पौधों को कुल में क्यों बाँटते हैं?
पुष्पी पौधों की 3 लाख से ज़्यादा जातियाँ हैं। उन्हें पढ़ने के लिए वैज्ञानिक, जिनमें फूल, फल और बीज के बहुत से लक्षण मिलते हैं, उन्हें एक कुल (family) में रखते हैं। कुल के नाम अक्सर -एसी पर खत्म होते हैं, जैसे ब्रैसिकेसी (इसे क्रूसीफ़ेरी भी कहते हैं)। पुष्पी पौधे पहले द्विबीजपत्री (दो बीजपत्र, जालीदार शिराएँ) और एकबीजपत्री (एक बीजपत्र, समानांतर शिराएँ) में बँटते हैं। नीचे के ज़्यादातर कुल द्विबीजपत्री हैं; लिली और घास एकबीजपत्री हैं।
फूल के चार भाग देखिए: बाह्यदलपुंज (calyx), दलपुंज (corolla), पुमंग (androecium) यानी नर भाग, और जायांग (gynoecium) यानी मादा भाग।
सरसों कुल (क्रूसीफ़ेरी / ब्रैसिकेसी)
- 4 बाह्यदल और 4 पंखुड़ियाँ क्रॉस की तरह (क्रूसीफ़ेरी का मतलब क्रॉस वाला)।
- 6 पुंकेसर: 4 लंबे और 2 छोटे।
- फल: लंबी पतली फली, सिलिक्वा (छोटी हो तो सिलिक्युला)।
- अक्सर गंधक के यौगिकों से तीखा स्वाद।
- उदाहरण: सरसों, गोभी, फूलगोभी, मूली, शलजम, ब्रोकली।
- उपयोग: सब्ज़ी और सरसों का तेल।
मटर कुल (फ़ेबेसी, यानी लेग्यूम)
- तितली जैसा फूल: पीछे 1 बड़ी ध्वज पंखुड़ी, बगल में 2 पंख और आगे 2 जुड़ी हुई नाव-पंखुड़ियाँ।
- आम तौर पर 10 पुंकेसर, बहुत-से आपस में जुड़े।
- फल: फली (legume) जो दो सीवनों पर फटती है।
- जड़ की गाँठों में राइज़ोबियम जीवाणु होते हैं जो हवा की नाइट्रोजन को पौधे के काम लायक रूप में बदलते हैं। इससे मिट्टी उपजाऊ बनती है, इसलिए किसान अनाज के बीच दलहन उगाते हैं।
- उदाहरण: मटर, चना, सेम, मसूर, मूँगफली, सोयाबीन।
- उपयोग: दालें, जो प्रोटीन से भरपूर हैं।
गुलाब कुल (रोज़ेसी)
- 5 बाह्यदल, 5 अलग पंखुड़ियाँ और बहुत से पुंकेसर।
- पत्तियों के किनारे अक्सर दाँतेदार, और आधार पर छोटे पत्ती जैसे भाग।
- फल अलग-अलग: सेब जैसा गूदेदार, आलूबुखारा जैसा गुठलीदार, या स्ट्रॉबेरी।
- उदाहरण: गुलाब, सेब, नाशपाती, आलूबुखारा, आड़ू, स्ट्रॉबेरी।
- उपयोग: फल और सजावटी फूल।
आलू कुल (सोलेनेसी)
- 5 पंखुड़ियाँ जुड़ी हुई: घंटी, कीप या तारे जैसी।
- 5 पुंकेसर, पंखुड़ियों से चिपके।
- फल: बेरी (टमाटर, बैंगन, मिर्च) या सम्पुटी (तंबाकू)।
- बहुत-से पौधों में तेज़ रसायन होते हैं, कुछ ज़हरीले भी (आलू के हरे भाग, धतूरा)।
- उदाहरण: आलू (कंद असल में तना है), टमाटर, बैंगन, मिर्च, तंबाकू, पेटूनिया।
सूरजमुखी कुल (एस्टरेसी)
- "फूल" असल में बहुत से छोटे फूलों, यानी पुष्पकों (florets), का मुंड (capitulum) है जिसे हरी निपत्रों का घेरा पकड़े रहता है।
- किनारे के रे-पुष्पक पंखुड़ी जैसे दिखते हैं। बीच के बिंब-पुष्पक छोटी नलियाँ हैं।
- फल: छोटा सूखा एक बीज वाला फल, जिस पर अक्सर बालों का पैराशूट होता है।
- यह पुष्पी पौधों का सबसे बड़ा कुल है। एक मुंड में कई मौक़े मिलते हैं परागण के।
- उदाहरण: सूरजमुखी, गेंदा, डेज़ी, ज़िन्निया, सलाद, कुसुम।
लिली कुल (लिलिएसी) और घास कुल (पोएसी)
लिली कुल (एकबीजपत्री): फूल के भाग तीन-तीन के गुच्छे में, 6 एक जैसे पुष्पदल (पंखुड़ी और बाह्यदल एक जैसे), 6 पुंकेसर, समानांतर शिराओं वाली पत्तियाँ और अक्सर ज़मीन के नीचे शल्ककंद। उदाहरण: लिली, ट्यूलिप, एलोवेरा; प्याज़ और लहसुन पहले इसी में रखे जाते थे, पर नई किताबें उन्हें नज़दीकी कुल में रखती हैं।
घास कुल (एकबीजपत्री): छोटे फूल स्पाइकलेट में, शल्क जैसी निपत्रों के साथ, आकर्षक पंखुड़ियाँ नहीं, 3 बाहर लटकते पुंकेसर, पंखदार वर्तिकाग्र, हवा से परागण और सूखा फल जिसे दाना (grain) कहते हैं। उदाहरण: गेहूँ, चावल, मक्का, जौ, गन्ना, बाँस। घासें दुनिया का ज़्यादातर पेट भरती हैं।
करके देखिए: बाज़ार की टोकरी छाँटिए
8 फूल या सब्ज़ियाँ इकट्ठा कीजिए या देखिए, जैसे सरसों, मटर, टमाटर, गेंदा, घास, गुलाब। पंखुड़ियाँ और पुंकेसर गिनिए। फल देखिए। हर एक को उसके कुल में रखिए और बताइए किस लक्षण ने मदद की। फिर 3D की आपकी बारी में अपने उत्तर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: बाह्यदलपुंज (बाह्यदल), दलपुंज (पंखुड़ियाँ), पुमंग (पुंकेसर), जायांग (स्त्रीकेसर)
- क्रूसीफ़ेरी: 4 पंखुड़ियाँ क्रॉस में, 6 पुंकेसर (4 + 2), सिलिक्वा
- फ़ेबेसी: तितली जैसा फूल (1 + 2 + 2 पंखुड़ियाँ), फली, जड़ की गाँठें
- रोज़ेसी: 5 अलग पंखुड़ियाँ, बहुत पुंकेसर; सोलेनेसी: जुड़ी पंखुड़ियाँ, 5 पुंकेसर, बेरी
- एस्टरेसी: रे और बिंब पुष्पकों का मुंड; लिलिएसी और पोएसी: एकबीजपत्री
हल किए गए उदाहरण
1. एक फूल में 4 पंखुड़ियाँ क्रॉस में हैं और 6 पुंकेसर हैं, 4 लंबे और 2 छोटे। यह किस कुल का है?
सरसों कुल (क्रूसीफ़ेरी / ब्रैसिकेसी)। मूली और गोभी उदाहरण हैं।
2. किसान गेहूँ की फ़सलों के बीच चना या मटर क्यों उगाते हैं?
दलहन की जड़ों की गाँठों में राइज़ोबियम जीवाणु नाइट्रोजन स्थिर करते हैं। इससे अगली फ़सल के लिए मिट्टी उपजाऊ बनती है।
3. एक सूरजमुखी के मुंड में लगभग 21 रे-पुष्पक और 70 बिंब-पुष्पक हैं। कुल कितने पुष्पक हैं?
21 + 70 = 91 पुष्पक। हर एक छोटा फूल है, इसलिए एक सूरजमुखी "फूल" लगभग 91 फूलों का है।
4. टमाटर, आलू और बैंगन अलग दिखते हैं, फिर एक कुल में क्यों हैं?
इनकी फूल-योजना एक है: 5 जुड़ी पंखुड़ियाँ और 5 पुंकेसर, और फल बेरी है (आलू भी बेरी बनाता है)।
आम गलतियाँ
- सूरजमुखी को एक फूल कहना। वह बहुत से छोटे फूलों का मुंड है।
- मटर और सरसों के फूल मिला देना। मटर तितली जैसा है, सरसों क्रॉस जैसा।
- आलू के कंद को जड़ समझना। वह ज़मीन के नीचे का फूला हुआ तना है।
- यह कहना कि घास में फूल नहीं होते। उनमें छोटे फूल होते हैं, पर आकर्षक पंखुड़ियाँ नहीं।