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स्थलरूप: पृथ्वी की सतह कैसे बनती है

पृथ्वी की परतें हैं: भूपर्पटी, मैंटल, बाहरी कोर और आंतरिक कोर। भूपर्पटी प्लेटों में टूटी है जो धीरे-धीरे खिसकती हैं। प्लेटें धकेलें, खिंचें या सरकें तो पर्वत, घाटियाँ, भूकंप और ज्वालामुखी बनते हैं। सतह पर अपक्षय चट्टानें तोड़ता है और नदी, हवा, हिमनद, लहरें जैसे कारक टुकड़ों को ले जाते (अपरदन) और छोड़ते (निक्षेपण) हैं। भूकंप, भूस्खलन, हिमस्खलन, GLOF और धूल भरी आँधी प्राकृतिक आपदाएँ हैं जिनके लिए हम तैयारी कर सकते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पृथ्वी अंडे जैसी है: ऊपर पतली भूपर्पटी, मोटा गरम मैंटल, तरल बाहरी कोर और ठोस आंतरिक कोर।
  2. भूपर्पटी प्लेटों में टूटी है जो नरम मैंटल पर तैरती हैं। दो प्लेटें आपस में धकेलें तो ज़मीन मुड़कर पर्वत बनती है।
  3. अपक्षय: गर्मी, सर्दी, पानी और जड़ें चट्टान को उसी जगह टुकड़ों में तोड़ देते हैं।
  4. अपरदन: बहता पानी, हवा, हिमनद और लहरें टुकड़े ले जाकर कहीं और छोड़ते हैं। यह सारा समतल करने का काम क्रमण कहलाता है।
  5. आपदाएँ: भूकंप, भूस्खलन, हिमस्खलन, GLOF (हिमनद झील की बाढ़) और धूल भरी आँधी। हर एक दबाकर देखिए क्या खिसकता है।
  6. करके देखें: स्लाइडर से प्लेटें धकेलिए और पर्वत उठते व ज़मीन हिलते देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जब केंद्र तक किसी ने खुदाई नहीं की, तो परतों का पता कैसे चला?

भूकंपीय तरंगें हर परत में मुड़ती और गति बदलती हैं। कुछ तरंगें तरल बाहरी कोर से नहीं गुज़रतीं।

क्या मैंटल तरल लावा है?

नहीं। यह ज़्यादातर ठोस है, पर इतना गरम कि गाढ़ी टॉफ़ी की तरह बहुत धीरे बहता है।

धीमी प्लेटें इतने बड़े पर्वत कैसे बनाती हैं?

साल में कुछ cm, लाखों सालों तक, जुड़कर कई किलोमीटर का वलन बन जाता है।

क्या अपक्षय और अपरदन एक ही हैं?

नहीं। अपक्षय बस तोड़ता है; अपरदन टुकड़े ले जाता है।

क्रमण को समतल करना क्यों कहते हैं?

ऊँची ज़मीन घिसती है और नीची भरती है, तो सतह धीरे-धीरे सपाट होती है।

हिमनद झील क्यों फटती है?

उसकी दीवार बस ढीली चट्टानें हैं। भारी बारिश, बर्फ़ गिरना या भूकंप उसे तोड़ सकते हैं।

भूकंप अचानक क्यों आते हैं?

प्लेटें अटककर सालों चुपचाप दबाव जमा करती हैं। फिर कुछ सेकंड में खिसक जाती हैं।

पृथ्वी की आंतरिक संरचना

हम केंद्र तक खुदाई नहीं कर सकते। वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों से अंदर का पता लगाते हैं, जो हर परत में अलग गति से चलती हैं।

परतकैसी हैमोटाई (लगभग)
भूपर्पटीठोस चट्टान जिस पर हम रहते हैं। समुद्र के नीचे पतली, महाद्वीपों के नीचे मोटी।5–70 km
मैंटलबहुत गरम, कुछ नरम चट्टान जो बहुत धीरे बहती है।~2,900 km
बाहरी कोरतरल लोहा और निकल।~2,200 km
आंतरिक कोरठोस लोहा और निकल, सबसे गरम भाग।~1,200 km त्रिज्या

भूपर्पटी और मैंटल का ऊपरी कठोर भाग मिलकर स्थलमंडल कहलाता है।

प्लेट विवर्तनिकी

स्थलमंडल लगभग 7 बड़ी और कई छोटी प्लेटों में टूटा है। मैंटल की गर्मी से ये हर साल कुछ सेंटीमीटर खिसकती हैं (लगभग नाख़ून बढ़ने जितनी तेज़)।

ज़्यादातर भूकंप और ज्वालामुखी प्लेटों के किनारों के पास होते हैं।

अपक्षय, अपरदन और क्रमण के कारक

अपक्षय = चट्टान का उसी जगह टूटना। गर्मी-सर्दी से चट्टान फैलती-सिकुड़ती है; दरारों में पानी जमता है; जड़ें चट्टान में घुसती हैं; बारिश का पानी कुछ चट्टानों को धीरे-धीरे घोल देता है।

अपरदन = टूटे टुकड़ों को दूर ले जाना। निक्षेपण = उन्हें कहीं और छोड़ देना।

क्रमण पूरा समतल करने का काम है: ऊँची ज़मीन घिसती है और नीची भरती है। क्रमण के कारक हैं:

कारकघिसाई (अपरदन)जमाव (निक्षेपण)
बहता पानी (नदी)V-आकार की घाटी, जलप्रपातबाढ़ का मैदान, डेल्टा
हवामरुस्थल में छत्रक शिलारेत के टीले, लोएस
हिमनद (चलती बर्फ़)U-आकार की घाटीहिमोढ़ (चट्टानों के ढेर)
समुद्री लहरेंतटीय चट्टान, समुद्री गुफ़ा, मेहराबपुलिन (बीच)

भूकंप और भूस्खलन

भूकंप ज़मीन का अचानक हिलना है, जब प्लेट के किनारे की चट्टानें खिसकती हैं। पृथ्वी के अंदर जहाँ से यह शुरू होता है वह उद्गम केंद्र है; उसके ठीक ऊपर सतह का बिंदु अधिकेंद्र है। इसकी तीव्रता सीस्मोग्राफ़ से रिक्टर स्केल पर मापी जाती है।

भूस्खलन ढलान से चट्टान और मिट्टी का खिसकना है। भारी बारिश, सड़क के लिए ढलान काटना और पेड़ हटाना इसे बढ़ाते हैं।

सुरक्षा: भूकंप में झुको, ढको और पकड़ो (मज़बूत मेज़ के नीचे); काँच से दूर रहो। पहाड़ों में भारी बारिश के समय दरार वाली खड़ी ढलान से बचो।

हिमस्खलन, GLOF और धूल भरी आँधी

हम इन आपदाओं को रोक नहीं सकते, पर पहले की चेतावनी, सुरक्षित निर्माण और पेड़ लगाने से नुक़सान घटता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. पहाड़ी पर एक चट्टान कई गरम दिनों और ठंडी रातों के बाद फट जाती है। यह अपक्षय है या अपरदन?

अपक्षय, क्योंकि चट्टान उसी जगह टूटी, खिसकी नहीं।

2. नदी रेत को समुद्र तक ले जाती है और डेल्टा बनता है। दोनों प्रक्रियाओं के नाम बताइए।

अपरदन (रेत ले जाना) और निक्षेपण (उसे छोड़कर डेल्टा बनाना)।

3. हिमालय को नवीन वलित पर्वत क्यों कहते हैं?

ये पृथ्वी के इतिहास में हाल ही में बने, जब भारतीय प्लेट ने यूरेशियाई प्लेट को धकेलकर ज़मीन मोड़ी। ये अब भी ऊँचे हो रहे हैं।

4. एक प्लेट साल में 5 cm खिसकती है। 1 लाख (1,00,000) साल में कितनी खिसकेगी?

5 × 1,00,000 = 5,00,000 cm = 5,000 m = 5 km।

5. पहाड़ों में एक हिमनद झील हर गर्मी में बड़ी होती जा रही है। यह ख़तरा क्यों है?

झील को ढीली चट्टानें रोकती हैं। ज़्यादा पानी = ज़्यादा दबाव; दीवार टूटी तो GLOF नीचे के गाँवों में बाढ़ ला सकती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. पृथ्वी की कौन-सी परत तरल है?
2. हिमालय मुख्य रूप से तब बना जब प्लेटें:
3. टूटी चट्टान को दूर ले जाना कहलाता है:
4. U-आकार की घाटी कौन बनाता है?
5. GLOF का पूरा रूप है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 9 के लिए पृथ्वी की परतें कौन-सी हैं?

भूपर्पटी, मैंटल, बाहरी कोर (तरल) और आंतरिक कोर (ठोस)। भूपर्पटी और मैंटल का ऊपरी भाग स्थलमंडल है।

क्रमण के कारक कौन-से हैं?

बहता पानी, हवा, हिमनद और समुद्री लहरें। ये ऊँची ज़मीन घिसते और नीची भरते हैं।

GLOF क्या है?

हिमनद झील विस्फोट बाढ़: हिमनद झील को रोकने वाली ढीली दीवार टूटने से आई अचानक बाढ़।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

नीदरलैंडVWO 2 (onderbouw)The world around you
स्पेन4º ESOGeology
स्पेन2º BachilleratoSustainability of Spain's physical environment
स्पेन2º BachilleratoExternal geological processes
सीबीएसई (भारत)कक्षा 9पृथ्वी की सतह का निर्माण
अमेरिकाGrade 8MS-ESS2 Earth’s systems
रूस7 классMain regularities of Earth's nature

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