पृथ्वी का आकार: थोड़ी चपटी गेंद
पृथ्वी गेंद की तरह गोल है, थाली की तरह चपटी नहीं। कुछ आसान प्रमाण: दूर जाता जहाज़ पहले नीचे से और फिर ऊपर से क्षितिज के पीछे छिपता है; चंद्रग्रहण में चाँद पर पृथ्वी की छाया हमेशा गोल पड़ती है; और अंतरिक्ष से ली गई तसवीरों में पृथ्वी गेंद दिखती है।
पृथ्वी दिन में एक बार घूमती है। घूमने से बीच का हिस्सा थोड़ा बाहर की ओर उभर जाता है। इसलिए भूमध्य रेखा पर उभार है और ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है। इस आकार को गोलाभ (ओब्लेट स्फेरॉइड) कहते हैं, यानी दबी हुई गेंद। दबाव बहुत कम है: भूमध्य रेखा पर त्रिज्या 6,378 km और ध्रुवों पर 6,357 km, अंतर सिर्फ़ 21 km। 30 cm त्रिज्या वाले ग्लोब पर यह अंतर लगभग 1 mm होगा, इसलिए ग्लोब एक बहुत अच्छा मॉडल है।
पृथ्वी का माप
औसत त्रिज्या R ≈ 6,371 km। भूमध्य रेखा पर चक्कर यानी परिधि 2πR ≈ 40,000 km। कुल सतह लगभग 51 करोड़ km² है, जिसमें लगभग 71% पानी है।
तो ज़मीन सपाट क्यों दिखती है? क्योंकि हम बहुत छोटा टुकड़ा देखते हैं। 1.7 m लंबे व्यक्ति को क्षितिज लगभग 5 km दूर दिखता है, और 5 km, 40,000 km के सामने बहुत छोटा है।
पृथ्वी के अंदर: चार परतें
- भू-पर्पटी (क्रस्ट): पतली, ठोस, चट्टानी परत जिस पर हम रहते हैं। महासागरों के नीचे लगभग 5–10 km और ऊँचे पहाड़ों के नीचे 30–70 km मोटी।
- मैंटल: गर्म चट्टान की बहुत मोटी परत, लगभग 2,900 km की गहराई तक। यह ठोस है, पर लाखों सालों में गाढ़े शीरे की तरह धीरे-धीरे बहती है।
- बाहरी क्रोड: 2,900 km से 5,150 km तक। पिघला हुआ लोहा और निकल, इसलिए यह तरल है।
- आंतरिक क्रोड: लोहे और निकल की गेंद, त्रिज्या लगभग 1,220 km। यह सबसे गर्म (लगभग 5,500 °C) है, फिर भी ठोस है, क्योंकि उस पर दबाव बहुत अधिक है।
3D में क्रस्ट को असली से मोटा दिखाया गया है ताकि आप उसे देख सकें।
अंदर क्या है, यह हमें कैसे पता?
अब तक का सबसे गहरा गड्ढा लगभग 12 km है, यानी केंद्र के रास्ते का सिर्फ़ 0.2%। इसलिए वैज्ञानिक संकेतों का सहारा लेते हैं। सबसे ज़रूरी संकेत हैं भूकंपीय तरंगें। कुछ तरंगें (S-तरंगें) तरल में से नहीं गुज़र पातीं। वे बाहरी क्रोड पर रुक जाती हैं, इसलिए बाहरी क्रोड तरल होना चाहिए। दूसरी तरंगें परतों की सीमा पर मुड़ती हैं या तेज़-धीमी होती हैं, इससे परतों की शुरुआत का पता चलता है। साथ ही खदानों और खुदाई से पता चलता है कि गहराई के साथ गर्मी बढ़ती है, और ज्वालामुखी नीचे से गर्म चट्टान बाहर लाते हैं।
करके देखिए: फल से पृथ्वी बनाइए
आड़ू या उबले अंडे को बीच से काटिए। पतले छिलके को क्रस्ट, मोटे बीच के हिस्से को मैंटल और गुठली या पीले भाग को क्रोड कहिए। फिर पैमाने से पृथ्वी बनाइए: 6,371 km के लिए त्रिज्या 6.4 cm। इस चित्र में क्रस्ट कितना मोटा होगा? लगभग 0.03 cm, पेंसिल की रेखा से भी पतला! 3D में गहराई वाला स्लाइडर चलाइए और हर बार रंग बदलने पर परत का नाम बोलिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- परिधि = 2 × π × R, R ≈ 6,371 km, इसलिए C ≈ 40,000 km
- भूमध्य रेखा पर त्रिज्या 6,378 km, ध्रुव पर 6,357 km, अंतर ≈ 21 km
- परतों की गहराई: क्रस्ट 0–35 km (औसत), मैंटल 2,900 km तक, बाहरी क्रोड 5,150 km तक, आंतरिक क्रोड 6,371 km तक
- परत की मोटाई = निचली गहराई − ऊपरी गहराई
- दूरी = चाल × समय
हल किए गए उदाहरण
1. R = 6,371 km और π = 3.14 लेकर पृथ्वी की परिधि निकालिए।
C = 2 × π × R = 2 × 3.14 × 6,371 = 40,011.88 km। यानी लगभग 40,000 km।
2. एक जहाज़ 800 km/h की चाल से भूमध्य रेखा पर उड़ता है। पृथ्वी का एक चक्कर (40,000 km) कितने समय में पूरा होगा?
समय = दूरी ÷ चाल = 40,000 ÷ 800 = 50 घंटे।
3. बाहरी क्रोड 2,900 km की गहराई से शुरू होकर 5,150 km पर ख़त्म होता है। इसकी मोटाई कितनी है?
मोटाई = 5,150 − 2,900 = 2,250 km।
4. आंतरिक क्रोड की त्रिज्या लगभग 1,220 km है। यह पृथ्वी की त्रिज्या (6,371 km) का कितना प्रतिशत है?
1,220 ÷ 6,371 = 0.1915, यानी लगभग 19%। पूरी पृथ्वी के सामने आंतरिक क्रोड छोटा है।
5. 25 cm त्रिज्या वाले मॉडल ग्लोब पर ध्रुवीय त्रिज्या भूमध्यरेखीय से कितने mm कम होगी? (असली अंतर 6,378 km में से 21 km है)
अनुपात = 21 ÷ 6,378 = 0.0033। 25 cm = 250 mm। 250 × 0.0033 ≈ 0.8 mm। बाल भी इससे मोटा होता है, इसलिए ग्लोब पूरा गोल दिखता है।
6. सबसे गहरा गड्ढा 12 km है। यह केंद्र (6,371 km) के रास्ते का कितना प्रतिशत है?
12 ÷ 6,371 = 0.0019, यानी लगभग 0.19%। हमने बस ऊपर की खरोंच ही देखी है।
आम गलतियाँ
- पृथ्वी को पूरी तरह गोला समझना। यह ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है (अंतर 21 km)।
- पूरा अंदर पिघला लावा समझना। केवल बाहरी क्रोड तरल है। मैंटल धीरे बहने वाली ठोस चट्टान है और आंतरिक क्रोड ठोस है।
- क्रस्ट को मोटा और क्रोड को ठंडा समझना। क्रस्ट सबसे पतली परत है और क्रोड सबसे गर्म हिस्सा।
- क्रम गड़बड़ करना। सतह से नीचे क्रम है: क्रस्ट, मैंटल, बाहरी क्रोड, आंतरिक क्रोड।