वनस्पति की पट्टियाँ (Vegetation zones)
वनस्पति यानी किसी जगह उगने वाले सारे पौधे। क्या उगेगा, यह तापमान और वर्षा पर निर्भर है। ये दोनों ऊँचाई और समुद्र से दूरी के साथ बदलते हैं, इसलिए पौधे पट्टियों में उगते हैं। इन्हें वनस्पति पट्टी (zone) कहते हैं।
घास का मैदान (स्टेपी)
गर्म, सूखी गर्मी और कम बारिश। पेड़ों को पूरा पानी नहीं मिलता, इसलिए घास और छोटी जड़ी-बूटियाँ उगती हैं।
चौड़ी पत्ती वन
मध्यम मौसम और अच्छी बारिश। ओक और बीच जैसे पेड़ों के पत्ते चौड़े और चपटे होते हैं। पतझड़ में ये पत्ते गिरा देते हैं ताकि सर्दी में पानी बचे। इन्हें पतझड़ी (deciduous) पेड़ कहते हैं।
शंकुधारी वन (Conifer forest)
ज़्यादा ठंड, गीलापन और बर्फीली सर्दी। स्प्रूस और फ़र की पत्तियाँ पतली सुइयों जैसी और आकार शंकु जैसा होता है, इसलिए बर्फ़ फिसल जाती है। ये साल भर हरे रहते हैं, यानी सदाबहार (evergreen)।
ऊँचा पहाड़ी मैदान (Alpine meadow)
ऊपर इतनी ठंड और हवा होती है कि पेड़ नहीं उगते। सिर्फ़ नीची घास, काई और छोटी झाड़ियाँ उगती हैं। गर्मी बहुत छोटी होती है।
जीव-जंतु: हर पट्टी के जानवर (Fauna)
जीव-जंतु (fauna) यानी किसी जगह के सारे जानवर। जानवर पौधों के पीछे चलते हैं, क्योंकि पौधों से खाना और छिपने की जगह मिलती है।
- घास का मैदान: खरगोश, बिल बनाने वाले छोटे जीव, ज़मीन पर घोंसला बनाने वाली चिड़ियाँ, और उनका शिकार करने वाले बाज़।
- चौड़ी पत्ती वन: हिरन, जंगली सूअर, लोमड़ी, गिलहरी, कई गाने वाली चिड़ियाँ। फल, मेवे और पत्ते भरपूर।
- शंकुधारी वन: भालू, लिंक्स, भेड़िये, और शंकु के बीज खाने वाले पक्षी।
- ऊँचा पहाड़ी मैदान: पहाड़ी बकरी, मार्मोट, चील। इनके मोटे बाल या मज़बूत खुर पत्थरों पर काम आते हैं।
नदी, झील और दलदल में मछलियाँ, मेंढक और जल-पक्षी मिलते हैं। जंगल कटे या जले तो जानवर बेघर हो जाते हैं।
मिट्टी (Soils)
मिट्टी धरती की पतली ऊपरी परत है। इसमें टूटी चट्टान, सड़े पौधे और जानवरों का अंश (ह्यूमस), पानी और हवा होती है। मिट्टी बहुत धीरे बनती है: कुछ सेंटीमीटर में सैकड़ों साल लग जाते हैं।
जलवायु और पौधे तय करते हैं कि मिट्टी कैसी होगी:
- काली मिट्टी घास के नीचे: मोटी और ह्यूमस से भरी। बहुत उपजाऊ, गेहूँ और सूरजमुखी के लिए अच्छी।
- भूरी वन मिट्टी चौड़ी पत्ती वन के नीचे: गिरे पत्ते जल्दी सड़कर मिट्टी को खाद देते हैं। उपजाऊ।
- हल्की अम्लीय मिट्टी शंकुधारी वन के नीचे: सुइयाँ धीरे सड़ती हैं, मिट्टी अम्लीय और धुली हुई हो जाती है। कम उपजाऊ।
- पतली पथरीली मिट्टी चोटी पर: ठंड और तेज़ ढलान के कारण मिट्टी कम जमती है।
नदी के मैदानों में बाढ़ ताज़ा गाद छोड़ जाती है, जिससे नदी-घाटी की मिट्टी बनती है। यह खेती के लिए बहुत अच्छी होती है।
मौसम, पानी और प्रकृति के ख़तरों से सुरक्षा के नियम
ख़तरा (hazard) वह चीज़ है जो हमें नुकसान पहुँचा सकती है। यहाँ तीन तरह के ख़तरे ज़रूरी हैं।
मौसम के ख़तरे (तूफ़ान, बिजली, लू, पाला)
- इमारत या गाड़ी के अंदर चले जाओ। अकेले पेड़ के नीचे या ऊँची चोटी पर मत रुको।
- गर्मी में पानी पियो और छाँव में रहो। पाले में कई परतों में कपड़े पहनो।
पानी के ख़तरे (बाढ़, तेज़ नदी)
- तेज़ बारिश के बाद नदी से दूर रहो। ऊँची जगह चले जाओ।
- बहते बाढ़ के पानी में पैदल या गाड़ी से कभी मत जाओ।
प्रकृति के ख़तरे (जंगल की आग, जंगली जानवर, किलनी)
- कैम्प की आग पानी डालकर पूरी बुझाओ। जलती माचिस या काँच कभी मत फेंको।
- जंगली जानवरों से दूरी रखो, उन्हें खाना मत दो, अपना खाना ढककर रखो।
- निशान वाले रास्ते पर चलो और किसी बड़े को बताकर जाओ।
करके देखो (Try it)
3D में: आख़िरी चरण पर जाओ और हर पट्टी को छुओ। पढ़ने से पहले मिट्टी का रंग अंदाज़े से बताओ, फिर जाँचो।
घर पर: बगीचे और पार्क से एक-एक चम्मच मिट्टी लो। हर एक को पानी के गिलास में घोलो। देखो क्या तैरता है (ह्यूमस) और क्या बैठ जाता है (रेत और कंकड़)। गहरी मिट्टी में तैरते टुकड़े ज़्यादा हों तो वह आमतौर पर ज़्यादा उपजाऊ होती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द - वनस्पति (Vegetation): किसी जगह के सारे पौधे
- मुख्य शब्द - जीव-जंतु (Fauna): किसी जगह के सारे जानवर
- मुख्य शब्द - ह्यूमस (Humus): मिट्टी में सड़े पौधे और जानवरों का अंश; ज़्यादा ह्यूमस = ज़्यादा उपजाऊ
- मुख्य शब्द - पतझड़ी: पत्ते गिराने वाले पेड़; सदाबहार: साल भर पत्ते रखने वाले पेड़
- ऊपर जाने पर: हर 1000 मीटर पर तापमान लगभग 6 डिग्री सेल्सियस घटता है
- पहाड़ पर क्रम: घास का मैदान - चौड़ी पत्ती वन - शंकुधारी वन - ऊँचा पहाड़ी मैदान
हल किए गए उदाहरण
1. एक यात्री गर्म मैदान से ऊँची चोटी पर चढ़ता है। पौधों की पट्टियाँ क्रम से लिखो।
पहले घास का मैदान, फिर चौड़ी पत्ती वन, फिर शंकुधारी वन, फिर ऊँचा पहाड़ी मैदान। हर पट्टी अपने से नीचे वाली से ठंडी है।
2. घास के नीचे की मिट्टी इतनी काली और उपजाऊ क्यों होती है?
घास की जड़ें हर साल मरकर मिट्टी में सड़ती हैं और बहुत ह्यूमस जोड़ती हैं। सूखे मौसम में सड़ना धीमा होता है, इसलिए ह्यूमस बचा रहता है। ह्यूमस काला होता है और पोषक तत्व थामता है।
3. मैदान का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है। 2000 मीटर पर लगभग कितना होगा?
हर 1000 मीटर पर लगभग 6 डिग्री घटता है। 2000 मीटर के लिए: 2 x 6 = 12 डिग्री। इसलिए 20 - 12 = 8 डिग्री सेल्सियस।
4. शंकुधारी पेड़ों का आकार शंकु जैसा और पत्तियाँ पतली सुइयाँ क्यों होती हैं?
ढलान वाली डालियों से बर्फ़ फिसल जाती है, इसलिए डालियाँ टूटती नहीं। पतली सुइयों से ठंडी सूखी हवा में पानी कम उड़ता है।
5. भारी बारिश हुई है और तुम नदी के पास कैम्प में हो। क्या करोगे?
तुरंत नदी से दूर किसी ऊँची जगह चले जाओ। पानी बढ़ने का इंतज़ार मत करो। किसी बड़े को बताओ और बहते पानी को कभी पार मत करो।
आम गलतियाँ
- सारे जंगलों को एक जैसा मान लेना। चौड़ी पत्ती वाले पेड़ पत्ते गिराते हैं; शंकुधारी पेड़ सुइयाँ रखते हैं और ज़्यादा ठंडी जगह रहते हैं।
- सारी मिट्टी को एक जैसा कहना। रंग, ह्यूमस और उपजाऊपन जलवायु और पौधों के साथ बदलते हैं।
- तूफ़ान में अकेले पेड़ के नीचे रुकना। अकेली ऊँची चीज़ पर बिजली गिरती है।
- कैम्प की आग पर सिर्फ़ मिट्टी डालकर छोड़ देना। पानी डालो, राख हिलाओ और देखो कि ठंडी हो गई।