फोटोग्रामेट्री के सिद्धांत
फोटोग्रामेट्री यानी फोटो से नाप लेना। एक ही ज़मीन के दो फोटो दो जगहों से लो। ऊँची चीज़ दोनों फोटो में थोड़ी अलग जगह दिखती है। यह अंतर पैरालैक्स है। चीज़ जितनी ऊँची, पैरालैक्स उतना बड़ा। पैरालैक्स, कैमरे की ऊँचाई और दो जगहों की दूरी से ऊँचाई निकालते हैं और 3D मॉडल बनाते हैं।
फोटो लगभग 60 प्रतिशत अग्र अतिव्यापन (overlap) से लिए जाते हैं ताकि ज़मीन का हर हिस्सा कम से कम दो फोटो में आए।
फोटोग्रामेट्री का उपयोग
- ज़मीन के नक्शे और कंटूर रेखाएँ बनाना।
- इमारतों, खदानों और धरोहर स्थलों के 3D मॉडल।
- आयतन निकालना, जैसे रेत या मिट्टी का ढेर।
- ड्रोन से सड़क या निर्माण स्थल की प्रगति जाँचना।
रिमोट सेंसिंग के सिद्धांत और प्रकार
रिमोट सेंसिंग यानी बिना छुए ज़मीन की जानकारी जुटाना। ऊर्जा (आम तौर पर सूरज की रोशनी) ज़मीन पर पहुँचती है, हर पदार्थ अपने ढंग से ऊर्जा लौटाता या छोड़ता है, और सेंसर उसे दर्ज करता है। स्वस्थ पौधे निकट-अवरक्त प्रकाश बहुत लौटाते हैं; पानी उसे सोख लेता है और काला दिखता है।
प्रकार: निष्क्रिय (passive) सेंसर सूरज की रोशनी या धरती की गर्मी इस्तेमाल करते हैं (कैमरा, थर्मल); सक्रिय (active) सेंसर अपना संकेत भेजकर गूँज सुनते हैं (रडार, लाइडार)। मंच ज़मीन, ड्रोन, विमान या उपग्रह हो सकते हैं।
रिमोट सेंसिंग का उपयोग
- फसल की सेहत और उपज का अनुमान।
- बाढ़, आग और सूखे पर नज़र।
- भूमि उपयोग में बदलाव, वन आवरण और शहर का फैलाव।
- मौसम पूर्वानुमान और समुद्र की सतह का तापमान।
GIS के सिद्धांत और भूमिका
GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) जगहों के आँकड़े परतों में रखता है, हर परत में एक विषय। आँकड़े दो रूप में होते हैं: रैस्टर (खानों की जाली, फोटो जैसी) और वेक्टर (बिंदु, रेखाएँ और बहुभुज)। हर वस्तु की एक जगह और तथ्यों की तालिका (गुण) होती है। सब परतों की स्थिति प्रणाली एक होने से उन्हें जोड़ा, खोजा और मिलाया जा सकता है।
GIS का उपयोग
- जगह चुनना: भूमि उपयोग, सड़कें और बाढ़ क्षेत्र की परतें मिलाना।
- सबसे पास का अस्पताल या सबसे अच्छा बस मार्ग ढूँढना।
- पानी के पाइप, बिजली की लाइनें और भूमि अभिलेख सँभालना।
- आपदा राहत की योजना।
और जानने के लिए रिमोट सेंसिंग और GIS के पाठ देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पैरालैक्स: ऊँची चीज़ = फोटो में ज़्यादा खिसकाव
- अग्र अतिव्यापन लगभग 60 प्रतिशत
- रैस्टर = खानों की जाली; वेक्टर = बिंदु, रेखाएँ, बहुभुज
- निष्क्रिय सेंसर: सूरज की रोशनी; सक्रिय सेंसर: अपना संकेत
हल किए गए उदाहरण
1. दो अतिव्यापी फोटो से मीनार की ऊँचाई कैसे मिलती है?
मीनार की चोटी दोनों फोटो में उसके आधार से ज़्यादा खिसकती है। यह खिसकाव (पैरालैक्स) ऊँचाई के साथ बढ़ता है, इसे नापकर ऊँचाई मिलती है।
2. ड्रोन का एक फोटो ज़मीन पर 80 मी चौड़ा है। 60 प्रतिशत अग्र अतिव्यापन के लिए फोटो के बीच ड्रोन कितना चले?
60 प्रतिशत अतिव्यापन यानी 40 प्रतिशत नया। नया हिस्सा = 0.40 x 80 = 32 मी। ड्रोन 32 मी चलेगा।
3. थर्मल सेंसर और रडार में कौन सक्रिय है?
रडार सक्रिय है, वह संकेत भेजकर गूँज सुनता है। थर्मल सेंसर निष्क्रिय है।
4. शहर चाहता है कि स्कूल मुख्य सड़क से कम से कम 500 मी दूर, सुरक्षित ज़मीन पर और घरों के पास हो। कौन सा GIS औज़ार मदद करता है?
सड़कों (500 मी बफ़र के साथ), बाढ़ क्षेत्र और घरों की परतें ओवरले करो। जो जगह सब शर्तें पूरी करे वही उत्तर है।
आम गलतियाँ
- सोचना कि फोटोग्रामेट्री के लिए एक फोटो काफ़ी है। ऊँचाई के लिए दो दृश्य चाहिए।
- सोचना कि रिमोट सेंसिंग का मतलब हमेशा उपग्रह है। ड्रोन और विमान भी होते हैं।
- रैस्टर और वेक्टर मिला देना: रैस्टर खाने हैं, वेक्टर बिंदु, रेखाएँ और बहुभुज।
- GIS को सिर्फ़ नक्शे की तस्वीर समझना। यह जगहों का डेटाबेस है।