क्षेत्रों के बीच संसाधन क्यों भेजे जाते हैं?
जहाँ लोगों के उपयोग से ज़्यादा संसाधन हो वह अधिशेष क्षेत्र है, और जहाँ ज़रूरत से कम हो वह कमी वाला क्षेत्र है। प्रकृति पानी, गैस, कोयला और धूप को असमान बाँटती है, पर लोग और कारख़ाने वहाँ जमा होते हैं जहाँ व्यापार और रोज़गार हैं। यही असंतुलन क्षेत्रों के बीच संसाधन अंतरण का कारण है: अधिशेष क्षेत्र से कमी वाले क्षेत्र तक संसाधन पहुँचाना।
आम कारण: सूखे शहर और खेत, तेज़ी से बढ़ता उद्योग, साफ़ ईंधन की ज़रूरत, और संसाधन-समृद्ध क्षेत्र का लाभ पूरे देश से बाँटना।
जल अंतरण परियोजनाएँ
पानी नहरों, सुरंगों, पाइपलाइनों और पंपों से भेजा जाता है, आमतौर पर अधिशेष वाली द्रोणी से कमी वाली द्रोणी तक (अंतर-द्रोणी अंतरण)।
- दक्षिण-उत्तर जल अंतरण (चीन): यांग्त्ज़ी का पानी उत्तर के सूखे शहरों, जैसे बीजिंग और थ्येनचिन, तक ले जाता है।
- इंदिरा गांधी नहर और नर्मदा नहर (भारत): नदी का पानी सूखे पश्चिम तक लाती हैं।
- कैलिफ़ोर्निया जलवाहिनी (अमेरिका): ज़्यादा पानी वाले उत्तर से सूखे दक्षिणी शहरों तक पानी ले जाती है।
समस्याएँ: भारी लागत, पंप की ऊर्जा, वाष्पन और रिसाव, लोगों का विस्थापन, पानी देने वाली नदी पर असर और क्षेत्रों के झगड़े।
प्राकृतिक गैस का अंतरण
प्राकृतिक गैस मज़बूत, ज़मीन में दबी इस्पात की पाइपलाइनों में ऊँचे दाब पर चलती है। रास्ते में संपीड़क या दाब केंद्र उसे आगे धकेलते हैं। गैस घरों और उद्योगों में साफ़ ईंधन है, खाद बनाने और बिजली बनाने में काम आती है।
- पश्चिम-पूर्व गैस पाइपलाइन (चीन): पश्चिमी गैस क्षेत्रों से पूर्वी तट के शहरों तक गैस ले जाती है।
- एचबीजे पाइपलाइन (भारत): पश्चिमी तट से उत्तर के खाद और बिजली संयंत्रों तक गैस ले जाती है।
लाभ: कोयले की जगह साफ़ ईंधन। समस्याएँ: बहुत ऊँची लागत, रिसाव और आग का ख़तरा, स्थायी ख़रीदार की ज़रूरत और लाभ का असमान बँटवारा।
विद्युत (बिजली) का अंतरण
बिजली ऊँचे खंभों पर लगी उच्च वोल्टता संचरण लाइनों से भेजी जाती है। वोल्टता बढ़ाने पर धारा घटती है और तारों में ऊष्मा की हानि कम होती है, इसलिए दूर भेजना व्यावहारिक हो जाता है। कई लाइनें जुड़कर ग्रिड बनाती हैं जो क्षेत्रों के बीच आपूर्ति और माँग का संतुलन रखता है।
- यूएचवी लाइनें (चीन): पश्चिम से पूर्व तक जलविद्युत और कोयला बिजली भेजती हैं।
- राष्ट्रीय ग्रिड (भारत): एक क्षेत्र की अतिरिक्त बिजली दूसरे की माँग पूरी करने देता है।
लाभ: सबसे अच्छे स्रोत (जल, पवन, सौर) का उपयोग और बिजली कटौती से बचाव। समस्याएँ: लाइन हानि, खंभों के लिए ज़मीन, ऊँची लागत और ग्रिड को स्थिर रखना।
लाभ और लागत: क्या अंतरण फ़ायदेमंद है?
| लाभ | लागत और समस्याएँ |
|---|---|
| कमी वाले क्षेत्र को आपूर्ति, खेती-उद्योग का विकास | बहुत ऊँचा धन ख़र्च |
| स्रोत क्षेत्र को आय | ज़मीन और घर खोना, लोगों का विस्थापन |
| साफ़ ईंधन और संतुलित आपूर्ति | नदियों, वनों और वन्य जीवों को हानि |
| कमी और बिजली कटौती घटना | रास्ते में हानि; क्षेत्रों के झगड़े |
अच्छी योजना लागत की तुलना दूसरे विकल्पों से करती है, जैसे पानी बचाना, वर्षा जल संचयन, स्थानीय सौर ऊर्जा या पुनर्चक्रण, और लाभ स्रोत क्षेत्र से न्यायपूर्ण ढंग से बाँटती है।
करके देखें
3D के आख़िरी चरण में संसाधन और दूरी बदलिए, और देखिए कितना पहुँचता है और लागत क्या है। मॉडल में सरल उदाहरण-संख्याएँ हैं, असली आँकड़े नहीं। घर पर: ऐसी एक चीज़ लिखिए जो दूर से आती है (पानी, रसोई गैस, बिजली)। वह कहाँ से आती होगी?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अधिशेष क्षेत्र - कमी वाला क्षेत्र = अंतरण की ज़रूरत
- पहुँची मात्रा = भेजी मात्रा - रास्ते की हानि
- फ़ायदा तब जब लाभ > लागत (धन, ज़मीन, प्रकृति)
- ऊँची वोल्टता यानी कम धारा और कम लाइन हानि (P_हानि = I^2 R)
हल किए गए उदाहरण
1. एक नहर 500 इकाई पानी भेजती है। 15% रिसाव और वाष्पन में चला जाता है। कितना पहुँचेगा?
हानि = 500 का 15% = 75। पहुँचा = 500 - 75 = 425 इकाई।
2. क्षेत्र क के पास 120 इकाई गैस है और ज़रूरत 70 है। क्षेत्र ख के पास 20 है और ज़रूरत 60 है। क कितना ख को भेज सकता है?
क का अधिशेष 120 - 70 = 50 है। ख की कमी 60 - 20 = 40 है। क पूरी कमी पूरी करके 40 इकाई भेज सकता है और 10 बचा सकता है।
3. लंबी दूरी की बिजली लाइनें बहुत ऊँची वोल्टता पर क्यों बनाई जाती हैं?
समान शक्ति के लिए ऊँची वोल्टता पर कम धारा लगती है। तार में ऊष्मा की हानि धारा के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए कम धारा से ऊर्जा की बरबादी बहुत घटती है।
4. लंबी जल अंतरण परियोजना के दो लाभ और दो समस्याएँ बताइए।
लाभ: सूखे शहरों और खेतों को पानी, उद्योग का विकास। समस्याएँ: बहुत ऊँची लागत और पंप की ऊर्जा, लोगों और ज़मीन का नुक़सान, स्रोत नदी को हानि, झगड़े।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि अंतरण नया संसाधन बनाता है। वह मौजूदा संसाधन को ही हटाकर पहुँचाता है।
- रास्ते की हानि (रिसाव, वाष्पन, लाइन हानि) भूल जाना।
- यह सोचना कि स्रोत क्षेत्र का कुछ नहीं जाता। उसका पानी, ज़मीन या भविष्य के विकल्प जा सकते हैं।
- यह सोचना कि अंतरण हमेशा सबसे अच्छा हल है। पानी बचाना या स्थानीय ऊर्जा सस्ती हो सकती है।