जल-जीव और पौधे जमा करना
जमा करना यानी तालाब, नदी या समुद्र से जीवों के छोटे नमूने लेना ताकि हम उन्हें पढ़ सकें। इसके लिए प्लवक जाल (बहुत बारीक), डिप-नेट या बाल्टी काम आती है।
जाल के छेदों के समूह को जाली (मेश) कहते हैं। छेद से छोटे जीव निकल जाते हैं। छेद से बड़े जीव रुक जाते हैं। इसलिए बारीक जाली ज़्यादा जीव रोकती है।
- जगह, समय, पानी का ताप और गहराई लिखो।
- नमूना उसी पानी की बाल्टी में रखो। ठंडा और छाया में रखो।
- उतना ही लो जितना चाहिए। बाकी वापस छोड़ दो।
मछली और शंख-सीप पालना
पालना यानी पानी के जीवों को टैंक या तालाब में रखकर बड़ा करना। उन्हें साफ़ पानी चाहिए। सबसे ज़रूरी चीज़ है घुली हुई ऑक्सीजन, यानी पानी में मिली ऑक्सीजन।
- 5 mg प्रति लीटर या ज़्यादा: ज़्यादातर पाली जाने वाली मछलियों के लिए अच्छा।
- 3 से 5 mg प्रति लीटर: कम है। हवा दो।
- 3 mg प्रति लीटर से कम: ख़तरा। मछली सतह पर हाँफती है।
गर्म पानी में ऑक्सीजन कम घुलती है, और बहुत सारी मछलियाँ उसे ख़त्म कर देती हैं। ताप और पानी की साफ़ाई भी देखो। चारा थोड़ा-थोड़ा दो। बचा चारा सड़कर ऑक्सीजन खाता है। मरी मछली निकालो। हर माप रोज़ की डायरी में लिखो।
मत्स्य उत्पादों का प्रसंस्करण
प्रसंस्करण यानी पकड़ी मछली को ऐसा खाना बनाना जो सुरक्षित हो और ज़्यादा चले। मछली जल्दी सड़ती है क्योंकि गर्मी में कीटाणु और एंज़ाइम तेज़ी से काम करते हैं। इसलिए पहला नियम: तुरंत ठंडा करो।
- पकड़ते ही मछली को बर्फ़ पर रखो।
- साफ़ पानी से धोओ।
- साफ़ चाकू और पटिया से साफ़ करके काटो।
- पैक करो और बिकने या पकने तक ठंडा रखो।
मछली को लंबे समय तक चलाने के और तरीके हैं: सुखाना, नमक लगाना, धुआँ देना और जमाना (फ़्रीज़िंग)। नाव से खरीदार तक मछली को लगातार ठंडा रखना कोल्ड चेन कहलाता है। हर बार हाथ और औज़ार धोओ।
समुद्री अभ्यास और नाव की सुरक्षा
समुद्री अभ्यास यानी नाव या जहाज़ पर किया जाने वाला काम। सबसे पहले सुरक्षा।
- निकलने से पहले मौसम और लहरें देखो।
- सब लाइफ़ जैकेट पहनें, अच्छे तैराक भी।
- नाव जाँचो: ईंधन, इंजन, पानी निकालने का बर्तन, रस्सी, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स।
- किनारे पर किसी को बताओ कि कहाँ जा रहे हो और कब लौटोगे।
- नीचे बैठो, पकड़कर रहो, नाव के किनारे पर कभी मत खड़े हो।
- कोई गिर जाए तो चिल्लाओ, तैरने वाली चीज़ फेंको और उस पर से नज़र मत हटाओ।
मोटे नियम के तौर पर, जब लहरें लगभग 2.5 m या ज़्यादा हों तो छोटी अभ्यास नावें बंदरगाह में रहती हैं। अंतिम फ़ैसला शिक्षक और स्थानीय समुद्री नियम करते हैं।
करके देखो
घर पर: दो कटोरों में मछली या कोई सब्ज़ी रखो, एक छाया में और एक बर्फ़ वाले ठंडे पानी में। 2 घंटे बाद सूँघो और देखो। फिर 3D में ताप और जाल का छेद बदलो और बताओ क्या बदला।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जाल रोकता है: छेद से बड़े जीव
- घुली ऑक्सीजन: 5 mg/L या ज़्यादा = अच्छा; 3 mg/L से कम = ख़तरा
- रोज़ का चारा (g) = सब मछलियों का कुल वज़न (g) × चारा % ÷ 100
- मछली को लगभग 0 से 2 °C पर (बर्फ़ पर) रखो
- कोल्ड चेन = नाव → बर्फ़ → भंडार → खरीदार, बीच में गर्मी का अंतराल नहीं
हल किए गए उदाहरण
1. एक टैंक में 100 g की 50 मछलियाँ हैं। रोज़ उनके वज़न का 2% चारा देना है। कितने ग्राम चारा?
कुल वज़न = 50 × 100 = 5000 g। चारा = 5000 × 2 ÷ 100 = 100 g रोज़। इसे 50 g के 2 छोटे भोजन में बाँटो।
2. एक नमूने में 20 प्लवक पाँच आकार के हैं, हर आकार के 4 (आकार 1 सबसे छोटा, 5 सबसे बड़ा)। छेद-आकार 3 वाला जाल आकार 1, 2 और 3 को निकल जाने देता है। कितने रुकेंगे?
सिर्फ़ आकार 4 और 5 छेद से बड़े हैं। यानी 4 + 4 = 8 प्लवक रुकेंगे। ज़्यादा बारीक जाल (छेद-आकार 1) से 16 रुकते।
3. भोर में टैंक में ऑक्सीजन 2.5 mg/L है। तुम क्या करोगे?
3 mg/L से कम होना ख़तरा है। तुरंत हवा का पंप या एरेटर चालू करो, चारा बंद करो और 30 मिनट बाद फिर नापो। कारण ढूँढो: मछलियाँ ज़्यादा, पानी गर्म या सड़ा चारा।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि बड़ा जाल हमेशा ज़्यादा पकड़ता है। बड़े छेदों से छोटे जीव निकल जाते हैं।
- मछली को बढ़ाने के लिए बहुत चारा देना। बचा चारा सड़ता है, ऑक्सीजन खाता है और मछली मार सकता है।
- दूसरे काम निपटाते हुए पकड़ को धूप में छोड़ देना। पहले ठंडा करो, हमेशा।
- "मुझे तैरना आता है" कहकर लाइफ़ जैकेट न पहनना। ठंडा पानी और लहरें मज़बूत तैराक को भी थका देती हैं।