Ontario Grade 12 MHF4U Advanced Functions (Grade 12, University Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Exponential and Logarithmic Functions
1 Evaluating Logarithmic Expressions · 2 Connecting Graphs and Equations of Logarithmic Functions · 3 Solving Exponential and Logarithmic Equations
- लघुगणक (Logarithm) – लघुगणक बताता है कि कौन-सी घात चाहिए। log_b x = y का मतलब b^y = x। जैसे log₂ 8 = 3, क्योंकि 2³ = 8। लघुगणक गुणा को जोड़ में बदल देता है: log(ab) = log a + log b, log(a/b) = log a − log b, log(aⁿ) = n log a। आधार 10 = साधारण लघुगणक, आधार e = प्राकृतिक लघुगणक (ln)। आधार बदल सकते हैं: log_b x = log x ÷ log b।
2. B. Trigonometric Functions
1 Understanding and Applying Radian Measure · 2 Connecting Graphs and Equations of Trigonometric Functions · 3 Solving Trigonometric Equations
- त्रिकोणमितीय फलन: रेडियन, इकाई वृत्त, ग्राफ़ और सर्वसमिकाएँ – एक रेडियन वह कोण है जिसका चाप त्रिज्या के बराबर हो, इसलिए π रेडियन = 180°। इकाई वृत्त पर कोण x वाला बिंदु P = (cos x, sin x) है, जिससे sin²x + cos²x = 1 मिलता है और sin, cos हर वास्तविक संख्या के लिए बन जाते हैं। चारों चतुर्थांशों में चिह्न 'All, Sin, Tan, Cos' से याद रखो; sin x और cos x हर 2π पर दोहराते हैं और −1 से 1 के बीच रहते हैं। cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B जैसे सूत्रों से tan(A + B), cot(A + B), योग-गुणनफल, द्विगुण और त्रिगुण कोण सूत्र निकलते हैं।
3. C. Polynomial and Rational Functions
1 Connecting Graphs and Equations of Polynomial Functions · 2 Connecting Graphs and Equations of Rational Functions · 3 Solving Polynomial and Rational Equations · 4 Solving Inequalities
- बहुपद फलन और उनके ग्राफ़ – बहुपद फलन y = aₙxⁿ + … + a₁x + a₀ है जिसमें घातें पूर्ण संख्याएँ हैं। घात n और अग्र गुणांक aₙ अंत व्यवहार तय करते हैं। हर वास्तविक शून्यक r से गुणनखंड (x − r) मिलता है; विषम बहुलता वाले शून्यक पर ग्राफ़ x-अक्ष पार करता है, सम बहुलता पर छूकर लौटता है। घात n के बहुपद के अधिकतम n वास्तविक शून्यक और अधिकतम n − 1 घुमाव बिंदु होते हैं; सम्मिश्र गिनें तो ठीक n शून्यक। दो बिंदुओं के बीच औसत परिवर्तन दर छेदक रेखा का ढाल है।
- परिमेय फलन: ग्राफ़, अनंतस्पर्शी और स्केच बनाना – परिमेय फलन एक बहुपद को दूसरे बहुपद से भाग देकर बनता है, जैसे y = (2x + 1)/(x − 1)। जहाँ हर (नीचे वाला) शून्य हो, वहाँ फलन परिभाषित नहीं। वहाँ ग्राफ़ ऊर्ध्वाधर अनंतस्पर्शी के साथ ऊपर-नीचे भागता है। दूर जाकर वह क्षैतिज या तिरछे अनंतस्पर्शी के पास टिक जाता है।
- बहुपद और परिमेय समीकरण हल करना – बहुपद समीकरण p(x) = 0 हल करने का मतलब है: y = p(x) का वक्र x-अक्ष से कहाँ मिलता है। त्रिघात या चतुर्घात में: अचर पद के भाजकों से एक मूल अनुमान लगाओ, उससे भाग दो, फिर बचा हुआ हल करो। x⁴ − 5x² + 4 = 0 जैसे द्विवर्गी समीकरण t = x² से द्विघात बन जाते हैं। परिमेय समीकरण P(x)/Q(x) = 0 में P(x) = 0 और Q(x) ≠ 0 चाहिए। असमिकाओं के लिए चिह्न सारणी।
4. D. Characteristics of Functions
1 Understanding Rates of Change · 2 Combining Functions · 3 Using Function Models to Solve Problems
- अवकलज (कक्षा 11): ढाल, परिवर्तन की दर और नियम – अवकलज बताता है कि कोई चीज़ एक पल में कितनी तेज़ी से बदल रही है। ग्राफ़ पर यह स्पर्श रेखा की ढाल है। इसे सीमा से निकालते हैं: छोटा कदम h लो, औसत बदलाव निकालो, और h को 0 की ओर ले जाओ। फिर xⁿ, sin x, cos x, योग, अंतर, गुणनफल और भागफल के आसान नियम सीखेंगे।
- संबंध एवं फलन: कार्तीय गुणन, प्रांत, परिसर और ग्राफ़ – क्रमित युग्म (a, b) में पहला और दूसरा स्थान तय है, इसलिए (1, 2) ≠ (2, 1)। कार्तीय गुणन A × B उन सब युग्मों (a, b) का समुच्चय है जिनमें a ∈ A, b ∈ B; n(A × B) = n(A) × n(B)। A × B का कोई भी उपसमुच्चय A से B में संबंध है। पहले अवयवों का समुच्चय प्रांत, दूसरे अवयवों का परिसर, और पूरा B सहप्रांत है। फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के हर अवयव का ठीक एक प्रतिबिंब हो। हम अचर, तत्समक, बहुपद, परिमेय, मापांक, चिह्न, घातांकी, लघुगणकीय और महत्तम पूर्णांक फलन और उनके ग्राफ़ पढ़ते हैं, और फलनों को जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग करना सीखते हैं।
- गणितीय निदर्शन: गणित से असली दुनिया को समझना – गणितीय मॉडल (mathematical model) एक समीकरण, ग्राफ़ या तालिका है जो किसी असली स्थिति को सरल तरीके से बताती है। मॉडलिंग चक्र: असली समस्या समझो → चर चुनो और मान्यताएँ बनाओ → मॉडल बनाओ (जैसे रैखिक, द्विघात या चरघातांकी) → हल करो और अनुमान लगाओ → असली आँकड़ों से जाँचो → मॉडल सुधारो या उसकी सीमा बताओ। कोई मॉडल पूरी तरह सही नहीं होता; अच्छा मॉडल सरल होता है और काम लायक सही होता है।