नेपोलियन कौन था? सत्ता तक का सफ़र
फ़्रांस में 1789 में बड़ी क्रांति हुई और उसके बाद कई साल उथल-पुथल रही। चतुर सैनिक अफ़सर नेपोलियन बोनापार्ट अपनी जीतों से मशहूर हुआ। 1799 में उसने सत्ता ली और पहला कौंसल बना। 1804 में वह फ़्रांसीसियों का सम्राट बन गया।
उसने मज़बूत राज्य बनाया: राष्ट्रीय बैंक, नए स्कूल और कर वसूलने की एक व्यवस्था।
नागरिक संहिता और साम्राज्य
1804 की नागरिक संहिता (नेपोलियन संहिता) ने कहा कि क़ानून के सामने सब पुरुष बराबर हैं, संपत्ति सुरक्षित है और पुराने सामंती अधिकार ख़त्म। कई देशों ने इसके हिस्से अपनाए।
उसके साम्राज्य की तीन परतें थीं:
- फ़्रांस और उससे मिलाए इलाक़े।
- साथी राज्य, जिन्हें आज्ञा माननी और सैनिक देने पड़ते थे।
- रिश्तेदारों के राज्य, जैसे स्पेन, हॉलैंड और वेस्टफ़ेलिया।
महाद्वीपीय व्यवस्था (1806) ने यूरोप का सारा व्यापार ब्रिटेन से रोकने की कोशिश की, क्योंकि समुद्र में ब्रिटेन उसका सबसे ताक़तवर दुश्मन था।
नेपोलियन के युद्ध
1803 से 1815 तक यूरोप लगभग लगातार युद्ध में रहा। ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, रूस और प्रशा ने कई बार गठबंधन (साथ लड़ने वाले देशों के समूह) बनाए।
- 1805 ऑस्टरलिट्ज़: ऑस्ट्रिया और रूस पर फ़्रांस की बड़ी जीत।
- 1807 तिल्सित: रूस और प्रशा से शांति।
- 1812: नेपोलियन रूस पर चढ़ाई करता है। सेना मॉस्को तक जाती है, फिर लौटते समय ठंड और भूख से बर्बाद हो जाती है।
- 1813 लाइपज़िग: "राष्ट्रों की लड़ाई"। कई देश साथ लड़कर जीतते हैं।
- 1814: वह गद्दी छोड़ता है और एल्बा द्वीप भेजा जाता है।
- 1815 वाटरलू: वह "सौ दिन" के लिए लौटता है, पर हारकर सेंट हेलेना भेजा जाता है।
इन युद्धों से जीते गए इलाक़ों के लोगों में राष्ट्र की भावना जागी और वे अपने राज्य माँगने लगे।
नेपोलियन का पतन क्यों हुआ?
तीन कारण: रूस की चढ़ाई ने उसकी ज़्यादातर सेना ख़त्म की; ब्रिटेन ने हार नहीं मानी और महाद्वीपीय व्यवस्था से उसके अपने साथियों को भी नुक़सान हुआ; और स्पेन, जर्मनी व रूस में राष्ट्रीय भावना बढ़ी, इसलिए लोगों ने डटकर मुक़ाबला किया।
वियना सम्मेलन (1814–1815)
नेता और राजनयिक वियना में मिले। मुख्य थे ऑस्ट्रिया (मेटरनिख), रूस (ज़ार अलेक्ज़ेंडर प्रथम), प्रशा, ब्रिटेन और जल्द ही फ़्रांस।
उनके तीन लक्ष्य:
- शक्ति-संतुलन: कोई एक देश इतना ताक़तवर न हो कि पूरे यूरोप पर राज करे।
- वैधता: पुराने राजवंशों को वापस लाना।
- सुरक्षा: फ़्रांस के चारों ओर मज़बूत राज्य बनाना।
इससे बड़ी शक्तियों के बीच कई साल शांति रही। पर लोगों की आज़ादी और राष्ट्र-राज्य की इच्छा अनसुनी रही, जिससे आगे क्रांतियाँ हुईं। समझौते के बारे में अधिक: हमारा वियना सम्मेलन पाठ देखो।
करके देखो
मीनार बनाओ। कागज़ पर 1799 से 1815 तक रेखा खींचो। 1804, 1805, 1807, 1812, 1813, 1815 पर निशान लगाकर ऊपर बार बनाओ: 1807 और 1812 पर ऊँचा, 1815 पर छोटा। पहले अंदाज़ा लगाओ: किस साल उसकी पहुँच सबसे ज़्यादा थी? फिर 3D में स्लाइडर से जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1799 पहला कौंसल → 1804 सम्राट → 1805 ऑस्टरलिट्ज़ → 1807 तिल्सित → 1812 रूस → 1813 लाइपज़िग → 1814 एल्बा → 1815 वाटरलू
- वियना सम्मेलन (1814–15): शक्ति-संतुलन + वैधता + सुरक्षा
- मुख्य शब्द: गठबंधन, नागरिक संहिता, महाद्वीपीय व्यवस्था, शक्ति-संतुलन
हल किए गए उदाहरण
1. 1804 से 1814 तक नेपोलियन कितने साल सम्राट रहा?
1814 - 1804 = 10 साल (1815 में वह लगभग 100 दिन के लिए लौटा)।
2. नागरिक संहिता क्यों ज़रूरी है?
उसने बराबर क़ानून दिए, संपत्ति सुरक्षित की और सामंती अधिकार ख़त्म किए। कई देशों ने उसे अपनाया, इसलिए उसके पतन के बाद भी ये विचार फैलते रहे।
3. बड़ी शक्तियाँ "शक्ति-संतुलन" क्यों चाहती थीं?
उन्होंने एक बहुत ताक़तवर शासक के साथ 12 साल युद्ध झेले थे। शक्ति बराबर बँटी हो तो कोई देश आसानी से सब पर राज करने की लड़ाई नहीं छेड़ सकता।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि नेपोलियन जन्म से राजा था। वह सेना का अफ़सर था जिसने सत्ता ली और खुद ताज पहना।
- वाटरलू (1815, अंतिम हार) को लाइपज़िग (1813) और रूस (1812) से मिलाना।
- वियना सम्मेलन को कोई लड़ाई समझना। यह राजनयिकों की शांति-बैठक थी।
- यह मानना कि वियना में फ़्रांस मिटा दिया गया। फ़्रांस छोटा हुआ पर बड़ी शक्ति बना रहा।