घर की रूपरेखा बनाना
सोचिए जानवर को क्या चाहिए: जगह (भीड़ नहीं), हवा (छोटे छेद या जाली का ढक्कन), सुरक्षित दीवारें जिनसे वह भाग न सके और कीट अंदर न आएँ, रोशनी (अप्रत्यक्ष, गरम खिड़की नहीं) और सफ़ाई में आसानी।
- रेशमकीट का डिब्बा: छिछली गत्ते या प्लास्टिक की ट्रे, छोटे छेदों वाला जाली या कागज़ का ढक्कन, साफ़ कपड़े या कागज़ का तल, और आगे कोया बनाने के लिए टहनियाँ।
- मछली टैंक: पारदर्शी टैंक या बड़ा जार, साफ़ क्लोरीन-रहित पानी, कुछ जलीय पौधे, हवा के छेदों वाला ढक्कन, और हल्की पर सीधी धूप के बिना रोशनी।
पहले डिज़ाइन बनाइए और सामग्री की सूची लिखिए। जानवरों को छूने के बाद हाथ धोइए।
स्थितियाँ नियंत्रित करना
चार स्थितियाँ महत्वपूर्ण हैं: तापमान, भोजन, सफ़ाई और हवा या ऑक्सीजन।
- तापमान: रेशमकीट के लार्वा लगभग 23-28 °C पर अच्छा बढ़ते हैं; कई उष्णकटिबंधीय मछलियाँ लगभग 24-28 °C पसंद करती हैं। थर्मामीटर इस्तेमाल कीजिए। सर्दी में डिब्बा गरम कमरे में रखिए; गर्मी में छाया में।
- भोजन: रेशमकीट के लिए ताज़ी, साफ़ शहतूत की पत्तियाँ (गीली नहीं, पुरानी नहीं); मछलियों के लिए दिन में एक-दो बार थोड़ा भोजन। बचा हुआ निकाल दीजिए।
- सफ़ाई: रोज़ कचरा हटाइए; मछली का कुछ पानी नियमित बदलिए।
- हवा: डिब्बा कभी पूरा बंद न कीजिए। मछलियों को घुली ऑक्सीजन चाहिए, इसलिए भीड़ मत कीजिए।
वृद्धि लिखना
हर सप्ताह एक ही दिन (या रोज़) नापिए। रेशमकीट की लंबाई मिमी में, मछली की लंबाई और जीवित संख्या लिखिए। तालिका बनाइए: दिन, लंबाई, दिया भोजन, तापमान, टिप्पणी। दिन के सापेक्ष लंबाई का रेखा-ग्राफ़ या बार चार्ट बनाइए।
स्वस्थ जानवर लगातार बढ़ता है। सपाट रेखा का मतलब समस्या है: बहुत ठंड, कम भोजन, गंदा डिब्बा या रोग। एक स्थिति बदलिए और देखिए क्या होता है।
जानवर का ध्यान रखिए: धीरे से छुइए, प्रोजेक्ट के लिए उसे कभी नुकसान न पहुँचाइए, और काम पूरा होने पर मछली को छोड़िए या कीट को उचित जगह लौटाइए, जैसा शिक्षक बताएँ।
जीवन चक्र से संबंध
रेशमकीट पूरा जीवन चक्र दिखाता है: अंडा, लार्वा (खाने और बढ़ने वाला कीट), प्यूपा (कोये के भीतर) और शलभ (मॉथ)। लिखिए कि वह किस अवस्था तक पहुँचा और हर अवस्था में कितने दिन लगे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- योजना: घर – हवा – तापमान – भोजन – रिकॉर्ड
- रेशमकीट के लिए सबसे अच्छा तापमान लगभग 25 °C
- वृद्धि दर = लंबाई में बदलाव ÷ दिनों की संख्या
- एक बार में एक ही स्थिति बदलें
हल किए गए उदाहरण
1. एक कीट दिन 1 पर 5 मिमी और दिन 11 पर 25 मिमी का है। औसत वृद्धि प्रति दिन ज्ञात कीजिए।
(25 − 5) ÷ (11 − 1) = 20 ÷ 10 = 2 मिमी प्रति दिन।
2. डिब्बे में हवा के छेद नहीं हैं। कीट कमज़ोर हो गए। क्यों?
उन्हें ताज़ी हवा (ऑक्सीजन) नहीं मिलती, और गर्मी तथा नमी जमा हो जाती है। जाली से ढके छोटे छेद बनाइए।
3. एक छात्र डिब्बा 12 °C पर रखता है और वृद्धि बहुत धीमी है। संभावित कारण और सुधार क्या है?
बहुत ठंड है। डिब्बा लगभग 25 °C वाले गरम कमरे में ले जाइए।
4. बची पत्तियाँ डिब्बे में सड़ रही हैं। क्या करें?
रोज़ बचा हुआ हटाइए और कम मात्रा में ताज़ी पत्तियाँ दीजिए, ताकि फफूँद और कीटाणु न फैलें।
5. वृद्धि तालिका और ग्राफ़ में क्यों लिखते हैं?
तालिका संख्याएँ सुरक्षित रखती है, और ग्राफ़ पैटर्न दिखाता है, जैसे सपाट रेखा जो समस्या का संकेत है।
आम गलतियाँ
- डिब्बा बिना हवा के छेदों के पूरा बंद करना।
- डिब्बा गरम सीधी धूप या ठंडे कोने में रखना।
- ज़्यादा भोजन देना और सड़ा भोजन डिब्बे में छोड़ना।
- तापमान, भोजन और रोशनी एक साथ बदलना, जिससे कारण नहीं पता चलता।