अलग जगह, अलग मौसम क्यों? वायुराशियाँ
वायुराशि (air mass) हवा का बहुत बड़ा भंडार है, किसी देश जितना बड़ा, जिसमें हर जगह गर्मी और नमी लगभग एक जैसी होती है। यह उस जगह जैसी बन जाती है जहाँ वह लंबे समय तक रही। ठंडी ज़मीन पर हवा ठंडी और सूखी होती है। गर्म महासागर पर हवा गर्म और नम होती है।
जापान के आसपास चार मुख्य वायुराशियाँ हैं: उत्तर-पश्चिम में महाद्वीप से ठंडी और सूखी, उत्तर के ठंडे समुद्र से ठंडी और नम, दक्षिण-पूर्व में गर्म प्रशांत से गर्म और नम, और वसंत व पतझड़ में महाद्वीप से गर्म और सूखी। जो वायुराशि हावी होती है, वही ऋतु तय करती है।
समुद्र भी महत्त्वपूर्ण है। जापान के पास से गर्म समुद्री धाराएँ बहती हैं। वे हवा को गर्म करती हैं और उसमें पानी भरती हैं। इसलिए महाद्वीप के भीतरी भाग की तुलना में जापान ज़्यादा नम है।
सर्दी: एक तट पर बर्फ़, दूसरे पर धूप
सर्दी में महाद्वीप बहुत ठंडा हो जाता है। वहाँ ठंडी भारी हवा नीचे बैठती है और सर्दी की हवा बनकर फैलती है। यह उत्तर-पश्चिम से द्वीप की ओर बहती है।
शुरू में यह हवा सूखी होती है। पर जब यह गर्म समुद्र पार करती है, तो समुद्र उसमें खूब जलवाष्प भर देता है। द्वीप पर पहुँचकर हवा पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती है। ऊपर उठी हवा ठंडी होती है, वाष्प बादल बनती है और महाद्वीप के सामने वाले तट पर भारी बर्फ़ गिरती है। पहाड़ पार करते-करते हवा का पानी ख़त्म हो जाता है। महासागर की ओर वाला तट सूखा और धूप भरा रहता है।
यानी एक ही देश में, एक ही दिन, एक तरफ़ बर्फ़ ही बर्फ़ हो सकती है और दूसरी तरफ़ धूप।
शुरुआती गर्मी की बरसात, गर्मी और टाइफून
देर वसंत में दक्षिण की गर्म नम हवा ताकतवर होती है। जून में वह उत्तर की ठंडी हवा से मिलती है। जिस रेखा पर दो अलग वायुराशियाँ मिलती हैं, उसे वाताग्र (front) कहते हैं। यहाँ दोनों लगभग बराबर ताकत की होती हैं, इसलिए वाताग्र मुश्किल से हिलता है। वह द्वीप के ऊपर टिक जाता है और करीब डेढ़ महीने तक बारिश देता है। यही शुरुआती गर्मी की बरसात है (जापान में इसे त्सुयु या बाइयु कहते हैं)।
फिर गर्म हवा जीत जाती है और वाताग्र को उत्तर की ओर धकेल देती है। गर्मी गर्म और उमस भरी होती है, क्योंकि हवा गर्म महासागर की नमी लाती है।
देर गर्मी से पतझड़ तक गर्म समुद्र टाइफून को ताकत दे सकता है। यह घूमता हुआ विशाल तूफ़ान है, जो गर्म समुद्री पानी से ऊर्जा लेता है। यह उत्तर की ओर बढ़ता है और द्वीप पर तेज़ हवा, ऊँची लहरें और बहुत भारी बारिश ला सकता है। वसंत और पतझड़ बीच के मौसम हैं: उच्च और निम्न दाब के छोटे क्षेत्र एक-एक करके गुज़रते हैं, इसलिए मौसम हर कुछ दिन में बदलता है।
वाताग्र, बादल और कोहरा, आसान शब्दों में
बादल तब बनते हैं जब हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है। ठंडी हवा उतनी जलवाष्प नहीं रख पाती, इसलिए वाष्प पानी (या बर्फ़) की नन्ही बूँदें बन जाती है। ऊपर उठती हवा हर 1000 मीटर पर लगभग 6 डिग्री सेल्सियस ठंडी होती है।
कोहरा वह बादल है जो ज़मीन को छूता है। यह तब बनता है जब ज़मीन के पास की हवा ठंडी हो जाए, या गर्म नम हवा ठंडी सतह, जैसे ठंडे समुद्र के पानी, पर खिसके।
शीत वाताग्र (cold front) में ठंडी हवा गर्म हवा के नीचे घुसकर उसे तेज़ी से ऊपर उठाती है। थोड़ी देर की तेज़ बौछार, शायद बिजली, और फिर ठंड बढ़ती है। उष्ण वाताग्र (warm front) में गर्म हवा धीरे-धीरे ठंडी हवा पर चढ़ती है। कई घंटे हल्की चौड़ी बारिश होती है और फिर गर्मी बढ़ती है। अटका (स्थिर) वाताग्र बरसात जैसा है: बार-बार बारिश।
करके देखिए: अपना बादल बनाइए
किसी बड़े की मदद लीजिए। एक साफ़ जार में चौथाई तक गर्म पानी डालिए। उसके ऊपर बर्फ़ के टुकड़ों वाली प्लेट रखिए। एक मिनट में प्लेट के ठीक नीचे धुंध घूमती दिखेगी। गर्म नम हवा ऊपर उठी, ठंडी प्लेट से मिली, ठंडी हुई और नन्ही बूँदें बन गई: एक छोटा बादल। अब ऊपर 3D में ऋतु के बटन दबाइए और हर ऋतु में कौन-सी वायुराशि हावी है, यह ज़ोर से बोलिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वायुराशि = हवा का विशाल भंडार जिसमें गर्मी और नमी एक जैसी हो
- ठंडी सूखी + गर्म नम हवा का मिलना = वाताग्र = बादल और बारिश
- ऊपर उठती हवा हर 1000 मीटर पर लगभग 6 °C ठंडी होती है
- बादल = हवा ठंडी होकर वाष्प का बूँदें बन जाना
- कोहरा = ज़मीन पर उतरा बादल
- टाइफून = गर्म समुद्र पर बना घूमता तूफ़ान
हल किए गए उदाहरण
1. सर्दी में महाद्वीप के सामने वाले तट पर भारी बर्फ़ क्यों गिरती है?
महाद्वीप की ठंडी सूखी हवा गर्म समुद्र पार करते हुए जलवाष्प ले लेती है। पहाड़ों पर चढ़ने से वह ठंडी होती है और पहले तट पर वाष्प बर्फ़ बनकर गिरती है।
2. समुद्र तल पर हवा 28 °C है। वह 2000 मीटर ऊँचे पहाड़ पर चढ़ती है और हर 1000 मीटर पर 6.5 °C ठंडी होती है। उसका तापमान क्या होगा?
ठंडक = 6.5 × 2 = 13 °C। तापमान = 28 − 13 = 15 °C।
3. बरसात का मौसम इतना लंबा क्यों चलता है?
शुरुआती गर्मी में उत्तर की ठंडी हवा और दक्षिण की गर्म नम हवा बराबर ताकत की होती हैं। उनके बीच का वाताग्र मुश्किल से हिलता है, इसलिए हफ़्तों तक एक ही जगह बारिश होती रहती है।
4. ठंडी खाड़ी पर गर्म नम हवा आने से सुबह कोहरा छा जाता है। समझाइए।
गर्म नम हवा ठंडे पानी से ठंडी हो जाती है। ठंडी हवा कम वाष्प रख पाती है, इसलिए अतिरिक्त वाष्प सतह के पास नन्ही बूँदें बन जाती है। यह समुद्री कोहरा है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि समुद्र ठंडी हवा को सिर्फ़ गर्मी में नम करता है। सर्दी की हवा भी गर्म समुद्र से पानी लेती है।
- दोनों तट उलट देना: बर्फ़ वाला तट वह है जो महाद्वीप की ओर है, महासागर की ओर वाला नहीं।
- वाताग्र को दीवार या हवा की रेखा कहना। वाताग्र दो वायुराशियों की मिलन-रेखा है।
- यह सोचना कि टाइफून ठंडे पानी पर भी बन सकता है। उसे ऊर्जा के लिए गर्म समुद्र (लगभग 26 °C या ज़्यादा) चाहिए।