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1990 के दशक का रूस: बाज़ार-सुधार, 1993 का संविधान और नया राज्य

स्वतंत्र रूस की शुरुआत 1992 में "शॉक थेरेपी" से हुई: क़ीमतें मुक्त हुईं, जिससे भारी महँगाई आई, और सरकारी कंपनियों का निजीकरण हुआ, पहले वाउचर से और फिर "शेयर के बदले क़र्ज़" से। 1993 में राष्ट्रपति येल्तसिन और संसद के टकराव का अंत नए संविधान (12 दिसंबर 1993) से हुआ, जिसने राष्ट्रपति को मज़बूत अधिकार दिए और दो सदनों की संसद बनाई। क्षेत्रों ने केंद्र से संधियाँ कीं, पर चेचन्या में दो युद्ध हुए। बहुतों के लिए रोज़ की ज़िंदगी कठिन रही, वेतन देर से मिले और 1998 में संकट आया, फिर भी नए सामान और आज़ादियाँ आईं। विदेश नीति में रूस ने सोवियत संघ की संयुक्त राष्ट्र सीट ली, CIS में रहा और नाटो तथा G8 के साथ काम किया।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. जनवरी 1992: क़ीमतें मुक्त। जिस टोकरी का दाम 1 था, साल भर बाद लगभग 26 हो गया (महँगाई लगभग 2,500%)। अलमारियाँ भरीं, पर कम लोग ख़रीद पाए।
  2. निजीकरण: पहले हर नागरिक को वाउचर मिला, स्वामित्व बिखरा। 1995 तक "शेयर के बदले क़र्ज़" से बड़ी कंपनियाँ कुछ हाथों में जमा हुईं।
  3. 12 दिसंबर 1993 का संविधान: मज़बूत राष्ट्रपति, दो सदनों की संसद (फ़ेडरेशन काउंसिल और राज्य ड्यूमा) और अदालतें।
  4. संघीय संबंध। क्षेत्र केंद्र के चारों ओर जुड़ते हैं; 1992 में दो ने हस्ताक्षर नहीं किए। बाद में संधियों से तय हुआ कि किसके पास कौन-से अधिकार हों।
  5. रोज़ की ज़िंदगी। क़ीमतें वेतन से बहुत आगे भागती हैं। वेतन देर से मिलता है, कियोस्क और सड़क-बाज़ार बढ़ते हैं और नई छोटी कंपनियाँ शुरू होती हैं।
  6. खुला खेल: 1991-1999 तक स्लाइडर चलाइए और साल की घटनाएँ और क़ीमत-वृद्धि (लॉग पैमाना) पढ़िए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लोग ग़रीब थे तो सरकार ने क़ीमतें मुक्त क्यों कीं?

उसे उम्मीद थी कि माल आएगा और बाज़ार माँग-आपूर्ति को संतुलित करेगा। 3D में लाल पट्टी दाम की छलाँग दिखाती है।

बड़ी कंपनियाँ असल में किसे मिलीं?

कुछ अमीर मालिकों को, शेयर के बदले क़र्ज़ के बाद। सुनहरा ब्लॉक छोटे नीले घनों को समेट लेता है।

1993 में नए संविधान की ज़रूरत क्यों पड़ी?

सोवियत-काल के पुराने नियमों में राष्ट्रपति और संसद के बीच सत्ता का साफ़ बँटवारा नहीं था, और विवाद हिंसक हो गया।

चेचन्या ने हस्ताक्षर क्यों नहीं किए?

उसके नेता आज़ादी चाहते थे। नारंगी चकतियाँ वे दो क्षेत्र दिखाती हैं जो बाहर रहे।

वेतन महीनों देर से क्यों मिला?

राज्य और कंपनियों के पास पैसा नहीं था, इसलिए वेतन और पेंशन रुकीं। क़ीमतें (लाल) वेतन (हरा) से आगे निकल गईं।

महँगाई सबसे ज़्यादा कब उतरी?

1995 से 1997 के बीच; पट्टियाँ छोटी होती हैं। फिर 1998 का संकट उन्हें फिर बढ़ा देता है।

बाज़ार-सुधार: शॉक थेरेपी और निजीकरण

सोवियत संघ के अंत (दिसंबर 1991) के बाद रूस एक नया राज्य था जिसकी अर्थव्यवस्था बिगड़ रही थी। राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन और येगोर गैदार की सरकार ने तेज़ बदलाव चुना, जिसे शॉक थेरेपी कहते हैं।

1997 में महँगाई 11% तक उतरी, पर 1998 के संकट ने उसे फिर बढ़ाया। वृद्धि 1999 में ही शुरू हुई।

राजनीति और 1993 का संविधान

सोवियत-काल की पुरानी संसद (जन-प्रतिनिधियों की कांग्रेस और सर्वोच्च सोवियत) येल्तसिन के सुधारों और अधिकारों का विरोध करती थी। 1993 में विवाद बढ़ा।

संविधान क्या कहता है:

संघीय संबंध और क्षेत्र

रूस कई "घटकों" का संघ है: गणराज्य, प्रदेश, संघीय स्तर के शहर और अन्य। 1991-92 में कई क्षेत्र ज़्यादा अधिकार चाहते थे।

1990 के दशक में रोज़ की ज़िंदगी

1990 का दशक बहुतों के लिए कठिन और कुछ के लिए रोमांचक था।

1990 के दशक की विदेश नीति

रूस सोवियत संघ का "उत्तराधिकारी राज्य" बना: उसने संयुक्त राष्ट्र में सोवियत सीट और परमाणु शक्ति का दर्जा लिया, और अधिकांश क़र्ज़ तथा विदेश की संपत्ति भी संभाली।

31 दिसंबर 1999 को येल्तसिन ने इस्तीफ़ा दिया और तब के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।

करके देखिए

खुले खेल वाले चरण में 1992, 1995 और 1998 पर जाइए। अंदाज़ा लगाइए: क़ीमत की पट्टी कब सबसे ऊँची है? 17 अगस्त के डिफ़ॉल्ट का असर किस साल दिखता है? 1992 की पट्टी की 1997 से तुलना कीजिए: 1997 में महँगाई का आँकड़ा लगभग कितने गुना कम है?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. शॉक थेरेपी क्या थी?

अर्थव्यवस्था को बहुत तेज़ी से बदलने की योजना: क़ीमतें मुक्त करना, राज्य का ख़र्च घटाना और कंपनियों का निजीकरण। इससे दुकानों की कमी जल्दी ख़त्म हुई, पर भारी महँगाई आई और बचत तथा वेतन को चोट पहुँची।

2. एक साल में दाम 26 गुना हुए। रोटी का दाम 2 रूबल था। साल के अंत में क्या हुआ?

2 x 26 = 52 रूबल।

3. समझाइए कि 1993 के संविधान ने सत्ता कैसे बाँटी।

तीन शाखाएँ बनीं: राष्ट्रपति और सरकार (कार्यपालिका), फ़ेडरेशन काउंसिल और राज्य ड्यूमा वाली संघीय सभा (विधायिका), और संवैधानिक न्यायालय समेत अदालतें (न्यायपालिका)। राष्ट्रपति मज़बूत था: राज्य-प्रमुख, आदेश जारी कर सकता और प्रधानमंत्री नामित करता था।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. नया रूसी संविधान कब मंज़ूर हुआ?
2. राज्य ड्यूमा में कितने प्रतिनिधि हैं?
3. वाउचर नागरिकों को क्या करने देते थे?
4. 17 अगस्त 1998 को क्या हुआ?
5. 1992 की संघ-संधि पर किन दो क्षेत्रों ने हस्ताक्षर नहीं किए?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1992 में दाम इतने क्यों बढ़े?

राज्य ने तब क़ीमतें मुक्त कीं जब माल कम था और धन की मात्रा बड़ी। दाम जल्दी माँग और आपूर्ति के हिसाब से बढ़ गए।

ओलिगार्क कौन थे?

बहुत धनी कारोबारियों का छोटा समूह जिसने 1990 के दशक में, अक्सर शेयर के बदले क़र्ज़ से, बड़ी तेल, धातु और बैंक कंपनियाँ पाईं और जिसका राजनीतिक असर था।

1993 में रूस सोवियत संघ से कैसे अलग था?

उसमें बाज़ार अर्थव्यवस्था, कई दलों वाले चुनाव, मुक्त प्रेस और सत्ता का लिखित बँटवारा था, पर बहुत मज़बूत राष्ट्रपति पद भी।

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