📘 CodingMarble Learn

स्थलीय जल निकाय: नदी, झील और भूजल

नदी, झील और भूजल ज़मीन पर मीठे पानी के आपस में जुड़े भंडार हैं। वर्षा, बर्फ़ और ग्लेशियर का पिघला पानी इन्हें भरता है। बरसात में नदी का स्तर जल-स्तर से ऊँचा होता है, इसलिए नदी भूजल को भरती है। सूखे में जल-स्तर ऊँचा रहता है और भूजल (आधार प्रवाह) नदी को पानी देता है। झील पानी जमा करके धीरे-धीरे लौटाती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह ज़मीन का कटा हुआ चित्र है। इसमें नदी, झील और ज़मीन के नीचे का पानी यानी भूजल दिख रहा है।
  2. वर्षा और बर्फ़ के पिघलने से पानी आता है। यही तीनों जल निकायों का स्रोत है।
  3. बरसात: नदी ऊँची है। नदी का पानी रिसकर नीचे ज़मीन में जाता है। नदी भूजल को भरती है।
  4. सूखा मौसम: नदी नीची है, पर ज़मीन में अब भी पानी है। वह रिसकर नदी में आता है। भूजल नदी को भरता है।
  5. झील एक भंडार है। बाढ़ में भर जाती है और सूखे महीनों में पानी लौटाती है। इससे नदी स्थिर रहती है।
  6. अब आप कीजिए। मौसम का स्लाइडर चलाइए और देखिए कि स्तर बराबर होते ही तीर कैसे पलटते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या भूजल ज़मीन के नीचे की नदी है?

नहीं। ज़्यादातर यह मिट्टी, रेत और दरार वाली चट्टान की बारीक जगहों में भरा पानी है। यह साल में कुछ मीटर ही सरकता है।

इन जल निकायों में पानी कहाँ से आता है?

वर्षा, पिघलती बर्फ़ और ग्लेशियर से। 3D में गिरती बूँदें देखिए।

बरसात में नदी का पानी ज़मीन में क्यों जाता है?

क्योंकि नदी जल-स्तर से ऊँची है। पानी ऊँचे से नीचे जाता है, इसलिए रिसकर नीचे जाता है। तीर देखिए।

सूखे में ज़मीन नदी को पानी क्यों लौटाती है?

वर्षा रुकने पर नदी जल्दी उतरती है, पर जल-स्तर धीरे उतरता है। अब जल-स्तर नदी से ऊँचा है, इसलिए पानी नदी में आता है।

झील नदी के लिए क्या करती है?

बाढ़ को जमा करती है और पानी धीरे-धीरे छोड़ती है, इसलिए नदी साल भर कम बदलती है।

क्या हर नदी को भूजल से पानी मिलता है?

हमेशा नहीं। बहुत-सी नदियों को मिलता है, पर शुष्क इलाकों की कुछ नदियाँ रास्ते में ज़मीन को पानी खोती हैं। स्लाइडर से दोनों स्थितियाँ देखिए।

तीन जुड़े हुए जल निकाय

ज़मीन पर मीठा पानी तीन मुख्य जगह रखा रहता है। हर एक को भंडार (store) कहते हैं।

ठंडी जगहों पर चौथा भंडार है: बर्फ़ और ग्लेशियर। ये पानी को बर्फ़ के रूप में रखते हैं और पिघलने पर छोड़ते हैं।

स्रोत सरल हैं: वर्षा, बर्फ़ का पिघलना और ग्लेशियर का पिघलना पानी जोड़ते हैं। वाष्पन और समुद्र की ओर बहाव पानी घटाते हैं।

पुनर्भरण: कौन किसे भरता है?

पुनर्भरण (recharge) का मतलब है एक जल निकाय का दूसरे को पानी देना। नियम सीधा है: पानी ऊँचे स्तर से नीचे स्तर की ओर जाता है।

बरसात: नदी ज़मीन को भरती है

भारी वर्षा के बाद नदी का स्तर तेज़ी से चढ़ता है। वह पास के जल-स्तर से ऊँचा हो जाता है। नदी का पानी तली और किनारों से मिट्टी में रिसता है। जल-स्तर ऊपर उठता है। इसे नदी द्वारा भूजल का पुनर्भरण कहते हैं। नदी के पास के कुएँ भर जाते हैं।

सूखा मौसम: ज़मीन नदी को भरती है

वर्षा रुकने पर नदी जल्दी उतर जाती है, पर जल-स्तर धीरे उतरता है। इसलिए वह नदी से ऊँचा रहता है। भूजल नदी की तली में रिसकर आता है। इस धीमी आपूर्ति को आधार प्रवाह (baseflow) कहते हैं। इसी कारण कई नदियाँ हफ़्तों बिना बारिश के बहती रहती हैं।

झील

झील एक बड़ी टंकी की तरह है। बाढ़ में वह भर जाती है और नदी की चोटी (peak) छोटी हो जाती है। सूखे महीनों में वह नदी और नीचे की ज़मीन को पानी लौटाती है। जब जल-स्तर झील से ऊँचा होता है तो झील को भी ज़मीन से पानी मिलता है।

बर्फ़ और ग्लेशियर का पानी

ऊँचे पहाड़ों और शुष्क इलाकों में गर्मी में पिघली बर्फ़ ही नदियों का मुख्य पानी होती है। यही नदी आगे मैदान के भूजल को भरती है। तीनों एक जुड़ा हुआ तंत्र हैं, इसलिए एक में बदलाव दूसरों को बदलता है।

जब इंसान दखल देता है

भंडार आपस में जुड़े हैं, इसलिए हमारे काम का असर पूरे तंत्र पर पड़ता है।

अच्छा प्रबंधन यह है: ज़मीन से उतना ही लें जितना वर्षा और नदियाँ लौटा सकें; आर्द्रभूमि और जंगल बचाएँ; और पूरे नदी बेसिन के लिए पानी की योजना एक साथ बनाएँ।

करके देखिए

  1. एक पारदर्शी डिब्बे में रेत भरिए। उसमें लंबी नाली खोदकर पानी डालिए। यही "नदी" है। देखिए, पास की रेत काली होती जाती है यानी जल-स्तर चढ़ता है।
  2. अब नाली का पानी हटा दीजिए। क्या पास की गीली रेत कुछ देर पानी देती रहती है? यही भूजल का नदी को पानी देना है।
  3. 3D के आख़िरी चरण में स्लाइडर "बरसात" पर ले जाइए। तीर किधर हैं? "सूखा" पर ले जाकर फिर देखिए। किस जगह तीर गायब हो जाते हैं?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. नदी के पास एक कुएँ में पानी मई में 8 मीटर नीचे और सितंबर में 3 मीटर नीचे है। जल-स्तर का क्या हुआ और क्यों?

जल-स्तर 8 − 3 = 5 मीटर ऊपर उठा। मानसून की बारिश से नदी भरी और नदी का पानी ज़मीन में भी रिसा, यानी नदी ने भूजल को भरा।

2. 40 दिन से बारिश नहीं हुई, फिर भी नदी बह रही है। उसका पानी कहाँ से आ रहा है?

भूजल से। जल-स्तर नदी के स्तर से ऊँचा है, इसलिए पानी तली में रिसकर आता है। यही आधार प्रवाह है।

3. 4 वर्ग किमी क्षेत्रफल की झील बिना बारिश के 2 मीटर नीचे उतर गई। कितना पानी घटा? (1 वर्ग किमी = 10,00,000 वर्ग मीटर)

आयतन = क्षेत्रफल × उतार = 40,00,000 वर्ग मी × 2 मी = 80,00,000 घन मी। यानी 80 लाख घन मीटर, या 8,000 मिलियन लीटर।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ज़मीन के नीचे भीगी परत की ऊपरी सतह को क्या कहते हैं?
2. बरसात में नदी जल-स्तर से ऊँची है। पानी कहाँ जाता है?
3. सूखे में भूजल का नदी में धीरे-धीरे आना क्या कहलाता है?
4. बाढ़ को रोककर नदी को स्थिर रखने में कौन मदद करता है?
5. बहुत ज़्यादा कुएँ खोदने से सबसे अधिक संभावना है कि:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नदी भूजल को कैसे भरती है?

जब नदी जल-स्तर से ऊँची होती है तो पानी तली और किनारों से रिसकर मिट्टी के कणों के बीच भर जाता है। फिर जल-स्तर ऊपर उठता है।

बिना बारिश के भी कुछ नदियाँ क्यों बहती हैं?

उन्हें भूजल (आधार प्रवाह), पिघलती बर्फ़-ग्लेशियर या ऊपर की झील से धीरे-धीरे पानी मिलता रहता है।

भूजल और झील में क्या अंतर है?

झील ज़मीन के गड्ढे में खुला पानी है। भूजल सतह के नीचे मिट्टी और चट्टान की बारीक जगहों में छिपा है और बहुत धीरे चलता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन高二Sel.1 Ch.4 Water motion

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भूगोल पाठ