नौवहन और जानकारी
सही जानकारी के बिना जहाज़ सुरक्षित नहीं चल सकता। नाविक यात्रा से पहले इसे जुटाता है और बाद में भी अपडेट रखता है:
- चार्ट और सेलिंग डायरेक्शंस (तट और बंदरगाह का वर्णन करने वाली किताबें)।
- ज्वार सारणी और धारा की जानकारी।
- मौसम और समुद्र का पूर्वानुमान।
- नाविकों को सूचना (Notices to Mariners): नए जहाज़-मलबे, हटाए गए बॉय, बंद बत्तियों या समुद्र में काम की चेतावनी। चार्ट को इन्हीं से सुधारा जाता है।
पुरानी जानकारी ख़तरनाक है। बिना सुधारे चार्ट में ऐसा बॉय दिख सकता है जो अब वहाँ नहीं है।
चार्ट: समुद्र का नक़्शा
समुद्री चार्ट जहाज़ों के लिए बना नक़्शा है। उसमें तट, मीटर में गहराई (साउंडिंग), गहराई-रेखाएँ, चट्टानें, डूबे जहाज़, छिछले टीले, बत्तियाँ और बॉय दिखते हैं। किनारों पर अक्षांश और ऊपर-नीचे देशांतर होते हैं, इसलिए जगह पढ़ी और दूरी नापी जा सकती है (अक्षांश का 1 मिनट = 1 नॉटिकल मील)।
गहराई चार्ट डेटम यानी बहुत नीचे पानी के स्तर से नापी जाती है। इसलिए असली गहराई चार्ट वाले अंक के बराबर या उससे ज़्यादा होती है: असली गहराई = चार्ट की गहराई + ज्वार की ऊँचाई। चार्ट का पैमाना और सुधार का साल ज़रूर देखो।
नौवहन सहायक चिह्न: प्रकाश-स्तंभ, बॉय और बीकन
नौवहन सहायक चिह्न स्थिर या तैरते संकेत हैं जो जहाज़ को रास्ता दिखाते हैं।
- प्रकाश-स्तंभ (लाइटहाउस) की तेज़ बत्ती कई मील दूर से दिखती है। हर एक का अपना पैटर्न होता है (जैसे हर 10 सेकंड में एक झलक), इसलिए नाविक पहचान लेता है कि कौन-सा है।
- बॉय तैरते हैं और तल में लंगर से बँधे होते हैं। पार्श्विक (लैटरल) बॉय रास्ते के किनारे बताते हैं: IALA क्षेत्र A (यूरोप, भारत, अफ़्रीका, ऑस्ट्रेलिया) में बंदरगाह में जाते समय लाल बॉय बाईं (पोर्ट) ओर होता है; क्षेत्र B (जापान, अमेरिका, कोरिया, फ़िलीपींस) में लाल बॉय दाईं ओर।
- कार्डिनल बॉय बताते हैं कि ख़तरे के उत्तर, पूर्व, दक्षिण या पश्चिम में सुरक्षित पानी है।
- बीकन और डेमार्क चट्टानों या किनारे पर लगे स्थिर खंभे हैं। कुछ में कोहरे का सायरन, रडार रिफ़्लेक्टर या AIS संकेत भी होते हैं।
समुद्री धाराओं का परिचय
समुद्री धारा लंबी दूरी तक बहता समुद्र के पानी का एक स्थिर प्रवाह है। इसे हवाएँ, पृथ्वी का घूमना और तापमान व नमक का अंतर बनाते हैं। जापान के पास गर्म कुरोशियो और अटलांटिक में गल्फ़ स्ट्रीम प्रसिद्ध उदाहरण हैं। उत्तरी हिंद महासागर में धाराएँ मानसून के साथ दिशा भी बदल लेती हैं।
नाविक धारा के दो अंक बताते हैं: सेट (जिस दिशा में बहती है) और ड्रिफ़्ट (नॉट में चाल)। 2 नॉट की धारा 3 घंटे में जहाज़ को 6 नॉटिकल मील हटा देती है। नाविक थोड़ा धारा के विरुद्ध चलाकर इसका हिसाब रखता है।
ज्वार-भाटा का परिचय
ज्वार समुद्र के स्तर का चढ़ना-उतरना है। इसका मुख्य कारण चंद्रमा और सूर्य का खिंचाव है। अधिकतर जगहों पर दिन में दो बार उच्च ज्वार और दो बार निम्न ज्वार आते हैं (एक उच्च से अगले उच्च के बीच लगभग 12 घंटे 25 मिनट)। उच्च और निम्न जल के अंतर को ज्वारीय परिसर (टाइडल रेंज) कहते हैं।
- बृहत ज्वार (स्प्रिंग टाइड): सबसे बड़ा परिसर, अमावस्या और पूर्णिमा के आसपास (सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी एक सीध में)।
- लघु ज्वार (नीप टाइड): सबसे छोटा परिसर, अर्धचंद्र के समय।
ज्वार से पानी की क्षैतिज गति को ज्वारीय धारा (टाइडल स्ट्रीम) कहते हैं। ज्वार सारणी हर बंदरगाह के लिए उच्च-निम्न जल के समय और ऊँचाई बताती है। शोल पर गहराई = चार्ट की गहराई + ज्वार की ऊँचाई। जहाज़ को कील के नीचे सुरक्षा के लिए खाली पानी भी चाहिए, इसे अंडर-कील क्लीयरेंस कहते हैं।
खुद करके देखो (Try it)
घर पर: परात में पानी भरो और कागज़ की नाव को स्ट्रॉ से धकेलो। अब बगल से हल्की फूँक मारो: नाव बगल में खिसकती है, जैसे धारा जहाज़ को खिसकाती है।
3D में: आख़िरी चरण में ज्वार 0.5 मी और धारा 4 नॉट रखो। क्या रास्ता सुरक्षित है? अब ज्वार 3 मी करो। क्या बदला?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- असली गहराई = चार्ट की गहराई + ज्वार की ऊँचाई
- अंडर-कील क्लीयरेंस = असली गहराई − जहाज़ का ड्राफ़्ट
- ड्रिफ़्ट दूरी = धारा की चाल × समय
- दो उच्च ज्वारों का अंतर ≈ 12 घंटे 25 मिनट
- अक्षांश का 1 मिनट = 1 नॉटिकल मील
हल किए गए उदाहरण
1. चार्ट में शोल की गहराई 2.0 मी है। ज्वार सारणी के अनुसार ज्वार 1.5 मी ऊँचा है। असली गहराई निकालो।
असली गहराई = 2.0 + 1.5 = 3.5 मी।
2. जहाज़ का ड्राफ़्ट 3 मी है। असली गहराई 3.5 मी है। कील के नीचे खाली पानी कितना है?
क्लीयरेंस = 3.5 − 3 = 0.5 मी।
3. 2 नॉट की धारा पूर्व की ओर बह रही है। 3 घंटे में वह जहाज़ को कितना धकेलेगी?
ड्रिफ़्ट = 2 × 3 = 6 नॉटिकल मील पूर्व की ओर।
4. उच्च ज्वार 06:10 पर है। अगला उच्च ज्वार लगभग कब आएगा?
12 घंटे 25 मिनट जोड़ो: 06:10 + 12:25 = 18:35।
5. 6.0 मी ड्राफ़्ट वाले जहाज़ को 4.2 मी गहराई वाली रेत-पट्टी पार करनी है। उसे 0.5 मी क्लीयरेंस चाहिए। कितना ज्वार चाहिए?
ज़रूरी गहराई = 6.0 + 0.5 = 6.5 मी। ज्वार = 6.5 − 4.2 = 2.3 मी या अधिक।
6. जहाज़ 10 नॉट से 2 घंटे उत्तर चलता है। 3 नॉट की धारा पूर्व की ओर है। शुरुआत से वह कितनी दूर है?
उत्तर = 10 × 2 = 20 nm। पूर्व = 3 × 2 = 6 nm। दूरी = √(20² + 6²) = √436 ≈ 20.9 nm।
आम गलतियाँ
- चार्ट की गहराई को ही असली गहराई मान लेना। ज्वार की ऊँचाई जोड़नी पड़ती है।
- धारा और ज्वार को एक समझना। धारा पानी का बहाव है; ज्वार स्तर का चढ़ना-उतरना है (ज्वार से बनने वाला बहाव ज्वारीय धारा कहलाता है)।
- लाल-हरे बॉय की ओर गड़बड़ करना। क्षेत्र देखो: A और B में किनारे उलटे होते हैं।
- पुराने चार्ट को नाविकों की सूचना से सुधारे बिना इस्तेमाल करना।