निर्णय लेना क्या है?
निर्णय लेना यानी दो या ज़्यादा विकल्पों में से एक काम चुनना। हम दिन में कई बार ऐसा करते हैं। छोटे निर्णय जल्दी हो जाते हैं, जैसे क्या खाएँ। बड़े निर्णयों में सोच-समझ चाहिए, जैसे कौन-से विषय पढ़ें।
तर्कसंगत (rational) निर्णय वह है जो साफ़ कारणों से लिया जाए। तथ्य जुटाओ, विकल्पों की ईमानदारी से तुलना करो और जो लक्ष्य को सबसे अच्छे से पूरा करे, उसे चुनो। इंसान हमेशा तर्कसंगत नहीं होते: थकान, भावनाएँ, आदतें और दोस्तों का दबाव गलत चुनाव करा सकते हैं।
अच्छे निर्णय के चरण
- समस्या या लक्ष्य पहचानो। साफ़ बोलो कि तुम क्या पाना चाहते हो।
- विकल्प खोजो। पहले बहुत सारे विचार लिखो (अपसारी सोच, divergent thinking)।
- मानदंड तय करो। अच्छा चुनाव क्या करे: कीमत, गुणवत्ता, समय, सुरक्षा।
- तौलो और तुलना करो। हर मानदंड को महत्व दो और हर विकल्प को अंक दो। कई विचारों में से एक तक पहुँचना अभिसारी चयन (convergent selection) कहलाता है।
- चुनो और काम करो। योजना बनाओ और उस पर चलो।
- समीक्षा करो। नतीजा देखो। क्या अच्छा रहा? क्या बदलोगे?
अस्थायी निर्णय (tentative decision) वह पहला चुनाव है जिसे नई जानकारी मिलने पर बदला जा सकता है। करियर जैसे बड़े, लंबे फ़ैसलों में यह बहुत काम आता है।
डिसीजन मैट्रिक्स (भारित अंक)
डिसीजन मैट्रिक्स एक तालिका है। पंक्तियों में विकल्प, स्तंभों में मानदंड। हर खाने में अंक (जैसे 1 से 5)। हर अंक को उसके मानदंड के महत्व से गुणा करो और पंक्ति में जोड़ो। सबसे बड़ा जोड़ सबसे अच्छा विकल्प है।
उदाहरण: विकल्प B को कीमत 2, गुणवत्ता 5, समय 3 अंक मिले। महत्व 1, 2, 1 हों तो जोड़ = 2×1 + 5×2 + 3×1 = 15।
करके देखो: घर के तीन नाश्ते चुनो। स्वाद, सेहत और दाम पर 1 से 5 अंक दो। सेहत को महत्व 2 दो। कौन जीता?
मैट्रिक्स मददगार है, जज नहीं। अगर विजेता गलत लगे तो अंक और महत्व फिर से जाँचो।
प्रबंधन और करियर में निर्णय
संगठन में निर्णय के प्रकार
- कार्यक्रमित (programmed): बार-बार होने वाले, तय नियम से, जैसे माल कम होने पर फिर से ऑर्डर देना।
- अकार्यक्रमित (non-programmed): नए, एक बार के और कठिन, जैसे नए शहर में दुकान खोलना।
- रणनीतिक (strategic): लंबी अवधि, उच्च प्रबंधक; सामरिक (tactical): मध्यम अवधि, मध्य प्रबंधक; परिचालन (operational): रोज़ के, पर्यवेक्षक।
निश्चितता, जोखिम और अनिश्चितता
निश्चितता में नतीजा पता होता है। जोखिम में संभावना का अंदाज़ा लगा सकते हैं। अनिश्चितता में संभावना का भी ठीक अंदाज़ा नहीं होता। प्रबंधक आँकड़े, लागत-लाभ और कर्मचारियों के सुझाव देखकर निर्णय लेते हैं, और नैतिकता व प्रभावित लोगों का ध्यान रखते हैं।
करियर के निर्णय
वही चरण अपनाओ: खुद को जानो (रुचि, ताकत, मूल्य), विकल्प खोजो (नौकरियाँ, कोर्स), मानदंड तय करो, अस्थायी चुनाव करो, उसे आज़माओ (इंटर्नशिप, छोटा कोर्स) और समीक्षा करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- भारित अंक = (अंक × महत्व) का जोड़
- चरण: समस्या → विकल्प → मानदंड → तौलना → चुनाव → समीक्षा
- कार्यक्रमित = रोज़ का; अकार्यक्रमित = नया और कठिन
- रणनीतिक → सामरिक → परिचालन (लंबी अवधि से रोज़ तक)
हल किए गए उदाहरण
1. रिया को एक क्लब चुनना है: कला, रोबोटिक्स या खेल। मानदंड: मज़ा (महत्व 2), लगने वाला समय (महत्व 1)। अंक: कला 4, 3; रोबोटिक्स 5, 2; खेल 3, 5। कौन जीता?
कला = 4×2 + 3×1 = 11। रोबोटिक्स = 5×2 + 2×1 = 12। खेल = 3×2 + 5×1 = 11। रोबोटिक्स 12 अंकों से जीता।
2. एक दुकान हर बार चावल की बोरियाँ 20 से कम होने पर फिर ऑर्डर देती है। यह किस प्रकार का निर्णय है?
कार्यक्रमित (रोज़ का) निर्णय: यह दोहराया जाता है और तय नियम से होता है।
3. पुणे की एक कंपनी को तय करना है कि केन्या में सामान बेचना शुरू करे या नहीं। निर्णय का प्रकार और एक जोखिम बताओ।
यह अकार्यक्रमित, रणनीतिक निर्णय है जो उच्च प्रबंधक लेते हैं। जोखिम: वहाँ के ग्राहकों को उत्पाद पसंद न आए और बिक्री कम हो।
आम गलतियाँ
- सारे विकल्प लिखे बिना ही चुन लेना।
- हर मानदंड को बराबर महत्व देना, जबकि कुछ ज़्यादा ज़रूरी हैं।
- अंकों को महत्व से गुणा किए बिना जोड़ देना।
- नतीजे की समीक्षा न करना, जिससे वही गलती दोबारा होती है।