कोसैक कौन थे? स्तेपी सीमा और सिच
कोसैक शब्द एक तुर्क शब्द से आया जिसका अर्थ है "आज़ाद घुड़सवार"। 1400–1500 के दशकों में लोग स्तेपी, यानी खेती के इलाक़ों के दक्षिण के खुले घास के मैदान, में रहते थे। स्तेपी में अक्सर हमले होते थे, इसलिए बसने वालों को हथियार रखने पड़ते थे। शिकारी, मछुआरे, व्यापारी और ज़मींदारों को छोड़ आए किसान साथ आ गए।
उनका मुख्य अड्डा ज़ापोरीज़्ज़िया सिच था: नीपर नदी के रैपिड्स के पार द्वीप पर एक क़िला ("ज़ा पोरोहामी" यानी रैपिड्स के पार)। सिच को सभी कोसैक पुरुषों की सभा (राडा) चलाती थी। वे नेता (कोशोवी अतामान) चुनते और उसे हटा भी सकते थे। कोसैक घोड़े पर, नावों पर, ज़मीन पर और काला सागर पर लड़ते थे।
रजिस्टर, युद्ध और विद्रोह (1648 तक)
इन इलाक़ों पर पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल का नियंत्रण था। राजा ने कुछ कोसैकों को सीमा-रक्षक रखा और उन्हें रजिस्टर में लिखा (1572 से)। पंजीकृत कोसैक को वेतन और विशेषाधिकार मिले। रजिस्टर छोटा था, इसलिए ज़्यादातर कोसैक बाहर रहे।
- युद्ध: कोसैकों ने राष्ट्रमंडल के साथ लड़ाइयाँ लड़ीं, जैसे 1621 में खोतिन में उस्मानी सेना के विरुद्ध, और क्रीमिया तथा उस्मानी तटों पर छापे भी मारे। क्रीमिया ख़ानत और उस्मानियों से संबंधों में युद्ध और समझौते दोनों थे।
- विद्रोह: 1590 के दशक में कोसिन्स्की और नालिवाइको जैसे विद्रोह, और 1620–1630 के दशकों में और विद्रोह, दबा दिए गए।
- चर्च: कई कोसैकों ने ऑर्थोडॉक्स चर्च के अधिकारों की रक्षा की, जिस पर ब्रेस्ट संघ (1596) के बाद दबाव था।
1648 की क्रांति और "तबाही"
कारण: कुलीनों की जागीरों पर भारी लगान और बंधुआ खेती, ऑर्थोडॉक्स चर्च पर दबाव और छोटा रजिस्टर। 1648 में बोहदान ख़मेलनित्स्की हेटमन बना। उसने क्रीमिया के ख़ान से गठबंधन किया और ज़ोव्ती वोदी व कोरसुन की शुरुआती लड़ाइयाँ जीतीं। कई गाँववाले और नगरवासी जुड़ गए।
- 1649: ज़बोरिव संधि से कोसैकों को बड़ा रजिस्टर और अपने शासन का इलाक़ा मिला।
- 1651: बेरेस्तेच्को में हार, फिर बीला त्सेर्कवा में नई संधि।
- 1654: ख़मेलनित्स्की ने शक्तिशाली सहयोगी के लिए मॉस्को राज्य से पेरेयास्लाव समझौता किया। इतिहासकार आज भी बहस करते हैं कि इसका अर्थ क्या था: संरक्षण या घनिष्ठ संघ।
1657 में ख़मेलनित्स्की की मृत्यु के बाद प्रतिद्वंद्वी हेटमन, नीपर के दोनों किनारों में लड़ाई और पड़ोसी शक्तियों की सेनाओं से "तबाही" (लगभग 1657 से 1687) आई। हादियाच संघ (1658) ने राष्ट्रमंडल से नया समझौता करने की कोशिश की, पर वह टिका नहीं। कई हेटमनों ने हेटमनात को फिर जोड़ने के प्रयास किए।
हेटमनात कैसे चलता था (और कैसे ख़त्म हुआ)
हेटमनात नीपर के बाएँ किनारे पर कोसैक राज्य था, जिसकी राजधानियाँ चिहिरिन, बातुरिन और ह्लुखिव रहीं। उसका नेतृत्व हेटमन करता था, साथ में आम परिषद और अधिकारियों का समूह (स्तारशीना) था। ज़मीन रेजिमेंटों और कंपनियों में बँटी थी जो सेना और स्थानीय शासन दोनों थीं। न्याय, कर और चर्च-जीवन कोसैक अधिकारी संभालते थे।
समाज: कोसैक, नगरवासी और किसान, और अधिकारी जो धनी ज़मींदार बन गए। नगरों में अलग-अलग धर्मों और भाषाओं के लोग रहते थे। ऑर्थोडॉक्स चर्च मज़बूत हुआ, कीव मोहिला अकादमी जैसे विद्यालय बने।
दूसरे इलाक़े: दाएँ किनारे (नीपर के पश्चिम) के कोसैकों ने स्वायत्तता जल्दी खो दी; स्लोबोडा यूक्रेन (ख़ारकिव के आसपास) में आए बसने वालों ने अपनी रेजिमेंटें रखीं; ज़ापोरीज़्ज़िया में सिच अलग कोसैक सेना बनी रही।
18वीं सदी: हेटमन इवान माज़ेपा (1687 से 1709) ने चर्च और विद्यालय बनवाए। उसने रूसी ज़ार के विरुद्ध स्वीडन का साथ दिया और 1709 में पोल्तावा में हारा। पिलिप ओर्लिक ने संविधान (1710) लिखा जिसमें परिषद हेटमन की शक्ति सीमित करती थी। बाद में अपोस्तोल और रोज़ूमोव्स्की के सुधार हेटमनात को बचा न सके: पद 1764 में समाप्त हुआ और सिच 1775 में बंद हुई।
करके देखिए: कोसैक समय-रेखा बनाइए
करके देखिए। लगभग 20 सेमी की काग़ज़ की पट्टी लीजिए। बाईं ओर 1572 और दाईं ओर 1775 लिखिए। यह 203 साल हैं, तो 1 सेमी ≈ 10 साल।
- 1572 (रजिस्टर), 1648 (विद्रोह), 1709 (पोल्तावा) और 1775 (सिच बंद) चिह्नित कीजिए।
- फ़ुट्टे से नापिए: 1648 और 1775 के बीच कितने साल? (127।)
- हेटमनात को पट्टी के एक हिस्से की तरह रंगिए। यह कहाँ शुरू और ख़त्म होता है?
3D में पहले अनुमान लगाइए: क्या 1700 में लाल हेटमनात ब्लॉक बड़ा होगा? फिर सरकाकर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कोसैक = आज़ाद घुड़सवार; सिच = नीपर के रैपिड्स के पार क़िला
- रजिस्टर: कोसैकों की वेतन-सूची, 1572 से
- 1648: ख़मेलनित्स्की विद्रोह; 1649 ज़बोरिव; 1654 पेरेयास्लाव
- तबाही = लगभग 1657 से 1687
- माज़ेपा: हेटमन 1687 से 1709; पोल्तावा 1709; ओर्लिक संविधान 1710
- हेटमन का पद 1764 में समाप्त; सिच 1775 में बंद
हल किए गए उदाहरण
1. सिच रैपिड्स के पार क्यों बनी?
रैपिड्स पार करना बड़ी सेनाओं और नावों के लिए कठिन था, इसलिए द्वीप का क़िला सुरक्षित था। यह स्तेपी और काला सागर के पास भी था, जहाँ कोसैक लड़ते और व्यापार करते थे।
2. पहले रजिस्टर (1572) और विद्रोह (1648) के बीच कितने साल?
1648 − 1572 = 76 वर्ष।
3. 1648 के विद्रोह के दो कारण बताइए।
कुलीनों की ज़मीन पर भारी लगान और बंधुआ खेती, ऑर्थोडॉक्स चर्च पर दबाव, और छोटा रजिस्टर जिससे कई कोसैक वेतन और अधिकार से वंचित रहे।
आम गलतियाँ
- सभी कोसैकों को पंजीकृत मान लेना। ज़्यादातर वेतन-सूची में नहीं थे।
- सिच और हेटमनात को मिला देना। सिच आज़ाद कोसैकों का क़िला और सेना थी; हेटमनात रेजिमेंटों वाला राज्य था।
- पेरेयास्लाव समझौते का एक ही तय अर्थ मान लेना। इतिहासकार इसे अलग-अलग तरह से समझते हैं।
- कोसैक नेताओं को वंशानुगत राजा समझना। हेटमन चुना जाता था, हालाँकि बाद में शक्ति अधिकारियों के हाथ में चली गई।