Netherlands HAVO 5 (eindexamenjaar) General Natural Science
अध्याय: 3
1. Biosphere
Characteristics of the biosphere · Sustainable development
- जैवमंडल (Biosphere) – जैवमंडल पृथ्वी का वह भाग है जहाँ जीवन है। यह एक पतली परत है जहाँ स्थलमंडल (चट्टान और मिट्टी), जलमंडल (पानी) और वायुमंडल (हवा) मिलते हैं, समुद्र तल से लगभग 10 km ऊपर से लगभग 11 km नीचे तक। पृथ्वी के सभी पारितंत्र मिलकर जैवमंडल बनाते हैं। इसमें ऊर्जा एक ही दिशा में बहती है: सूर्य → पौधे → जंतु → ऊष्मा, जबकि कार्बन, पानी, नाइट्रोजन जैसे पदार्थ चक्र में घूमते हैं। जीव बाकी मंडलों को भी बदलते हैं: ऑक्सीजन बनाते हैं, मिट्टी बनाते हैं, कार्बन जमा करते हैं। आज मनुष्य इसे तेज़ी से बदल रहा है, इसलिए इसकी रक्षा ज़रूरी है।
- पर्यावरण और धारणीय विकास – पर्यावरण हमें संसाधन देता है, हमारा कचरा सोखता है, जीवन चलाता है और सुंदरता देता है। जब हम संसाधन प्रकृति के नवीकरण से तेज़ लेते हैं, या कचरा उसकी सोखने की क्षमता से ज़्यादा फेंकते हैं, तो धारण क्षमता पार होती है और पर्यावरण संकट आता है। भारत में भूमि अपक्षय, वायु-जल प्रदूषण, वन और जैव-विविधता की हानि है। जीवाश्म ईंधन जलाने से गर्मी फँसती है और वैश्विक उष्णता होती है; CFC ओज़ोन परत पतली करते हैं। धारणीय विकास आज की ज़रूरतें पूरी करता है बिना भावी पीढ़ियों की क्षमता घटाए।
2. Matter
Characteristics of matter · Production of materials · Knowledge about matter
- मिश्रण और उनका पृथक्करण – मिश्रण में दो या ज़्यादा पदार्थ किसी भी अनुपात में मिले होते हैं और हर पदार्थ अपने गुण बनाए रखता है। समांगी मिश्रण (विलयन) हर जगह एक जैसा दिखता है, विषमांगी नहीं। कण के आकार से: विलयन (< 1 nm), कोलॉइड (1–1000 nm), निलंबन (> 1000 nm)। कोलॉइड प्रकाश फैलाता है (टिंडल प्रभाव)। सांद्रता बताती है कि विलयन में कितना विलेय है। मिश्रण को उसके हिस्सों के अंतर से अलग करते हैं: वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण, आसवन, क्रोमैटोग्राफी, ऊर्ध्वपातन, अपकेंद्रण और स्कंदन।
- सामग्री और उनके गुण (Materials) – हम जो कुछ बनाते हैं वह सामग्री से बनता है: लकड़ी, धातु, प्लास्टिक, काँच, सिरेमिक, कपड़ा और कंपोज़िट. हर सामग्री के गुण होते हैं: मज़बूती, कड़ापन, कठोरता, लचीलापन, घनत्व, ऊष्मा और विद्युत चालन, पारदर्शिता, जलरोधिता और लागत. डिज़ाइनर काम के हिसाब से सामग्री चुनते हैं, सोचते हैं कि उसे कैसे आकार दें और जोड़ें (पेंच, कील, गोंद, वेल्डिंग, सोल्डरिंग, सिलाई), और सुरक्षा, लागत व पर्यावरण का ध्यान रखते हैं. कपड़े प्राकृतिक रेशों (सूती, ऊन, रेशम) और कृत्रिम रेशों (पॉलिएस्टर, नायलॉन) से बनते हैं.
- उप-परमाणुक कण और परमाणु के शुरुआती मॉडल – परमाणु तीन मुख्य कणों से बना है। इलेक्ट्रॉन (आवेश −1, बहुत हल्का) कैथोड किरण नली से मिला। प्रोटॉन (आवेश +1, इलेक्ट्रॉन से लगभग 1836 गुना भारी) कैनाल किरणों से मिला। न्यूट्रॉन (कोई आवेश नहीं, द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन जितना) 1932 में चैडविक ने खोजा। टॉमसन ने परमाणु को धन आवेश का गोला माना जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे हैं। रदरफोर्ड ने सोने की पन्नी पर अल्फा कण मारकर बीच में छोटा, भारी, धनावेशित नाभिक खोजा। परमाणु क्रमांक Z = प्रोटॉन की संख्या; द्रव्यमान संख्या A = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन। रदरफोर्ड मॉडल परमाणु का स्थायित्व और रेखा स्पेक्ट्रम नहीं समझा पाया, इसलिए बोर मॉडल आया।
3. Solar system and universe
Structure of the solar system and universe · Space in daily life · Knowledge about the universe
- सौरमंडल – सौरमंडल = सूर्य और वह सब कुछ जिसे उसका गुरुत्व थामे रखता है: 8 ग्रह, उनके चंद्रमा, बौने ग्रह, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु और धूल। भीतरी चार ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) छोटे और चट्टानी हैं। क्षुद्रग्रह पट्टी के बाद विशाल ग्रह: गैस दानव बृहस्पति और शनि, हिम दानव यूरेनस और नेपच्यून। गुरुत्व ग्रहों को सूर्य की ओर खींचता है जबकि वे बगल में चलते हैं, इसलिए वे कक्षा में घूमते हैं; पास वाले तेज़ चलते हैं और उनका वर्ष छोटा होता है। यह सब लगभग 4.6 अरब साल पहले गैस और धूल के घूमते बादल से बना।
- अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) – अंतरिक्ष अन्वेषण यानी रॉकेट, उपग्रह, यान और इंसानों को पृथ्वी के वायुमंडल से आगे भेजना। रॉकेट गैस को नीचे धकेलकर ऊपर उठता है (क्रिया–प्रतिक्रिया)। लगभग 7.9 km/s की बग़ल वाली चाल पर यान पृथ्वी के चारों ओर गिरता रहता है यानी कक्षा में रहता है; 11.2 km/s पर पृथ्वी से बाहर निकल जाता है। 1957 से अंतरिक्ष होड़ और सहयोग दोनों की जगह रहा है, और इससे मौसम पूर्वानुमान, दिशा-निर्देशन, संचार और नया विज्ञान मिलता है।
- खगोल विज्ञान का इतिहास: आकाश की तस्वीर कैसे बदली – हज़ारों साल तक लोग मानते रहे कि पृथ्वी बीच में स्थिर है और आकाश उसके चारों ओर घूमता है। ग्रहों को ध्यान से देखने और फिर दूरबीन ने बेहतर तस्वीर दिखाई: पृथ्वी और दूसरे ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार रास्तों पर घूमते हैं और गुरुत्वाकर्षण उन्हें थामे रखता है। नए विचार इसलिए जीते क्योंकि वे ज़्यादा समझाते थे और उनकी जाँच हो सकती थी।