आयु-लिंग संरचना क्या है?
आयु-लिंग संरचना बताती है कि किसी जगह हर उम्र के कितने लोग हैं, और उनमें कितने पुरुष और कितनी महिलाएँ हैं। इसे हम जनसंख्या पिरामिड से दिखाते हैं।
इसे पढ़ने का तरीका: हर पंक्ति एक आयु-वर्ग है, जैसे 0 से 14 वर्ष। सबसे छोटा वर्ग नीचे होता है। बाईं पट्टी पुरुषों को गिनती है। दाईं पट्टी महिलाओं को गिनती है। लंबी पट्टी यानी ज़्यादा लोग।
हम तीन बड़े आयु-वर्ग लेते हैं। बच्चे 0 से 14 वर्ष। कामकाजी उम्र लगभग 15 से 59 (कुछ देश 15 से 64 लेते हैं)। बुज़ुर्ग 60 या 65 और ऊपर। बच्चे और बुज़ुर्ग आश्रित कहलाते हैं, क्योंकि उनके लिए आम तौर पर दूसरों को कमाना पड़ता है।
पिरामिड के तीन आकार
1. चौड़ा आधार (विस्तारित)। बहुत बच्चे पैदा होते हैं और कम लोग बुढ़ापे तक पहुँचते हैं। पिरामिड त्रिभुज जैसा दिखता है। जनसंख्या तेज़ी से बढ़ती है। बच्चों के लिए स्कूल, भोजन और जवानों के लिए रोज़गार बड़ी ज़रूरतें हैं। कम आय वाले कई देशों में यह आकार दिखता है।
2. सीधी भुजाएँ (स्थिर)। हर वर्ग लगभग बराबर होता है। जन्म और मृत्यु के पास-पास होने से कुल संख्या लगभग वही रहती है। छोटे परिवार और लंबी उम्र वाले देश इस आकार के पास हैं।
3. संकरा आधार (संकुचित)। कम बच्चे पैदा होते हैं और लोग लंबा जीते हैं। ऊपर का हिस्सा आधार से चौड़ा है। हर बुज़ुर्ग पर कामगार कम हैं। पेंशन और स्वास्थ्य पर ख़र्च बढ़ता है। जापान और कई यूरोपीय देश इस आकार के हैं।
भारत पहले आकार से दूसरे की ओर बदल रहा है: परिवार छोटे होने से उसका आधार संकरा हो रहा है।
लिंगानुपात और दोनों ओर की पट्टियाँ बराबर क्यों नहीं
लिंगानुपात यानी हर 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या। लड़कियों की तुलना में लड़के थोड़े ज़्यादा पैदा होते हैं (लगभग 100 लड़कियों पर 105 लड़के)। पर महिलाएँ आम तौर पर पुरुषों से ज़्यादा जीती हैं, इसलिए सबसे ऊपर की पंक्तियों में महिलाएँ ज़्यादा होती हैं। इस तरह उम्र बढ़ने पर अनुपात बदलता है।
अगर बहुत से पुरुष काम के लिए दूसरे शहर या देश चले जाएँ, तो उस जगह की कामकाजी पंक्तियों में पुरुष कम दिखते हैं। अगर लड़कियों को पैदा होने न दिया जाए या उनकी अनदेखी हो, तो नीचे की पंक्तियों में लड़कियाँ कम दिखती हैं। पिरामिड एक्स-रे जैसा है: वह जन्म, मृत्यु और प्रवास का इतिहास दिखाता है।
आकार से योजनाकार को क्या पता चलता है
चौड़ा आधार: स्कूल बनाओ, बच्चों की स्वास्थ्य सेवा बढ़ाओ, और जल्दी वयस्क होने वाले बड़े युवा समूह के लिए रोज़गार की योजना बनाओ।
मोटा बीच: बहुत कामगार। अगर उन्हें नौकरी मिले तो यह अर्थव्यवस्था के लिए "वरदान" हो सकता है, क्योंकि हर कामगार पर आश्रित कम होते हैं।
चौड़ा शीर्ष: स्वास्थ्य सेवा, पेंशन और बुज़ुर्गों की देखभाल बनाओ, और काम करने की उम्र बढ़ाने पर सोचो।
इस तरह पिरामिड पढ़कर पता चलता है: 10 या 20 साल में इस देश में कितने बच्चे, कितने कामगार और कितने बुज़ुर्ग होंगे? आज नीचे की पंक्तियों के लोग कल के कामगार हैं। यहीं से अगला पाठ शुरू होता है: मानव पूँजी और श्रम संसाधन।
करके देखो: अपना पिरामिड बनाओ
अपनी गली या बड़े परिवार के सभी लोगों की सूची बनाओ। हर व्यक्ति को पाँच आयु-वर्गों में से एक में रखो: 0-14, 15-29, 30-44, 45-59, 60 और ऊपर। हर वर्ग में पुरुष और महिलाएँ गिनो। चौकोर कागज़ पर हर पंक्ति के लिए दो पट्टियाँ बनाओ: पुरुष बाईं ओर, महिलाएँ दाईं ओर, एक व्यक्ति के लिए एक खाना।
देखने से पहले अनुमान लगाओ: आधार बीच से चौड़ा है या संकरा? अपने आकार को 3D के तीन आकारों से मिलाओ। यह किसके सबसे पास है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- लिंगानुपात = (महिलाओं की संख्या ÷ पुरुषों की संख्या) × 1000
- आश्रित = बच्चे (0 से 14) + बुज़ुर्ग (60 या 65 और ऊपर)
- आश्रितता अनुपात = (बच्चे + बुज़ुर्ग) ÷ कामकाजी उम्र के लोग × 100
- कामकाजी आयु वर्ग: आम तौर पर 15 से 59 (या 15 से 64)
- पिरामिड के आकार: चौड़ा आधार (विस्तारित), सीधी भुजाएँ (स्थिर), संकरा आधार (संकुचित)
हल किए गए उदाहरण
1. एक गाँव में 400 लोग 0-14 वर्ष के, 500 लोग 15-59 वर्ष के और 100 लोग 60+ हैं। बच्चों का हिस्सा निकालो।
कुल = 400 + 500 + 100 = 1000। बच्चे = 400 ÷ 1000 × 100 = 40%।
2. एक कस्बे में 5000 पुरुष और 4800 महिलाएँ हैं। लिंगानुपात निकालो।
लिंगानुपात = महिलाएँ ÷ पुरुष × 1000 = 4800 ÷ 5000 × 1000 = प्रति 1000 पुरुषों पर 960 महिलाएँ।
3. उदाहरण 1 वाला ही गाँव: आश्रितता अनुपात निकालो।
आश्रित = 400 + 100 = 500। कामगार = 500। अनुपात = 500 ÷ 500 × 100 = 100। 100 कामगारों पर 100 आश्रित हैं।
4. देश A: बच्चे 35%, कामगार 60%, बुज़ुर्ग 5%। देश B: बच्चे 15%, कामगार 60%, बुज़ुर्ग 25%। किसका आधार चौड़ा है और कौन वृद्ध हो रहा है?
A का आधार चौड़ा है (35% बच्चे), इसलिए वह विस्तारित पिरामिड है। B का शीर्ष चौड़ा (25% बुज़ुर्ग) और आधार संकरा है, इसलिए वह वृद्ध हो रहा है। दोनों में 60% कामगार हैं, और दोनों में 60 कामगारों पर 40 आश्रित हैं: अनुपात बराबर है, पर आश्रितों का प्रकार अलग है (A में स्कूल, B में पेंशन)।
5. एक कस्बे में 12% लोग 60+ और 22% लोग 0-14 वर्ष के हैं। कामकाजी उम्र के कितने प्रतिशत हैं?
कामकाजी उम्र = 100 − 12 − 22 = 66%।
आम गलतियाँ
- पट्टी की लंबाई को लोगों की संख्या मान लेना, जबकि अक्ष प्रतिशत दिखा रहा हो। हमेशा अक्ष पढ़ो।
- चौड़े आधार को अमीर देश की निशानी समझना। यह सिर्फ़ इतना बताता है कि बहुत बच्चे पैदा हो रहे हैं।
- लिंगानुपात उलट देना। भारत में यह प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाएँ है, प्रति 1000 महिलाओं पर पुरुष नहीं।
- यह सोचना कि वृद्ध होते पिरामिड का मतलब जनसंख्या तुरंत घटना है। वह कुछ साल और बढ़ सकती है।