सत्र की योजना बनाना
पहले लक्ष्य तय करो: आज खिलाड़ी कौन-सी एक चीज़ बेहतर करेंगे, जैसे "पैर के अंदरूनी हिस्से से गेंद पास करना"। फिर पाँच सवाल पूछो: समूह में कौन हैं? कितने मिनट हैं? जगह और सामान क्या है? क्या ग़लत हो सकता है (सुरक्षा)? कैसे पता चलेगा कि लक्ष्य पूरा हुआ?
फिर समय को चार भागों में बाँटो:
- वार्म-अप (लगभग 10 मिनट): हल्की दौड़, जोड़ों की गति, कौशल का आसान रूप।
- कौशल अभ्यास (लगभग 20 मिनट): छोटे समूहों में ड्रिल।
- खेल (लगभग 20 मिनट): छोटे मैच में कौशल का उपयोग।
- कूल-डाउन (लगभग 10 मिनट): धीमी चाल, स्ट्रेचिंग, थोड़ी बातचीत।
योजना काग़ज़ पर लिखो। बारिश या ज़्यादा खिलाड़ियों के लिए दूसरी योजना (प्लान B) रखो।
समूह का संचालन
संचालन का मतलब चिल्लाना नहीं है। कौशल सिखाने का आसान तरीका है दिखाओ, समझाओ, करो, सुझाव दो।
- दिखाओ: कौशल एक बार पूरी गति से, फिर धीमे करके।
- समझाओ: सिर्फ़ दो-तीन मुख्य शब्दों में।
- करो: सब एक साथ अभ्यास करें, कोई लंबी लाइन में खड़ा न रहे।
- सुझाव: पहले अच्छी बात बताओ, फिर सुधारने की एक बात।
ऐसी जगह खड़े हो जहाँ से सब दिखें। साफ़ आवाज़, सीटी या हाथ के इशारे इस्तेमाल करो। खिलाड़ियों को छोटे काम दो (कप्तान, सामान सँभालने वाला)। अच्छा नेता सुनता भी है।
खिलाड़ियों के अनुसार बदलाव
दो खिलाड़ी एक जैसे नहीं होते। कोई नया है, कोई तेज़ है, किसी को हल्की चोट है या कोई विकलांगता है। कोच खिलाड़ी को नहीं, काम को बदलता है। याद रखने की चाल है TREE: Task (काम), Rules (नियम), Equipment (सामान), Environment (जगह) बदलो।
- आसान: कम दूरी, बड़ा निशाना, नरम गेंद, ज़्यादा समय।
- कठिन: ज़्यादा दूरी, छोटा निशाना, रोकने वाला खिलाड़ी, कम समय।
सब खेल सकें, सबको चुनौती मिले और सब सुरक्षित रहें।
सत्र का मूल्यांकन
सत्र के बाद तीन सवाल पूछो: लक्ष्य पूरा हुआ? सब सुरक्षित रहे? सबको मज़ा आया? जो देखा (पास सुधरे), जो खिलाड़ी कहते हैं और समय देखो (कोई भाग बहुत लंबा तो नहीं था?)। दो अच्छी बातें और अगली बार बदलने की एक बात लिखो। कोच ऐसे ही बेहतर बनते हैं।
करके देखो: छोटा सत्र खुद कराओ
कोई कौशल चुनो, जैसे गेंद को बाल्टी में फेंकना। 3 दोस्त बुलाओ। 3 मिनट वार्म-अप, 5 मिनट अभ्यास, 4 मिनट खेल और 2 मिनट कूल-डाउन की योजना बनाओ। दिखाओ, समझाओ, करो, सुझाव दो वाले तरीक़े से सिखाओ। एक दोस्त के लिए काम आसान करो। अंत में तीनों सवाल पूछो। 3D में स्लाइडर चलाकर देखो कि योजना कैसे बदलती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सत्र = वार्म-अप + कौशल अभ्यास + खेल + कूल-डाउन
- सब भागों का जोड़ = उपलब्ध समय
- सिखाना: दिखाओ, समझाओ, करो, सुझाव दो
- TREE से बदलाव: काम, नियम, सामान, जगह
- जाँच: लक्ष्य, सुरक्षा, मज़ा
हल किए गए उदाहरण
1. सत्र 60 मिनट का है। वार्म-अप 10, कौशल अभ्यास 20 और खेल 20 मिनट है। कूल-डाउन कितना होगा?
60 − (10 + 20 + 20) = 10 मिनट।
2. कोच के पास 45 मिनट हैं। वार्म-अप 8, कौशल 17 और खेल 15 मिनट है, बाक़ी कूल-डाउन। कूल-डाउन निकालो।
45 − (8 + 17 + 15) = 5 मिनट।
3. पास की ड्रिल में एक खिलाड़ी 4 मीटर का पास बार-बार चूकता है। TREE से दो बदलाव बताओ।
काम: दूरी 2 मीटर कर दो। सामान: बड़ी, नरम गेंद दो। (नियम या जगह बदलना भी चलेगा।)
4. ड्रिल में 12 खिलाड़ी एक लाइन में हैं, हर एक की बारी 10 सेकंड की है। आख़िरी खिलाड़ी कितना इंतज़ार करता है? इसे कैसे सुधारें?
आख़िरी खिलाड़ी 11 × 10 = 110 सेकंड, यानी लगभग 2 मिनट इंतज़ार करता है। 4-4 की 3 लाइनें बनाओ: आख़िरी को 3 × 10 = 30 सेकंड रुकना होगा और सबको ज़्यादा बारियाँ मिलेंगी।
5. 30 खिलाड़ी और 3 कोच हैं। बराबर के कितने समूह बन सकते हैं और हर में कितने खिलाड़ी?
हर समूह के लिए एक कोच: 3 समूह, हर में 30 ÷ 3 = 10 खिलाड़ी।
6. सत्र के बाद 20 में से 18 खिलाड़ियों ने कहा मज़ा आया और 16 का लक्ष्य पूरा हुआ। कितने प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हुआ? कितनों को मज़ा आया?
लक्ष्य पूरा: 16 ÷ 20 × 100 = 80%। मज़ा आया: 18 ÷ 20 × 100 = 90%।
आम गलतियाँ
- बिना लक्ष्य के सत्र शुरू करना, जिससे वह सिर्फ़ "खेलना" रह जाता है।
- समय बचाने के लिए वार्म-अप या कूल-डाउन छोड़ देना।
- खिलाड़ियों को लंबी लाइन में खड़ा रखना, जिससे वे ज़्यादातर समय खड़े रहते हैं।
- सबको एक ही काम देना, जिससे किसी को कठिन और किसी को बहुत आसान लगता है।