केंद्रीकरण
960 में सेनापति चाओ क्वांगयिन सम्राट (ताइज़ू) बने। उनसे पहले के दौर में सैन्य राज्यपाल अक्सर शासकों को हटा देते थे। उन्होंने तय किया कि सत्ता सम्राट के पास ही रहे।
- सेना: पुराने सेनापतियों को इनाम देकर सेवानिवृत्त किया गया ("शराब के प्याले" की कथा, 961)। सबसे अच्छे सैनिक राजधानी के पास रखे गए। जो अधिकारी सैनिकों को प्रशिक्षण देता, वही उन्हें युद्ध में नहीं ले जाता था।
- अधिकारी: राज्यपालों की जगह राजधानी से भेजे नागरिक अधिकारी आए, जिनका तबादला होता रहता था। उन्हें ढूँढ़ने के लिए परीक्षा का दायरा बढ़ाया गया।
- कर: करों का बड़ा हिस्सा राजधानी जाता था, इसलिए क्षेत्रों के पास विद्रोह के लिए धन कम था।
नतीजा: ताक़तवर सरदार नहीं रहे और घर में लंबी शांति रही। पर सेना बड़ी, महँगी और नेतृत्व में कमज़ोर थी। 1069 में वांग आनशी ने ख़ज़ाना भरने और सेना मज़बूत करने के सुधार आज़माए, पर अधिकारी उन पर बहुत झगड़े।
ल्याओ, श्या, जिन से युद्ध
सोंग ने सुदूर उत्तर पर कभी राज नहीं किया। तीन पड़ोसी ताक़तवर हुए:
- ल्याओ (खितान, उत्तर): सालों की लड़ाई के बाद चानयुआन की संधि (1005) ने दोनों राज्यों को बराबर माना। सोंग हर साल 1,00,000 तैल चाँदी और 2,00,000 थान रेशम देता था।
- श्या (तांगुत, उत्तर-पश्चिम): शासक ने 1038 में ख़ुद को सम्राट घोषित किया। 1044 में सोंग हर साल चाँदी, रेशम और चाय भेजने पर सहमत हुआ और श्या अपना शासन ख़ुद चलाता रहा।
- जिन (जुरचेन, उत्तर-पूर्व): सोंग ने ल्याओ के ख़िलाफ़ जिन का साथ दिया और ल्याओ गिर गया (1125)। फिर जिन ने सोंग पर हमला किया और 1127 में राजधानी खाइफ़ंग और दो सम्राटों को पकड़ लिया। एक राजकुमार ने लिन-आन (हांगचो) में दक्षिणी सोंग खड़ा किया। सेनापति यू फ़ेई ने जीतें हासिल कीं पर उन्हें वापस बुला लिया गया, और 1141 की संधि ने हुआई नदी को रेखा बनाया तथा सोंग को जिन को सालाना भुगतान देना पड़ा।
दक्षिणी सोंग को 1279 में मंगोलों ने समाप्त किया।
करके देखिए: पड़ोसी को भुगतान
1. 3D के चरण 3 में 20 वर्ष तक खिसकाइए और कुल चाँदी पढ़िए।
2. अनुमान लगाइए: क्या 20 साल की चाँदी से बड़ी सेना का ख़र्च चल सकता था? सोचिए क्या सस्ता है।
3. घर पर: तीन दोस्तों को "राज्यपाल" बनाकर तीन-तीन सिक्के दीजिए। फिर सब सिक्के "राजधानी" में वापस ले लीजिए और लिखिए कि क्या मिला और क्या खोया।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: केंद्रीकरण = सत्ता राजधानी में आना
- सोंग की स्थापना 960 (चाओ क्वांगयिन); चानयुआन 1005; श्या समझौता 1044
- ल्याओ: सालाना 1,00,000 तैल चाँदी + 2,00,000 थान रेशम
- जिन ने खाइफ़ंग लिया 1127; दक्षिणी सोंग की राजधानी लिन-आन
- संधि 1141: हुआई नदी रेखा; सोंग का अंत 1279
हल किए गए उदाहरण
1. सोंग ने 1005 से हर साल ल्याओ को 1,00,000 तैल चाँदी दी। पहले 8 वर्षों में कितनी चाँदी?
चरण 1: एक वर्ष = 1,00,000 तैल। चरण 2: 8 वर्ष = 8 x 1,00,000। उत्तर: 8,00,000 तैल चाँदी। (3D में 8 पर खिसकाकर जाँचिए।)
2. सोंग सम्राट ने इलाक़े चलाने के लिए सेनापति नहीं, नागरिक अधिकारी क्यों भेजे?
चरण 1: सेनापतियों के पास सेना थी और वे बग़ावत कर सकते थे। चरण 2: नागरिक अधिकारियों के पास सेना न थी और उनका तबादला होता रहता था। चरण 3: इसलिए वे सम्राट पर निर्भर थे और अपनी ताक़त नहीं बना सकते थे।
3. क्रम लगाइए: चानयुआन संधि, खाइफ़ंग का पतन, सोंग की स्थापना, श्या समझौता।
वर्ष: सोंग स्थापना 960, चानयुआन 1005, श्या समझौता 1044, खाइफ़ंग पतन 1127। क्रम: सोंग स्थापना, चानयुआन, श्या समझौता, खाइफ़ंग पतन।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि सोंग हर चीज़ में कमज़ोर था। वह अमीर था, उसके बड़े शहर और विज्ञान थे; कमज़ोरी युद्ध में थी।
- उत्तरी और दक्षिणी सोंग को मिलाना। 1127 के बाद राजधानी खाइफ़ंग से लिन-आन गई।
- चाँदी-रेशम को उपहार कहना। वह शांति रखने के लिए संधि से दिया जाने वाला सालाना भुगतान था।
- ल्याओ, श्या, जिन को मिलाना: ल्याओ = खितान, श्या = तांगुत, जिन = जुरचेन।