सापेक्ष और निरपेक्ष काल-निर्धारण
सापेक्ष काल-निर्धारण बताता है कौन पुराना, कौन नया, पर कितने वर्ष नहीं। सरल नियम:
- अध्यारोपण (superposition): बिना छेड़ी परतों में नीचे की परत पहले बनी।
- काटने का नियम (cross-cutting): परतों को काटने वाली दरार या मैग्मा परतों से नया है।
- सूचक जीवाश्म: कम समय तक जीए पर दूर तक फैले जीवों के जीवाश्म अलग जगहों की परतों को जोड़ते हैं।
निरपेक्ष काल-निर्धारण वर्षों में आयु देता है। मुख्य तरीका रेडियोमीट्रिक काल-निर्धारण है, जो रेडियोधर्मी क्षय को घड़ी की तरह इस्तेमाल करता है।
रेडियोधर्मी क्षय घड़ी कैसे बनता है
कुछ परमाणु अस्थिर होते हैं। जनक समस्थानिक स्थिर संतति समस्थानिक में बदलता है। एक परमाणु कब टूटेगा, यह नहीं कह सकते, पर बहुत सारे परमाणुओं की दर तय रहती है। ताप, दाब और रसायन इसे नहीं बदलते।
अर्ध-आयु (T½) वह समय है जिसमें आधे जनक परमाणु क्षय हो जाते हैं। n अर्ध-आयु बाद जनक का भाग (½)ⁿ बचता है।
| अर्ध-आयु | जनक बचा | संतति |
|---|---|---|
| 0 | 100% | 0% |
| 1 | 50% | 50% |
| 2 | 25% | 75% |
| 3 | 12.5% | 87.5% |
आयु की गणना
घड़ी तब शुरू होती है जब खनिज बनता है (कार्बन-14 में जब जीव मरता है)। जनक (P) और संतति (D) नापो:
अर्ध-आयु की संख्या n = log₂(1 + D/P), और आयु t = n × T½।
आसान उदाहरण: P = 25%, D = 75% तो 1 + D/P = 4 = 2², यानी n = 2।
यह सूत्र मानता है कि शुरू में संतति नहीं थी और बाद में कुछ जुड़ा या निकला नहीं। भूवैज्ञानिक कई खनिजों से जाँच करते हैं।
मुख्य तरीके और पृथ्वी का इतिहास
- कार्बन-14 → नाइट्रोजन-14, T½ ≈ 5 730 वर्ष। जीव कार्बन लेते हैं; मरने के बाद C-14 घटता है। लगभग 50 000 वर्ष तक: हड्डी, लकड़ी, कोयला।
- पोटैशियम-40 → आर्गन-40, T½ ≈ 1.25 अरब वर्ष। ज्वालामुखी चट्टानें।
- यूरेनियम-238 → लेड-206, T½ ≈ 4.47 अरब वर्ष। बहुत पुरानी चट्टानें और ज़िरकॉन।
आयु के हिसाब से समस्थानिक चुनो: अर्ध-आयु बहुत छोटी तो कुछ नहीं बचेगा; बहुत लंबी तो लगभग कुछ क्षय नहीं होगा।
रेडियोमीट्रिक काल-निर्धारण से भूवैज्ञानिक समय-मापक्रम बना है। उल्कापिंडों से पृथ्वी की आयु लगभग 4.6 अरब वर्ष मिलती है। दिनांकित परतों के जीवाश्म बताते हैं कि जीवन के रूप कब आए और सामूहिक विलुप्ति कब हुई।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- Parent left after n half-lives = N₀ × (½)ⁿ
- n = log₂(1 + D/P)
- Age t = n × T½
- N = N₀ × (½)^(t / T½)
हल किए गए उदाहरण
1. नमूने में मूल जनक का 1/8 बचा है। कितनी अर्ध-आयु बीतीं?
1/8 = (½)³, यानी 3।
2. कोयले में मूल C-14 का 25% बचा है (T½ = 5 730 वर्ष)। आयु?
25% = (½)², 2 अर्ध-आयु। 2 × 5 730 = 11 460 वर्ष।
3. U-238 → Pb-206 में D/P = 7। आयु?
1 + 7 = 8 = 2³ → 3 अर्ध-आयु → ≈ 13.4 अरब वर्ष। यह ब्रह्मांड से भी पुराना है, तो चट्टान में शुरू से लेड था या वह छेड़ी गई: मान्यता गलत हुई।
4. ज्वालामुखी चट्टान में 50% K-40 बचा है। आयु?
1 अर्ध-आयु = 1.25 अरब वर्ष।
5. हड्डी में 12.5% C-14 बचा है। आयु?
12.5% = 1/8 → 3 अर्ध-आयु → 17 190 वर्ष।
6. T½ = 1.0 × 10⁹ वर्ष वाले जनक के लिए D/P = 1.5। आयु?
n = log₂(2.5) ≈ 1.32। आयु ≈ 1.32 × 10⁹ वर्ष।
आम गलतियाँ
- सोचना कि दो अर्ध-आयु बाद सारा जनक खत्म: अभी 25% बचा है।
- लाखों वर्ष पुरानी चट्टानों पर कार्बन-14 लगाना: लगभग कोई C-14 नहीं बचेगा।
- अनुपात उलटना: D/P = संतति ÷ जनक है।
- मानना कि ताप या दाब क्षय को तेज़ कर देता है।