जूडो क्या है?
जूडो एक खेल है, जो शरीर और मन दोनों को सधाता है। इसका अर्थ है "कोमल मार्ग"। इसे 1882 में जापान के कानो जिगोरो ने बनाया।
जूडो के दो सिद्धांत हैं: अपनी और साथी की ताक़त का सबसे अच्छा उपयोग करो (ऊर्जा बेकार मत करो) और एक-दूसरे को आगे बढ़ाओ। खिलाड़ी सफ़ेद जूडोगी (पोशाक) और बेल्ट पहनते हैं। अभ्यास नरम तातामी चटाई पर होता है।
हर अभ्यास रेई (झुककर नमस्ते) से शुरू और ख़त्म होता है।
गिरना सीखना (उकेमी, Breakfalls)
उकेमी का अर्थ है गिरने को "सँभालना"। इसे सबसे पहले सीखते हैं, क्योंकि हर फेंक का अंत गिरना है।
चार बुनियादी तरीके
- उशिरो उकेमी: पीछे की ओर गिरना।
- योको उकेमी: बगल की ओर गिरना।
- माए उकेमी: आगे की ओर गिरना।
- माए मावारी उकेमी: आगे की कलाबाज़ी।
सुरक्षित गिरने के नियम
- ठुड्डी छाती से लगाओ ताकि सिर चटाई से न टकराए।
- शरीर गोल रखो। अकड़ा हाथ या कोहनी टेककर गिरना मत रोको।
- पूरे हाथ से शरीर से करीब 45 डिग्री दूर चटाई पर ज़ोर से थाप दो। थाप गिरने का झटका बाँट देती है।
- गिरते समय साँस बाहर छोड़ो।
पहले नीचे बैठकर, फिर झुककर, फिर खड़े होकर अभ्यास करो।
फेंकने की तकनीकें (नागे-वाज़ा, Throwing techniques)
फेंक के तीन भाग होते हैं:
- कुज़ुशी: खींचकर या धकेलकर साथी का संतुलन तोड़ना।
- त्सुकुरी: आगे बढ़कर साथी के नीचे अपना शरीर लगाना।
- काके: फेंक पूरी करना।
फेंक इस आधार पर बँटी हैं कि काम शरीर का कौन-सा हिस्सा करता है:
- हाथ की फेंक (ते-वाज़ा), जैसे सेओई-नागे (कंधे की फेंक)।
- कूल्हे की फेंक (कोशी-वाज़ा), जैसे ओ-गोशी (बड़ी कूल्हा फेंक)।
- पैर की फेंक (आशी-वाज़ा), जैसे ओसोतो-गारी।
- बलिदान फेंक (सुतेमी-वाज़ा), जिसमें खुद भी गिरते हैं।
अच्छा खिलाड़ी पूरी फेंक में साथी को सँभाले रखता है, ताकि वह सुरक्षित गिरे। स्कूल में सिर्फ़ आसान फेंकें शिक्षक की निगरानी में सिखाते हैं।
पकड़ की तकनीकें (ओसाएकोमी-वाज़ा, Holding techniques)
पकड़ में साथी को पीठ के बल रखते हैं, उसके कंधे चटाई पर टिके रहते हैं, और आप अपने शरीर से उसे क़ाबू में रखते हैं। साथी निकलने की कोशिश करता है।
- केसा-गातामे: दुपट्टा-पकड़। आप साथी की छाती पर आड़े लेटते हैं, जैसे कंधे पर दुपट्टा।
- योको-शिहो-गातामे: बगल से छाती पर लेटकर पकड़।
जब रेफ़री ओसाएकोमी बोलता है तो घड़ी चल पड़ती है। करीब 10 सेकंड पर आधा अंक और 20 सेकंड पर पूरा अंक (इप्पोन) मिलता है। साथी निकल जाए तो घड़ी रुक जाती है।
जूडो में गला दबाने और जोड़ मोड़ने की तकनीकें भी हैं, पर स्कूल में नहीं सिखाई जातीं। योग्य कोच के बिना इन्हें कभी मत आज़माओ।
अंक, नियम और सुरक्षा
- इप्पोन = पूरा अंक, मुक़ाबला ख़त्म। पीठ पर साफ़, क़ाबू वाली, तेज़ फेंक या 20 सेकंड की पकड़।
- वाज़ा-अरी = आधा अंक।
- साथी चटाई या आपके शरीर पर दो बार थपथपाए (माइत्ता) तो तुरंत रुक जाओ।
- चटाई के अंदर रहो। नाख़ून छोटे रखो, अंगूठी और घड़ी उतार दो।
- जो साथी अभी सुरक्षित गिरना नहीं जानता, उसे कभी मत फेंको।
- शुरू और अंत में साथी और शिक्षक को झुककर नमस्ते करो।
करके देखो
3D में स्लाइडर से गिरना उस पल पर रोको जब हाथ थाप देता है। फिर घर पर किसी बड़े की निगरानी में नरम दरी या बिस्तर पर करो: बैठो, ठुड्डी अंदर, पीठ गोल, धीरे से पीछे लुढ़को और दोनों हाथों से थाप दो। 3 बार धीरे-धीरे करो। सिर छू रहा है क्या? नहीं छूना चाहिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जूडो = "कोमल मार्ग" (1882, कानो जिगोरो)
- उकेमी = गिरना: ठुड्डी अंदर, शरीर गोल, 45° पर थाप
- फेंक = कुज़ुशी (संतुलन तोड़ना) + त्सुकुरी (नीचे घुसना) + काके (पूरी करना)
- ओसाएकोमी = पकड़: 10 से. आधा अंक, 20 से. इप्पोन
- इप्पोन = पूरा अंक; वाज़ा-अरी = आधा अंक
- रेई = झुकना; तातामी = चटाई; जूडोगी = पोशाक; थपथपाना = रुको
हल किए गए उदाहरण
1. एक पकड़ को 14 सेकंड हो चुके हैं। इप्पोन (20 से.) के लिए और कितने सेकंड चाहिए?
20 - 14 = 6 सेकंड और।
2. एक खिलाड़ी के दो वाज़ा-अरी (आधे अंक) हैं। यदि दो वाज़ा-अरी मिलकर इप्पोन बनते हैं तो क्या होगा?
दो आधे अंक मिलकर एक पूरा अंक बनते हैं, इसलिए मुक़ाबला उसकी जीत से ख़त्म होता है।
3. आपको फेंका गया। इन्हें सही क्रम में रखो: थाप, ठुड्डी अंदर, गिरना, साँस छोड़ना।
ठुड्डी अंदर, गोल पीठ पर गिरना, थाप देना, गिरते समय साँस छोड़ना।
4. "कुज़ुशी" फेंक का कौन-सा भाग है? यह पहले क्यों ज़रूरी है?
कुज़ुशी का मतलब है साथी का संतुलन तोड़ना। संतुलित खड़ा आदमी भारी और टिकाऊ होता है, पर असंतुलित आदमी आसानी से गिर जाता है, इसलिए बहुत ताक़त नहीं लगती।
आम गलतियाँ
- गिरने से बचने के लिए अकड़ा हाथ टेकना। इससे कोहनी या कलाई को चोट लग सकती है। लुढ़को और थाप दो।
- ठुड्डी अंदर न करना, जिससे सिर का पिछला हिस्सा चटाई से टकराता है।
- सिर्फ़ ताक़त से फेंकना। फेंक तभी चलती है जब पहले संतुलन टूटे।
- साथी के थपथपाने के बाद भी पकड़े रखना। थपथपाने का मतलब हमेशा "रुको" है।