रक्त और शरीर का आंतरिक वातावरण
शरीर की हर कोशिका पानी जैसे तरल में रहती है। रक्त, कोशिकाओं के बीच का तरल (ऊतक द्रव) और लसीका मिलकर शरीर का आंतरिक वातावरण बनाते हैं। यह स्थिर रहना चाहिए: सही ताप, पानी, लवण और शर्करा की सही मात्रा। इसे स्थिर रखना समस्थापन (होमियोस्टैसिस) कहलाता है। रक्त हर जगह पहुँचता है और कोशिकाओं तक चीज़ें पहुँचाता और वहाँ से हटाता है।
रक्त के कार्य
- ढोना: ऑक्सीजन, भोजन, हार्मोन और अपशिष्ट।
- रक्षा: कीटाणुओं से लड़ना और थक्का जमाना।
- संतुलन: शरीर की गर्मी और पानी।
रक्त किससे बना है
रक्त एक तरल ऊतक है। वयस्क में लगभग 5 लीटर होता है।
प्लाज़्मा (लगभग 55%)
पीला तरल, जिसमें लगभग 90% पानी है। यह पचा भोजन, लवण, हार्मोन, कार्बन डाइऑक्साइड, यूरिया (एक अपशिष्ट) और प्रोटीन ले जाता है।
लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC)
गोल, चपटी, बीच में हल्की दबी हुई। इनमें केन्द्रक नहीं होता, इसलिए हीमोग्लोबिन के लिए ज़्यादा जगह मिलती है। हीमोग्लोबिन लोहे वाला लाल प्रोटीन है जो ऑक्सीजन पकड़ता है। ये लगभग 120 दिन जीती हैं। हीमोग्लोबिन कम हो तो एनीमिया (रक्ताल्पता) होता है।
श्वेत रक्त कोशिकाएँ (WBC)
लाल कोशिकाओं से बड़ी और संख्या में कम। इनमें केन्द्रक होता है। ये कीटाणुओं को नष्ट करती हैं और प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) बनाती हैं।
प्लेटलेट (बिंबाणु)
कोशिकाओं के बहुत छोटे टुकड़े, जो रक्त का थक्का जमाने में मदद करते हैं।
रक्त समूह: ABO और Rh
लाल कोशिकाओं पर एंटीजन नाम के चिह्न हो सकते हैं। प्लाज़्मा में एंटीबॉडी हो सकती हैं, जो उस चिह्न पर हमला करती हैं जो व्यक्ति में नहीं है।
| समूह | लाल कोशिका पर चिह्न | प्लाज़्मा में एंटीबॉडी |
|---|---|---|
| A | A | anti-B |
| B | B | anti-A |
| AB | A और B | कोई नहीं |
| O | कोई नहीं | anti-A और anti-B |
Rh कारक: एक और चिह्न (D)। जिसमें यह है वह Rh धनात्मक (+) है, जिसमें नहीं है वह Rh ऋणात्मक (−)।
कौन किसे दे सकता है?
रक्त तभी सुरक्षित है जब दाता की लाल कोशिकाओं पर ऐसा चिह्न न हो जिस पर पाने वाले के प्लाज़्मा की एंटीबॉडी हमला करे। नहीं तो लाल कोशिकाएँ चिपककर गुच्छे बना लेती हैं और छोटी नलिकाएँ बंद कर सकती हैं। O− को सर्वदाता और AB+ को सर्वग्राही कहते हैं। अस्पताल रक्त चढ़ाने से पहले हमेशा जाँच करते हैं।
रक्त का थक्का जमना
वाहिका कटने पर प्लेटलेट घाव पर चिपककर नरम डाट बनाते हैं। फिर रसायन प्लाज़्मा के एक प्रोटीन को लंबे चिपचिपे धागों में बदल देते हैं, जिन्हें फाइब्रिन कहते हैं। ये धागे जाल बनाकर लाल कोशिकाओं को फँसा लेते हैं। यही थक्का है। यह सूखकर पपड़ी बन जाता है और नई त्वचा बनने तक घाव को बचाता है। विटामिन K शरीर को थक्का जमाने वाले प्रोटीन बनाने में मदद करता है। हीमोफ़िलिया में एक ज़रूरी प्रोटीन नहीं होता, इसलिए ख़ून आसानी से नहीं रुकता। बिना कटे वाहिका के अंदर थक्का बनना ख़तरनाक है।
रक्त कोशिकाएँ कहाँ बनती हैं
रक्त कोशिकाएँ लाल अस्थि मज्जा में बनती हैं। यह चपटी हड्डियों (पसलियाँ, उरोस्थि, खोपड़ी, कूल्हा) और लंबी हड्डियों के सिरों के अंदर का नरम लाल पदार्थ है। जन्म से पहले शिशु में यकृत और प्लीहा भी रक्त बनाते हैं। प्लीहा पुरानी लाल कोशिकाओं को तोड़ती है। वयस्क में हर सेकंड लाखों नई कोशिकाएँ बनती हैं। पालक, गुड़ और दाल जैसा लोहे वाला भोजन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है।
करके देखिए
पहले अनुमान लगाइए: छोटे कटे पर उँगली दबाने से ख़ून जल्दी क्यों रुकता है? फिर 3D के चरण 5 में स्लाइडर से जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रक्त = प्लाज़्मा (लगभग 55%) + कोशिकाएँ (लगभग 45%)
- प्लाज़्मा में लगभग 90% पानी
- RBC: ऑक्सीजन (हीमोग्लोबिन)। WBC: कीटाणुओं से लड़ाई। प्लेटलेट: थक्का
- सर्वदाता: O−। सर्वग्राही: AB+
- वयस्क में रक्त: लगभग 5 लीटर। RBC की आयु: लगभग 120 दिन
हल किए गए उदाहरण
1. एक व्यक्ति में 5 लीटर रक्त है। लगभग कितना प्लाज़्मा है?
प्लाज़्मा लगभग 55% होता है। 55/100 × 5 = 2.75 लीटर।
2. क्या A समूह वाला व्यक्ति B समूह से रक्त ले सकता है?
नहीं। A के प्लाज़्मा में anti-B एंटीबॉडी होती है। B की लाल कोशिकाओं पर चिह्न B होता है, इसलिए वे चिपक जाएँगी।
3. आपात स्थिति में O− लगभग किसी को भी क्यों दिया जा सकता है?
O की लाल कोशिकाओं पर A या B चिह्न नहीं होता और Rh ऋणात्मक पर D चिह्न नहीं होता। इसलिए पाने वाले की एंटीबॉडी के पास हमला करने को कुछ नहीं बचता।
4. रक्त को घुमाने पर 6 सेमी वाले स्तंभ में नीचे की परत 2.4 सेमी है। लाल कोशिकाएँ कितने प्रतिशत हैं?
2.4/6 × 100 = 40%।
आम गलतियाँ
- रक्त को केवल लाल कोशिकाएँ समझ लेना। आधे से ज़्यादा भाग पीला प्लाज़्मा है।
- लाल कोशिका में केन्द्रक बताना। मनुष्य की लाल कोशिका में केन्द्रक नहीं होता।
- चिह्न और एंटीबॉडी उलट देना: A समूह में चिह्न A और anti-B एंटीबॉडी होती है।
- प्लेटलेट और श्वेत कोशिका का काम एक समझना। प्लेटलेट ख़ून रोकते हैं, श्वेत कोशिकाएँ कीटाणुओं से लड़ती हैं।