटीक पता है; दूसरे सर्वे उससे जोड़े जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Surveying
जापान高校(専門学科)1〜3年Surveying

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