24 सौर पर्व की शुरुआत
24 सौर पर्व 2,000 साल से भी पहले प्राचीन चीन की पीली नदी की घाटी में बने। वहाँ सर्दी बहुत ठंडी और गर्मी गरम व बारिश वाली होती है। किसानों को जानना था कि बुवाई और कटाई कब करें।
सूरज से तारीखें कैसे मिलती हैं
- शंकु (gnomon) बस एक सीधा डंडा है। इसकी दोपहर की छाया सर्दी में सबसे लंबी और गर्मी में सबसे छोटी होती है।
- सूरज साल में एक बार आसमान में बड़ा गोला घूमता लगता है। यह गोला 360 अंश का है।
- गोले को 24 बराबर टुकड़ों में काटो। हर टुकड़ा 15 अंश का। सूरज को एक टुकड़ा पार करने में लगभग 15 दिन लगते हैं।
- हर टुकड़ा एक सौर पर्व है (चीनी में जिएछी)।
ये पर्व सूरज के हिसाब से हैं, चाँद के नहीं, इसलिए हर साल लगभग एक ही तारीख पर पड़ते हैं (जैसे शीत अयनांत लगभग 21 या 22 दिसंबर)। पुराना चीनी कैलेंडर चाँद के हिसाब से चलता था, इसलिए ऋतुएँ ठीक रखने को सौर पर्वों की ज़रूरत थी। 2016 में यह ज्ञान यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में जुड़ा।
8 मुख्य पर्व और चार ऋतुएँ
आठ पर्व साल के मुख्य खंभे हैं:
- वसंत आरंभ (लिछुन), ग्रीष्म आरंभ (लिशिया), शरद आरंभ (लिछ्यू), शीत आरंभ (लिदोंग): हर ऋतु की शुरुआत।
- ग्रीष्म अयनांत (शियाचि): उत्तर में सूरज सबसे ऊँचा। दिन सबसे लंबा, दोपहर की छाया सबसे छोटी।
- शीत अयनांत (तोंगचि): सूरज सबसे नीचा। दिन सबसे छोटा, छाया सबसे लंबी।
- वसंत विषुव (छुनफ़ेन) और शरद विषुव (छ्यूफ़ेन): दिन और रात बराबर।
हर ऋतु में छह पर्व हैं: शुरुआत और बीच के दो, और बाकी बारिश, गर्मी या पाले जैसे बदलावों के।
खेती और जलवायु से संबंध
नाम किसान के लिए छोटे मौसम-संदेश जैसे हैं।
मौसम बताने वाले नाम
- वर्षा जल, अनाज की बारिश: बारिश शुरू, खेतों को पानी।
- हल्की गर्मी, तेज़ गर्मी: सबसे गरम हफ़्ते।
- सफ़ेद ओस, ठंडी ओस, पाला पड़ता है: रातें ठंडी, फिर जमाने वाली।
- हल्की बर्फ़, भारी बर्फ़, हल्की ठंड, कड़ी ठंड: सर्दी।
खेत का काम बताने वाले नाम
- कीट जागते हैं (जिंगझे): मिट्टी गरम, जुताई का समय।
- स्वच्छ-उज्ज्वल (छिंगमिंग): बीज बोओ, पेड़ लगाओ।
- बालियों में अनाज (मांगझोंग): गेहूँ काटने और धान रोपने का समय। बहुत व्यस्तता।
ये पर्व उत्तरी चीन के लिए बने थे। दक्षिण चीन या दूसरे देशों में मौसम हर नाम से ठीक नहीं मिलता, इसलिए वहाँ के किसान अपनी कहावतें जोड़ लेते हैं।
करके देखो: अपनी छाया-घड़ी
- 3D में बिंदुओं को दबाओ और सर्दी, गर्मी और विषुव में छाया की लंबाई बदलते देखो।
- पहले अनुमान लगाओ: हल्की गर्मी में छाया लिछुन से लंबी होगी या छोटी? फिर स्लाइडर चलाकर जाँचो।
- घर पर: धूप वाले दिन दोपहर में समतल ज़मीन पर डंडा खड़ा करो। छाया की नोक पर पत्थर रखो। दो हफ़्ते बाद फिर करो। छाया लंबी हुई या छोटी? (भारत में, कर्क रेखा के उत्तर में, सर्दी से गर्मी की ओर छाया छोटी होती जाती है।)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सौर पर्व: सूरज के साल भर के रास्ते का 24 में से एक हिस्सा, 15 अंश, लगभग 15 दिन
- 360 अंश ÷ 24 = 15 अंश प्रति पर्व
- अयनांत: वह दिन जब दोपहर में सूरज सबसे ऊँचा या सबसे नीचा (छाया सबसे छोटी या सबसे लंबी)
- विषुव: वह दिन जब दिन और रात बराबर
- शंकु (gnomon): खड़ा डंडा जो छाया से सूरज की ऊँचाई दिखाता है
- जिएछी: सौर पर्व के लिए चीनी शब्द
हल किए गए उदाहरण
1. एक सौर पर्व लगभग कितने दिन का होता है?
साल में लगभग 365 दिन। 365 ÷ 24 लगभग 15। तो हर पर्व लगभग 15 दिन का।
2. एक डंडे की दोपहर की छाया बहुत लंबी है। उत्तरी चीन में कौन सी ऋतु है?
लंबी छाया यानी सूरज नीचे। यह सर्दी है, और सबसे लंबी छाया शीत अयनांत (लगभग 21 या 22 दिसंबर) पर होती है।
3. किसान "बालियों में अनाज" सुनता है। वह कौन से काम सोचता है?
यह जून की शुरुआत है। सर्दी का गेहूँ पककर कटने को है, और धान व दूसरी गर्मी की फ़सलें रोपनी हैं। बहुत व्यस्तता है, इसलिए लोग कहते हैं किसान को फ़ुर्सत नहीं।
आम गलतियाँ
- सोचना कि सौर पर्व चाँद के हिसाब से हैं। ये सूरज के हिसाब से हैं, इसलिए तारीख लगभग तय रहती है।
- सोचना कि "वसंत आरंभ" वसंत का सबसे गरम दिन है। यह शुरुआत है, मौसम अभी ठंडा है।
- अयनांत और विषुव में गड़बड़ करना। अयनांत: सबसे लंबा या छोटा दिन। विषुव: दिन-रात बराबर।
- मानना कि हर पर्व दुनिया की हर जगह ठीक बैठता है। ये उत्तरी चीन की खेती के लिए बने थे।