घर के कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन
कार्बनिक यौगिक कार्बन की शृंखला पर बने होते हैं। घर में उदाहरण: सिरके में ऐसीटिक अम्ल, सैनिटाइज़र में एथेनॉल, चीनी, साबुन, खाना पकाने का तेल, प्लास्टिक।
अकार्बनिक यौगिक आमतौर पर कार्बन शृंखला पर नहीं बने होते। उदाहरण: नमक (NaCl), खाने का सोडा (NaHCO₃), ब्लीच (NaOCl), ड्रेन क्लीनर (NaOH), टॉयलेट क्लीनर में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल।
ज़रूरी शब्द: विलेय (जो घुलता है), विलायक (जिसमें घुलता है), सांद्रता (कितना विलेय कितने आयतन में), संक्षारक (त्वचा या धातु को गलाने वाला), विषैला।
घरेलू उत्पादों का pH
pH पैमाना 0 से 14 तक है। 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन, 7 से ज़्यादा क्षारीय। हर 1 का अंतर 10 गुना है।
- टॉयलेट क्लीनर: लगभग 1–2
- सिरका: लगभग 2.5–3
- बर्तन का साबुन: लगभग 7–8
- खाने का सोडा: लगभग 8.3
- अमोनिया क्लीनर: लगभग 11–12
- ब्लीच: लगभग 12–13
- ड्रेन क्लीनर: लगभग 13–14
दोनों छोरों के उत्पाद संक्षारक हैं। अम्ल जंग और पानी के दाग हटाते हैं; क्षार चिकनाई और बाल गलाते हैं। घर पर लाल पत्तागोभी के रस से pH जाँच सकते हैं।
कुछ चीज़ें क्यों मिलती हैं और कुछ क्यों नहीं
पानी के अणु ध्रुवीय हैं: एक सिरा थोड़ा धनात्मक, दूसरा थोड़ा ऋणात्मक। ये नमक के आयनों (Na⁺, Cl⁻) और चीनी जैसे ध्रुवीय अणुओं को खींचते हैं, इसलिए वे घुल जाते हैं।
तेल के अणु अध्रुवीय हैं। पानी के अणु आपस में ज़्यादा चिपकते हैं, तेल को बाहर धकेल देते हैं, तो तेल ऊपर परत बनाता है। नियम: समान, समान को घोलता है।
साबुन के दो सिरे होते हैं: पानी-प्रेमी सिर और तेल-प्रेमी पूँछ। इसलिए साबुन चिकनाई हटा देता है।
तनुकरण: तेज़ उत्पाद को हल्का बनाना
पानी मिलाने पर रसायन की मात्रा वही रहती है, पर आयतन बढ़ता है, इसलिए सांद्रता घटती है।
C₁V₁ = C₂V₂ (C = सांद्रता, V = आयतन; 1 = पहले, 2 = बाद में)।
उदाहरण: 6% ब्लीच के 50 mL को 600 mL तक बनाएँ तो C₂ = 6 × 50 ÷ 600 = 0.5%।
सुरक्षा: हमेशा तेज़ रसायन (ख़ासकर अम्ल) को पानी में डालें, पानी को अम्ल में नहीं, वरना गर्मी से छींटे उड़ सकते हैं।
घर की रासायनिक अभिक्रियाएँ और परिस्थितियों का असर
- उदासीनीकरण (अम्ल + क्षार → लवण + जल): सिरका + सोडा, पेट में एंटासिड।
- दहन: गैस चूल्हा, मोमबत्ती।
- अपघटन: हाइड्रोजन पेरॉक्साइड धीरे-धीरे पानी और ऑक्सीजन में टूटता है।
- विस्थापन / संक्षारण: लोहे पर जंग।
- द्वि-विस्थापन: कठोर जल में साबुन का झाग न बनना, मैल बनना।
ज़्यादा तापमान, ज़्यादा सांद्रता, छोटे टुकड़े और उत्प्रेरक अभिक्रिया तेज़ करते हैं। गर्म और ठंडे पानी में फ़िज़ी गोली डालकर जाँचिए।
कभी न मिलाएँ: ब्लीच + अमोनिया से क्लोरामीन गैस, ब्लीच + अम्ल से क्लोरीन गैस। दस्ताने पहनें, खिड़की खोलें, लेबल के खतरे के चिह्न पढ़ें।
पेशे में रसायन, उत्पादों की तुलना और सुरक्षित निपटान
कई पेशों में रसायन इस्तेमाल होते हैं: ब्यूटीशियन पेरॉक्साइड और अमोनिया वाले रंग, सफ़ाईकर्मी कीटाणुनाशक, मैकेनिक विलायक और बैटरी अम्ल, किसान उर्वरक और कीटनाशक। हर रसायन की सुरक्षा डेटा शीट (SDS) होती है।
एक ही तरह के उत्पादों (जैसे तीन डिशवॉश) की तुलना: सक्रिय घटक, उसकी सांद्रता, प्रति उपयोग कीमत, खतरे के चिह्न और पैकिंग।
गलत निपटान (नाली, मिट्टी, सामान्य कूड़ा) से मछलियाँ मरती हैं, झीलों में शैवाल बढ़ते हैं, और भूजल दूषित होता है। बेहतर: ज़रूरत भर ख़रीदें, पूरा इस्तेमाल करें, मूल लेबल वाली बोतल में रखें, और बचा माल, बैटरी, पेंट खतरनाक कचरा केंद्र पर दें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- pH < 7 अम्लीय, 7 उदासीन, > 7 क्षारीय; 1 pH = 10 गुना
- C₁V₁ = C₂V₂ (तनुकरण)
- अम्ल + क्षार → लवण + जल (उदासीनीकरण)
- NaHCO₃ + CH₃COOH → CH₃COONa + H₂O + CO₂
- समान, समान को घोलता है: ध्रुवीय-ध्रुवीय, अध्रुवीय-अध्रुवीय
- ब्लीच को अमोनिया या अम्ल से कभी न मिलाएँ
हल किए गए उदाहरण
1. अम्लीय, उदासीन या क्षारीय बताइए: सिरका (pH 3), बर्तन का साबुन (pH 7), ब्लीच (pH 12.5)।
सिरका 7 से कम, अम्लीय। साबुन pH 7, उदासीन। ब्लीच 7 से ज़्यादा, क्षारीय।
2. 10% क्लीनर के 100 mL में 400 mL पानी मिलाया। नई सांद्रता?
V₂ = 500 mL। C₂ = 10 × 100 ÷ 500 = 2%।
3. लेबल पर लिखा है: 1 भाग क्लीनर, 9 भाग पानी। क्लीनर 20% है। अंतिम सांद्रता?
कुल 10 भाग। C₂ = 20 × 1 ÷ 10 = 2%।
4. 12% हाइड्रोजन पेरॉक्साइड से 3% का 300 mL घोल बनाना है। कितना पेरॉक्साइड लें?
V₁ = 3 × 300 ÷ 12 = 75 mL। 225 mL पानी लेकर उसमें 75 mL पेरॉक्साइड डालें।
5. फ़िज़ी गोली ठंडे से गर्म पानी में तेज़ क्यों घुलती है?
गर्म पानी में कण तेज़ चलते हैं, ज़्यादा बार और ज़्यादा ऊर्जा से टकराते हैं, इसलिए अभिक्रिया तेज़ होती है।
आम गलतियाँ
- ज़्यादा pH को ज़्यादा अम्लीय समझना। ज़्यादा pH यानी ज़्यादा क्षारीय।
- सोचना कि तनु करने से रसायन ग़ायब हो जाता है। मात्रा वही रहती है, बस सांद्रता घटती है।
- दो क्लीनर मिलाकर 'तेज़' क्लीनर बनाना। ब्लीच + अमोनिया या अम्ल ज़हरीली गैस देते हैं।
- बचा पेंट, तेल या विलायक सिंक में बहा देना। वह नदियों और भूजल तक पहुँचता है।