मानचित्र और आँकड़ों से जलवायु पढ़ना
जलवायु किसी जगह का सामान्य मौसम है, जो लगभग 30 साल में नापा जाता है। दो संख्याएँ ज़्यादातर बात बता देती हैं: औसत तापमान (साल का औसत) और वर्षण (वर्षा, बर्फ़ और ओले का कुल, मिलीमीटर में)।
जलवायु आरेख 12 महीने दिखाता है। रेखा तापमान है; स्तंभ वर्षा हैं। समताप रेखाएँ (बराबर तापमान वाली जगहों को जोड़ती रेखाएँ) या समवर्षा रेखाएँ पूरे क्षेत्र का ढर्रा दिखाती हैं।
पढ़ने का तरीक़ा: (1) सबसे गर्म और सबसे ठंडा महीना ढूँढें; (2) सबसे गीला और सबसे सूखा महीना ढूँढें; (3) गर्म में से ठंडा घटाकर वार्षिक तापांतर निकालें; (4) महीनों की वर्षा जोड़कर साल की कुल वर्षा निकालें।
क्षेत्रीय जलवायु को क्या बनाता है
एक क्षेत्र के भीतर चार बातें सबसे ज़रूरी हैं।
- सागर से दूरी। पानी धीरे गरम और धीरे ठंडा होता है। सागर के पास सर्दी हल्की और गर्मी कम होती है। भीतर देश में गर्मी-सर्दी का अंतर बड़ा होता है।
- ऊँचाई। हर 1000 मीटर चढ़ने पर हवा लगभग 6.5 °C ठंडी होती है।
- धरातल और हवा। पर्वत पर चढ़ाई जाती नम हवा ठंडी होकर वर्षा या बर्फ़ गिराती है। इसलिए पर्वतों में मैदानों से ज़्यादा वर्षण होता है।
- वायु-राशियाँ। सागर की नम हवा, उत्तर की ठंडी हवा और भीतरी भाग की सूखी हवा क्षेत्र पर मिलती हैं और हर साल मौसम बदलती हैं।
क्षेत्रीय जलवायु और वृद्धि-काल
वृद्धि-काल (growing season) साल के वे दिन हैं जब दैनिक तापमान लगभग 5 °C से ऊपर रहता है, ताकि पौधे बढ़ सकें। गर्म मैदानों में यह लंबा और ऊँचाई या उत्तर में छोटा होता है।
इससे तय होता है कि किसान क्या उगा सकता है और कब बोए। लगभग 220 दिनों वाले मैदानों में अनाज, चुकंदर और आलू अच्छे होते हैं। लगभग 120 दिनों वाले पर्वतों में पशुओं के लिए घास और जंगल ज़्यादा मिलते हैं। देर से पाला या सूखा वसंत काम का समय घटा सकता है।
नदी-जाल
नदी-जाल मुख्य नदी और उससे मिलने वाली धाराओं (सहायक नदियों) का समूह है। जो ज़मीन किसी एक नदी में पानी बहाती है वह उसका अपवाह बेसिन है। दो बेसिनों के बीच की ऊँची ज़मीन की रेखा जल-विभाजक (watershed) है।
नदियाँ ऊँचाई पर शुरू होती हैं, जहाँ वर्षा या पिघली बर्फ़ ज़्यादा होती है, और ढलान से सागर या झील तक जाती हैं। स्रोत के पास वे तेज़ और पतली, मुहाने के पास धीमी और चौड़ी होती हैं। साल भर बहाव भी बदलता है: बर्फ़ पिघलने या भारी वर्षा के बाद ज़्यादा (बाढ़), सूखी गर्मी में कम। साल का यह ढर्रा नदी का शासन (regime) कहलाता है।
उदाहरण: पोलैंड की विस्तुला और ओडर दक्षिण के पर्वतों से निकलकर उत्तर में बाल्टिक सागर में गिरती हैं।
झीलें और जलाशय
प्राकृतिक झीलें गड्ढों में भरती हैं। उत्तरी यूरोप में हज़ारों झीलें उन गड्ढों में हैं जो लगभग 10,000 साल पहले पिघली हिम-चादरों ने छोड़े (पोलैंड के झील-क्षेत्र इसका उदाहरण हैं)।
जलाशय नदी पर बने बाँध के पीछे बनी कृत्रिम झीलें हैं। वे पीने, खेती और कारख़ानों के लिए पानी जमा रखते हैं, बाढ़ रोकने में मदद करते हैं और बिजली भी बना सकते हैं। इनकी क़ीमत: ज़मीन डूबती है, मछलियों का रास्ता रुकता है और गाद जमती है।
जल-संकट
जल-संकट तब होता है जब लोग जितना पानी उपयोग करते हैं वह उपलब्ध पानी से ज़्यादा हो। सरल संतुलन सोचिए: आया पानी (वर्षा और पिघली बर्फ़) घटा उपयोग किया पानी = बचा पानी।
कारण: कम वर्षा या सूखा साल, खेतों, कारख़ानों और शहरों में ज़्यादा उपयोग, रिसाव से बर्बादी, और प्रदूषित नदियाँ जो उपयोग लायक़ नहीं रहतीं। एक आम पैमाना: जिस देश में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 1,700 घन मीटर से कम नवीकरणीय जल हो, वह जल-तनाव में माना जाता है। उपाय: पानी बचाएँ, रिसाव ठीक करें, दोबारा उपयोग करें, वर्षा-जल जमा करें, पेड़ और आर्द्रभूमि बचाएँ, और ड्रिप सिंचाई अपनाएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वार्षिक तापांतर = सबसे गर्म महीने का औसत − सबसे ठंडे महीने का औसत
- ऊँचाई से ठंडक ≈ 6.5 °C प्रति 1000 मीटर
- बचा पानी = आया पानी (वर्षा + पिघली बर्फ़) − उपयोग किया पानी
- वृद्धि-काल = वे दिन जब औसत तापमान लगभग 5 °C से ऊपर हो
- मुख्य शब्द: समताप रेखा, समवर्षा रेखा, अपवाह बेसिन, जल-विभाजक, सहायक नदी, नदी का शासन, जलाशय, जल-तनाव
हल किए गए उदाहरण
1. एक शहर का सबसे गर्म महीना 18 °C और सबसे ठंडा −2 °C है। वार्षिक तापांतर निकालिए।
तापांतर = 18 − (−2) = 20 °C।
2. एक तटीय शहर समुद्र-तल पर है और औसत 9 °C है। उसी क्षेत्र में 1500 मीटर ऊँचे पर्वतीय गाँव का औसत तापमान लगभग कितना होगा?
ठंडक = 6.5 × 1.5 = 9.75 °C। इसलिए गाँव का औसत लगभग 9 − 9.75 = लगभग −1 °C होगा।
3. एक साल की मासिक वर्षा (मिमी) 40, 30, 35, 40, 55, 70, 85, 75, 55, 45, 45, 45 है। साल का कुल और सबसे गीला महीना निकालिए।
जोड़ें: 40+30+35+40 = 145; 55+70+85+75 = 285; 55+45+45+45 = 190। कुल = 145+285+190 = 620 मिमी। सबसे गीला महीना 7वाँ (जुलाई), 85 मिमी।
4. एक शहर के जलाशय में नदी से रोज़ 5 करोड़ लीटर आता है और शहर रोज़ 6.5 करोड़ लीटर उपयोग करता है। रोज़ का संतुलन क्या है और 10 दिन में क्या होगा?
संतुलन = 5 − 6.5 = −1.5 करोड़ लीटर प्रतिदिन। 10 दिन में जलाशय 15 करोड़ लीटर खोता है। यह गिरता रहेगा, इसलिए उपयोग घटे या आवक बढ़े नहीं तो संकट आएगा।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि पर्वत हमेशा सूखे होते हैं। उनकी हवा के सामने वाली ढलानों पर मैदानों से ज़्यादा वर्षा और बर्फ़ पड़ती है।
- मौसम और जलवायु को मिला देना। मौसम आज का है; जलवायु 30 साल का ढर्रा है।
- सोचना कि जलाशय नया पानी बनाता है। वह केवल वही पानी रोकता है जो नदी लाई।
- सहायक नदी को मुख्य नदी कह देना, या जल-विभाजक को नदी समझना। जल-विभाजक ऊँची ज़मीन की रेखा है।