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संसाधन, प्रवास, जनसंख्या और जलवायु

प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन हर जगह बराबर नहीं हैं। सूखा और गरीबी जैसे धक्का कारक तथा काम जैसे खिंचाव कारक लोगों को प्रवास कराते हैं। जनांकिकी लोगों की संख्या और उम्र गिनती है, और जनसंख्या पिरामिड बढ़ती या बूढ़ी आबादी दिखाता है। जलवायु खेती, काम और आमदनी बदलती है, इसलिए प्रवास बढ़ा सकती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पहाड़ी पर कुदरती संसाधन हैं: कोयला, तेल, पवन और पानी। लोग इनसे बिजली और सामान बनाते हैं।
  2. संसाधन हर जगह बराबर नहीं हैं। तार से बिजली शहर पहुँची। गाँव में बिजली नहीं है।
  3. शहर में काम है (खिंचाव) और गाँव में तंगी है (धक्का)। कुछ लोग चल पड़े। इसे प्रवास कहते हैं।
  4. जनसंख्या पिरामिड उम्र के हिसाब से लोगों को गिनता है। चौड़ा आधार यानी बहुत बच्चे। पतला आधार यानी बुज़ुर्ग ज़्यादा।
  5. सूखा पड़ा। बारिश लगभग शून्य हो गई, फ़सल गई और गाँव से ज़्यादा लोग चले गए।
  6. अब आपकी बारी। शहर में काम और गाँव में बारिश बदलिए। गिनिए कितने लोग जाते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

संसाधन हर जगह बराबर क्यों नहीं हैं?

प्रकृति ने बहुत लंबे समय में कोयला, तेल, हवा और पानी अलग-अलग जगह बनाए। इसलिए कुछ ही जगहों पर वे हैं।

सिर्फ़ कुछ लोग ही क्यों जाते हैं?

जब घर का धक्का और नई जगह का खिंचाव मिलकर काफ़ी बड़े हों, तब लोग जाते हैं। 3D में बिंदु तभी चलते हैं जब काम ज़्यादा या बारिश कम हो।

पिरामिड का आकार हमें क्या बताता है?

चौड़ा आधार यानी बहुत बच्चे। पतला आधार यानी कम बच्चे और बुज़ुर्ग ज़्यादा।

सूखा अर्थव्यवस्था को कैसे बदलता है?

फसल बिगड़ती है, खेती की आमदनी घटती है और लोग चले जाते हैं। गाँव की अर्थव्यवस्था सिकुड़ती है और शहर बढ़ता है।

क्या सिर्फ़ अच्छे काम से भी लोग चल पड़ते हैं?

हाँ, मज़बूत खिंचाव गाँव ठीक होने पर भी लोगों को खींच सकता है। खुले चरण में काम ज़्यादा और बारिश ज़्यादा करके देखिए।

प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन (Natural and energy resources)

प्राकृतिक संसाधन प्रकृति की वह चीज़ है जिसे लोग काम में लेते हैं: पानी, मिट्टी, जंगल, खनिज और ईंधन। नवीकरणीय संसाधन (सूरज, पवन, पानी, ठीक से सँभाले जंगल) बार-बार मिलते हैं। अनवीकरणीय संसाधन (कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस) बनने में करोड़ों साल लगते हैं, इसलिए ख़त्म हो जाते हैं।

ऊर्जा संसाधन हमारे घर, कारखाने और गाड़ियाँ चलाते हैं। आज दुनिया की ज़्यादातर ऊर्जा जीवाश्म ईंधन से आती है, पर इनसे कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है और धरती गरम होती है। पवन, सौर और जल जैसे साफ़ स्रोत तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

संसाधन बराबर नहीं बँटे हैं। कहीं तेल है, कहीं उपजाऊ ज़मीन, कहीं तेज़ धूप या हवा, और कहीं बहुत कम। देश व्यापार से कमी पूरी करते हैं, और संसाधन वाली जगहें अक्सर अमीर हो जाती हैं। संसाधनों का समझदारी से उपयोग (बचत, दोबारा उपयोग, साफ़ ऊर्जा) सतत विकास का हिस्सा है।

प्रवास (Migration)

प्रवास का मतलब है लोगों का एक जगह से दूसरी जगह रहने के लिए जाना, कुछ समय के लिए या हमेशा के लिए। यह देश के अंदर (गाँव से शहर) या देशों के बीच हो सकता है।

कारण दो तरह के होते हैं:

जिस जगह से कोई जाता है वहाँ से वह उत्प्रवासी है और जहाँ पहुँचता है वहाँ के लिए आप्रवासी। खतरे के कारण घर छोड़ने वाला शरणार्थी कहलाता है। प्रवास से लाभ भी हैं (घर पैसे भेजना, नए हुनर और विचार) और नुकसान भी (भीड़ भरे शहर, खाली गाँव, कुछ प्रवासियों की कठिन ज़िंदगी)।

जनांकिकी (Demography)

जनांकिकी आबादी का अध्ययन है: कितने लोग हैं, संख्या कितनी तेज़ी से बदल रही है और लोगों की उम्र कितनी है।

तीन बातें सबसे ज़रूरी हैं: जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास। आबादी में बदलाव = जन्म − मृत्यु + (आने वाले − जाने वाले)।

जनसंख्या पिरामिड हर उम्र समूह की संख्या को पट्टियों में बनाता है। चौड़ा आधार मतलब बहुत बच्चे और तेज़ वृद्धि। पतला आधार और चौड़ा ऊपरी हिस्सा मतलब बूढ़ी होती आबादी। प्रवास भी पिरामिड बदलता है: युवा गाँव छोड़ते हैं और शहर में आते हैं।

जलवायु और अर्थव्यवस्था (Climate and economy)

जलवायु किसी जगह के बरसों के औसत मौसम को कहते हैं। वही तय करती है कि कौन सी फसल उगेगी, पानी कितना होगा और कौन सी ऊर्जा (सूरज, पवन, जल) मिलेगी।

जब जलवायु बदलती है (ज़्यादा गर्मी, सूखा, बाढ़, समुद्र का स्तर बढ़ना), खेती, मछली पालन और पर्यटन की आमदनी घटती है और मरम्मत व खाने का खर्च बढ़ता है। लोग बेहतर मौके वाली जगह चले जाते हैं। इसे जलवायु-जनित प्रवास कहते हैं।

अर्थव्यवस्था और जलवायु एक-दूसरे पर असर डालते हैं। जीवाश्म ईंधन जलाने से अर्थव्यवस्था बढ़ती है पर धरती गरम होती है। साफ़ ऊर्जा, पानी की बचत और बेहतर खेती नुकसान घटा सकते हैं और काम भी बचाए रख सकते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक साल में किसी क्षेत्र में 12,000 जन्म, 9,000 मृत्यु, 5,000 आने वाले और 8,000 जाने वाले हैं। आबादी में कितना बदलाव हुआ?

प्राकृतिक वृद्धि = 12,000 − 9,000 = 3,000। शुद्ध प्रवास = 5,000 − 8,000 = −3,000। कुल बदलाव = 3,000 + (−3,000) = 0। आबादी उतनी ही रहेगी।

2. एक गाँव में 800 लोग हैं। सूखे से 15% लोग शहर चले गए। कितने गए और कितने रहे?

800 का 15% = 120 गए। 800 − 120 = 680 रहे।

3. एक पिरामिड का आधार बहुत पतला और ऊपर का हिस्सा चौड़ा है। यह आबादी के बारे में क्या बताता है, और क्या दिक़्क़त आ सकती है?

यह बूढ़ी होती आबादी है जिसमें बच्चे कम हैं। कम कामकाजी लोग कई बुज़ुर्गों का सहारा बनेंगे, इसलिए प्रवासी कामगारों और मज़बूत पेंशन-स्वास्थ्य व्यवस्था की ज़रूरत पड़ सकती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें से कौन सा अनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन है?
2. शहर में काम मिलना किसका उदाहरण है?
3. चौड़े आधार वाला जनसंख्या पिरामिड क्या दिखाता है?
4. इनमें से कौन गाँव छोड़ने का धक्का दे सकता है?
5. जो व्यक्ति किसी देश से बाहर जाता है, वह उस देश से क्या कहलाता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोग प्रवास क्यों करते हैं?

धक्का कारकों जैसे सूखा, युद्ध, गरीबी और खिंचाव कारकों जैसे काम, स्कूल, सुरक्षा के कारण।

जनसंख्या पिरामिड क्या है?

यह हर उम्र समूह की पट्टियों वाला ग्राफ़ है। इसका आकार बताता है कि आबादी जवान और बढ़ती हुई है या बूढ़ी हो रही है।

जलवायु परिवर्तन प्रवास को कैसे बढ़ाता है?

गर्मी, सूखा, बाढ़ और बढ़ता समुद्र खेती और घर बिगाड़ देते हैं। इससे आमदनी घटती है और लोग काम व सुरक्षा के लिए दूसरी जगह चले जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इटलीSecondaria di secondo grado – classe 5ª (esame di Stato)The contemporary age

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