प्लेन टेबल सर्वेक्षण
प्लेन टेबल तिपाई पर रखा एक ड्राइंग बोर्ड है। सर्वेक्षक उस पर कागज़ लगाकर उसे समतल करता है और खेत में खड़े-खड़े दृष्टि-रूलर (एलिडेड) से लक्ष्यों की ओर रेखाएँ खींचता है। दूरी फीते से नापकर पैमाने पर तुरंत खींच दी जाती है। नक्शा मौके पर ही बनता है, इसलिए कुछ छूटता नहीं। यह छोटे क्षेत्र और सूखे मौसम के लिए अच्छा है।
कोण मापन
दो रेखाओं के बीच की दिशा कोण है। थियोडोलाइट की दूरबीन खड़ी धुरी पर घूमकर क्षैतिज कोण और आड़ी धुरी पर घूमकर ऊर्ध्वाधर कोण पढ़ती है। बाएँ लक्ष्य पर निशाना लगाकर पढ़ो; दाएँ लक्ष्य पर निशाना लगाकर पढ़ो; अंतर ही कोण है। कोण डिग्री में होते हैं; 1 डिग्री = 60 मिनट।
ट्रैवर्स सर्वेक्षण
ट्रैवर्स जुड़ी हुई रेखाओं की श्रृंखला है जिनकी लंबाई और कोण नापे जाते हैं। बंद ट्रैवर्स में आख़िरी रेखा पहले स्टेशन पर लौटती है। n भुजाओं के लिए अंतः कोणों का योग (n - 2) x 180 डिग्री होना चाहिए। अंतर कोणीय त्रुटि है, और अंत में बचा अंतराल बंद होने की त्रुटि है। छोटी त्रुटि सब स्टेशनों में बाँट दी जाती है; बड़ी हो तो दोबारा नापते हैं।
लेवलिंग
लेवलिंग से बिंदुओं की ऊँचाई का अंतर पता चलता है। लेवल समतल दृष्टि-रेखा देता है। स्टाफ (लंबी स्केल) दो बिंदुओं पर पढ़ी जाती है। ज्ञात ऊँचाई वाले बिंदु पर पहली पाठ्यांक पश्च दृष्टि (BS) है; नए बिंदु पर अगली अग्र दृष्टि (FS)।
ऊँचाई का अंतर = BS - FS। धनात्मक हो तो नया बिंदु ऊँचा है। नए बिंदु का समानीत स्तर (RL) = ज्ञात बिंदु का RL + BS - FS।
नियंत्रण बिंदु और उपग्रह स्थिति निर्धारण
नियंत्रण बिंदु ऐसे चिह्न हैं जिनकी स्थिति और ऊँचाई बहुत सटीक ज्ञात है (सर्वे स्तंभ)। हर छोटा सर्वे इनसे जोड़ा जाता है ताकि नक्शे बिना खाली जगह के जुड़ें।
GNSS (GPS, NavIC, Galileo आदि) में उपग्रह अपनी स्थिति और समय भेजते हैं। रिसीवर हर संकेत का समय नापता है; चार उपग्रहों से वह अक्षांश, देशांतर, ऊँचाई और अपनी घड़ी की त्रुटि निकालता है। सर्वे रिसीवर विशेष विधियों से सेंटीमीटर तक की सटीकता पाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ऊँचाई का अंतर = BS - FS
- नए बिंदु का RL = पुराना RL + BS - FS
- बंद ट्रैवर्स में अंतः कोणों का योग = (n - 2) x 180 डिग्री
- कोण = दाएँ लक्ष्य की पाठ्यांक - बाएँ लक्ष्य की पाठ्यांक
- 1 डिग्री = 60 मिनट
हल किए गए उदाहरण
1. RL 100.00 मी वाले बिंदु पर BS = 1.30 मी। अगले बिंदु पर FS = 2.10 मी। उसका RL निकालो।
RL = 100.00 + 1.30 - 2.10 = 99.20 मी।
2. बाएँ लक्ष्य की पाठ्यांक = 25 डिग्री, दाएँ की = 85 डिग्री। कोण निकालो।
85 - 25 = 60 डिग्री।
3. एक बंद ट्रैवर्स में 5 भुजाएँ हैं। अंतः कोणों का योग निकालो।
(5 - 2) x 180 = 540 डिग्री।
4. चतुर्भुज ट्रैवर्स के नापे अंतः कोण: 91, 88, 92, 87 डिग्री। कोणीय त्रुटि निकालो।
योग = 358 डिग्री। सही योग = (4 - 2) x 180 = 360। त्रुटि = 2 डिग्री (कम)।
5. A का RL = 50.00 मी। B तक BS = 2.40, FS = 1.15। B ऊँचा है या नीचा? RL निकालो।
BS - FS = 1.25 (धनात्मक), इसलिए B ऊँचा है। RL = 50.00 + 1.25 = 51.25 मी।
6. A से B होते हुए C तक: A पर BS = 1.50, B पर FS = 1.20 (परिवर्तन बिंदु), B पर BS = 2.00, C पर FS = 2.90। A का RL = 200.00। C का RL निकालो।
B का RL = 200.00 + 1.50 - 1.20 = 200.30। C का RL = 200.30 + 2.00 - 2.90 = 199.40 मी। जाँच: कुल BS = 3.50, कुल FS = 4.10, अंतर = -0.60; 200.00 - 0.60 = 199.40।
आम गलतियाँ
- स्टाफ को उल्टा या गलत निशान पर पढ़ना।
- BS और FS में उलझना: BS ज्ञात बिंदु पर पहली पाठ्यांक है।
- कोण योग के लिए (n + 2) x 180 या n x 180 लेना। सही है (n - 2) x 180।
- सोचना कि GPS को एक उपग्रह काफ़ी है। स्थिति और ऊँचाई के लिए चार चाहिए।