बाज़ार-सुधार: शॉक थेरेपी और निजीकरण
सोवियत संघ के अंत (दिसंबर 1991) के बाद रूस एक नया राज्य था जिसकी अर्थव्यवस्था बिगड़ रही थी। राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन और येगोर गैदार की सरकार ने तेज़ बदलाव चुना, जिसे शॉक थेरेपी कहते हैं।
- 2 जनवरी 1992: अधिकांश क़ीमतें मुक्त हुईं। दुकानें भर गईं क्योंकि माल अब बाज़ार-भाव पर बिक सकता था, पर एक साल में दाम लगभग 26 गुना हो गए (महँगाई लगभग 2,500%) और बहुतों की बचत डूबी।
- वाउचर निजीकरण (1992-94): हर नागरिक को सरकारी कंपनियों के शेयर ख़रीदने के लिए वाउचर (10,000 रूबल) मिला। अधिकांश लोगों ने उसे सस्ते में बेचा या फंड में लगाया।
- "शेयर के बदले क़र्ज़" (1995): कुछ धनी बैंकरों ने राज्य को क़र्ज़ दिया और तेल-धातु कंपनियों के बड़े हिस्से पाए। बहुत धनी मालिकों का एक छोटा समूह बना, जिन्हें ओलिगार्क कहा गया।
- उत्पादन गिरा: 1990 से 1998 तक रूस की अर्थव्यवस्था लगभग 40% सिकुड़ी। 17 अगस्त 1998: राज्य अपना क़र्ज़ नहीं चुका सका (डिफ़ॉल्ट) और रूबल धराशायी हुआ।
1997 में महँगाई 11% तक उतरी, पर 1998 के संकट ने उसे फिर बढ़ाया। वृद्धि 1999 में ही शुरू हुई।
राजनीति और 1993 का संविधान
सोवियत-काल की पुरानी संसद (जन-प्रतिनिधियों की कांग्रेस और सर्वोच्च सोवियत) येल्तसिन के सुधारों और अधिकारों का विरोध करती थी। 1993 में विवाद बढ़ा।
- अप्रैल 1993: जनमत-संग्रह में दिखा कि ज़्यादा लोग संसद से ज़्यादा येल्तसिन पर भरोसा करते थे।
- 21 सितंबर 1993: येल्तसिन ने संसद को काम बंद करने का आदेश दिया। उसके नेताओं ने इनकार किया और व्हाइट हाउस इमारत में डटे रहे। 3-4 अक्टूबर को मास्को में सशस्त्र झड़प हुई और सेना ने इमारत ले ली।
- 12 दिसंबर 1993: मतदाताओं ने नया संविधान मंज़ूर किया और पहला राज्य ड्यूमा चुना।
संविधान क्या कहता है:
- रूस लोकतांत्रिक, संघीय, विधि-आधारित राज्य है। सत्ता तीन भागों में बँटी है: कार्यपालिका (राष्ट्रपति और सरकार), विधायिका (संघीय सभा) और न्यायपालिका (अदालतें, संवैधानिक न्यायालय सहित)।
- राष्ट्रपति सीधे चुना जाता है, राज्य-प्रमुख है, प्रधानमंत्री को नामित करता है और आदेश जारी कर सकता है। 1996 के चुनाव में येल्तसिन ने कम्युनिस्ट नेता गेन्नादी ज़ुगानोव के सामने जीत पाई।
- संघीय सभा के दो सदन हैं: फ़ेडरेशन काउंसिल (उच्च सदन, हर क्षेत्र से दो सदस्य) और राज्य ड्यूमा (निचला सदन, 450 प्रतिनिधि)। दल और चुनाव मान्य हैं और नागरिकों के अधिकार दर्ज हैं।
संघीय संबंध और क्षेत्र
रूस कई "घटकों" का संघ है: गणराज्य, प्रदेश, संघीय स्तर के शहर और अन्य। 1991-92 में कई क्षेत्र ज़्यादा अधिकार चाहते थे।
- संघ-संधि (31 मार्च 1992): अधिकांश गणराज्यों और क्षेत्रों ने हस्ताक्षर किए। तातारस्तान और चेचन्या ने नहीं किए।
- द्विपक्षीय संधियाँ: 1994 से केंद्र ने कई क्षेत्रों से संधियाँ कीं (पहली तातारस्तान से) जो तय करती थीं कि किसके पास कौन-से अधिकार हैं। इनसे माहौल शांत हुआ पर नियम असमान भी हुए।
- चेचन्या: उसके नेताओं ने 1991 में आज़ादी घोषित की। दिसंबर 1994 में संघीय सरकार ने सेना भेजी और 1996 तक युद्ध चला, जब शांति-समझौता हुआ। 1999 में दूसरा युद्ध शुरू हुआ। इन युद्धों में बहुत-से नागरिकों और सैनिकों ने कष्ट झेला और शहर तबाह हुए।
- गवर्नर: 1990 के दशक में अधिकांश क्षेत्रों के गवर्नर चुने जाते थे और वे केंद्र से मोलभाव करते थे।
1990 के दशक में रोज़ की ज़िंदगी
1990 का दशक बहुतों के लिए कठिन और कुछ के लिए रोमांचक था।
- कठिनाई: वेतन और पेंशन महीनों देर से मिले, दाम ऊँचे थे, कुछ लोगों को सामान में वेतन मिला या अदला-बदली चली। रूबल की बचत की क़ीमत घटी। जीवन-प्रत्याशा घटी, ख़ासकर पुरुषों की।
- नई चीज़ें: कियोस्क और सड़क-बाज़ार, आयातित सामान, निजी दुकानें और कंपनियाँ, मोबाइल फ़ोन और शुरुआती इंटरनेट कैफ़े, निजी टीवी चैनल और ज़्यादा अख़बार, और विदेश यात्रा की आज़ादी।
- असमानता: कुछ बहुत अमीर हुए और बहुत-से ग़रीब। परिवारों ने बाग़ की उपज और रिश्तेदारों के पैसे से एक-दूसरे की मदद की।
- संस्कृति और आस्था: गिरजे फिर खुले, नई फ़िल्में, पॉप संगीत और किताबें आईं, और पुराने सोवियत नायकों पर बहस हुई। खेल के पैसे घटे पर खिलाड़ी रूसी झंडे के नीचे खेले।
1990 के दशक की विदेश नीति
रूस सोवियत संघ का "उत्तराधिकारी राज्य" बना: उसने संयुक्त राष्ट्र में सोवियत सीट और परमाणु शक्ति का दर्जा लिया, और अधिकांश क़र्ज़ तथा विदेश की संपत्ति भी संभाली।
- CIS: स्वतंत्र राष्ट्रों का राष्ट्रमंडल (दिसंबर 1991) अन्य पूर्व गणराज्यों से संबंध बनाए रखने की कोशिश था। रूस ने इन "निकट विदेश" देशों में विशेष रुचि रखी।
- परमाणु हथियार: यूक्रेन, बेलारूस और कज़ाख़स्तान की सोवियत मिसाइलें रूस के पास गईं। START II (1993 में हस्ताक्षरित) ने लंबी दूरी के हथियारों में कटौती की योजना बनाई।
- पश्चिम के साथ: IMF से क़र्ज़, नाटो के साथ पार्टनरशिप फ़ॉर पीस (1994), नाटो-रूस संस्थापक अधिनियम (1997), यूरोप परिषद (1996) और G8 समूह (1997)। रूस ने नाटो के पूर्व में बढ़ने और 1999 में कोसोवो में नाटो की कार्रवाई का विरोध किया।
- एशिया के साथ: 1993 की संधि ने भारत से मित्रता बनाए रखी और चीन से संबंध मज़बूत हुए। भारत के साथ हथियारों की बिक्री और व्यापार जारी रहा।
31 दिसंबर 1999 को येल्तसिन ने इस्तीफ़ा दिया और तब के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।
करके देखिए
खुले खेल वाले चरण में 1992, 1995 और 1998 पर जाइए। अंदाज़ा लगाइए: क़ीमत की पट्टी कब सबसे ऊँची है? 17 अगस्त के डिफ़ॉल्ट का असर किस साल दिखता है? 1992 की पट्टी की 1997 से तुलना कीजिए: 1997 में महँगाई का आँकड़ा लगभग कितने गुना कम है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- क़ीमतें मुक्त: 2 जनवरी 1992; 1992 में महँगाई लगभग 2,500% (दाम लगभग 26 गुना)
- वाउचर निजीकरण 1992-94; शेयर के बदले क़र्ज़ 1995
- संघ-संधि: 31 मार्च 1992 (तातारस्तान और चेचन्या ने हस्ताक्षर नहीं किए)
- संविधान जनमत से मंज़ूर: 12 दिसंबर 1993; राज्य ड्यूमा = 450 प्रतिनिधि
- पहला चेचन युद्ध: दिसंबर 1994 से 1996; दूसरा युद्ध 1999 से
- रूबल का पतन और डिफ़ॉल्ट: 17 अगस्त 1998
- येल्तसिन का इस्तीफ़ा 31 दिसंबर 1999; मुख्य शब्द: शॉक थेरेपी, वाउचर, ओलिगार्क, संघ
हल किए गए उदाहरण
1. शॉक थेरेपी क्या थी?
अर्थव्यवस्था को बहुत तेज़ी से बदलने की योजना: क़ीमतें मुक्त करना, राज्य का ख़र्च घटाना और कंपनियों का निजीकरण। इससे दुकानों की कमी जल्दी ख़त्म हुई, पर भारी महँगाई आई और बचत तथा वेतन को चोट पहुँची।
2. एक साल में दाम 26 गुना हुए। रोटी का दाम 2 रूबल था। साल के अंत में क्या हुआ?
2 x 26 = 52 रूबल।
3. समझाइए कि 1993 के संविधान ने सत्ता कैसे बाँटी।
तीन शाखाएँ बनीं: राष्ट्रपति और सरकार (कार्यपालिका), फ़ेडरेशन काउंसिल और राज्य ड्यूमा वाली संघीय सभा (विधायिका), और संवैधानिक न्यायालय समेत अदालतें (न्यायपालिका)। राष्ट्रपति मज़बूत था: राज्य-प्रमुख, आदेश जारी कर सकता और प्रधानमंत्री नामित करता था।
आम गलतियाँ
- कहना कि रूस का संविधान 1991 का है। वह 12 दिसंबर 1993 को मंज़ूर हुआ।
- संसद के दो सदन गड्डमड्ड करना: फ़ेडरेशन काउंसिल क्षेत्रों का उच्च सदन है; राज्य ड्यूमा निचला सदन है।
- सोचना कि निजीकरण से आम लोगों को हमेशा उचित हिस्सा मिला। अधिकांश वाउचर सस्ते बिके और बड़ी कंपनियाँ कुछ मालिकों के पास गईं।
- कहना कि पहला चेचन युद्ध 1999 में ख़त्म हुआ। वह 1996 में ख़त्म हुआ; दूसरा 1999 में शुरू हुआ।