प्राचीन काल का जीवन और कला
बहुत पहले यूनान और रोम के लोग छोटे शहरों में रहते थे। वे मंदिर, रंगमंच और घर पत्थर, संगमरमर, मिट्टी और लकड़ी से बनाते थे।
- खंभे भारी छत को थामते थे। खंभे की मोटाई और ऊँचाई के नियम तय थे, इसलिए पूरी इमारत संतुलित लगती थी।
- अनुपात यानी एक हिस्सा दूसरे हिस्से से कितना बड़ा है। प्राचीन डिज़ाइनर मानते थे कि अच्छा अनुपात सुंदर लगता है।
- रोज़ की चीज़ें: मिट्टी के बर्तन, तेल के दीये और पत्थर की बैठकें काम की भी थीं और उन पर चित्र भी बने थे।
कला और जीवन जुड़े थे। घड़ा पानी के लिए था और चित्रों की किताब भी।
मध्य युग का जीवन और कला
मध्य युग (लगभग 500 से 1400) में गाँव, खेत और गहरी आस्था थी। बड़े गिरजाघर बनने में कई साल लगते थे और सैकड़ों कारीगर काम करते थे।
- नुकीला मेहराब: यह सपाट ऊपरी हिस्से से बेहतर भार सँभालता है, इसलिए दीवारें ऊँची बन सकीं।
- रंगीन काँच की खिड़कियाँ उन लोगों को कहानियाँ सुनाती थीं जो पढ़ नहीं सकते थे।
- गिल्ड एक ही काम के कारीगरों के संघ थे (जैसे बढ़ई, बुनकर)। वे सिखाते थे और गुणवत्ता बनाए रखते थे।
- किताबें हाथ से नकल की जाती थीं और सोने व चटक रंगों से सजाई जाती थीं।
ज़्यादातर कारीगर मशहूर नहीं थे। काम पूरे समाज का होता था।
आरंभिक आधुनिक काल का जीवन और कला
आरंभिक आधुनिक काल (लगभग 1400 से 1750) में व्यापार, यात्रा और नए विचार आए। पुनर्जागरण (Renaissance) ने प्राचीन संतुलन को वापस अपनाया और प्रकृति व मानव शरीर का अध्ययन जोड़ा।
- गुंबद और गोल मेहराब लौटे, अब और बड़े और साहसी।
- बारोक (Baroque) शैली में घुमाव, सोने की सजावट और गहरी रोशनी-छाया थी।
- नाम वाले कलाकार: डिज़ाइनर और चित्रकार अपने काम पर दस्तखत करने लगे और मशहूर हुए।
- छपाई से नमूने और विचार जल्दी फैले। अमीर घरों के लिए सजा फ़र्नीचर बनता था।
आधुनिक डिज़ाइन का उदय और विकास
औद्योगिक क्रांति (लगभग 1760 से) में भाप की शक्ति और कारखाने आए। सामान सस्ता हुआ, पर बहुत-सा खराब दिखता था।
- सुधारकों ने ईमानदार और अच्छी बनी चीज़ें माँगीं। बाद में डिज़ाइनरों ने कहा आकार काम का अनुसरण करे (form follows function)।
- नई सामग्रियाँ जैसे लोहा, स्टील, काँच, कंक्रीट और प्लास्टिक नए आकार लाईं: ऊँची स्टील की इमारतें, मुड़ी स्टील-नली की कुर्सियाँ।
- बड़े पैमाने का उत्पादन एक अच्छा डिज़ाइन हज़ारों लोगों तक ले गया।
- डिज़ाइन अपने आप में एक पेशा बन गया, उसके स्कूल और स्टूडियो बने।
बाद की शैलियों (बाउहाउस, मध्य-शताब्दी, मेम्फ़िस) के लिए डिज़ाइन इतिहास वाला पाठ देखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्राचीन = पत्थर और मिट्टी + खंभे + अनुपात
- मध्य युग = नुकीले मेहराब + रंगीन काँच + गिल्ड की कारीगरी
- आरंभिक आधुनिक = गुंबद + सजावट + नाम वाले कलाकार + छपाई
- आधुनिक = मशीनें + नई सामग्री + बड़े पैमाने का उत्पादन + आकार काम के अनुसार
- सामग्री, औज़ार और सोच बदलने पर डिज़ाइन बदलता है
हल किए गए उदाहरण
1. एक इमारत में मोटे खंभे, ऊपर सपाट धरन और तिकोनी छत है। यह किस युग की लगती है?
प्राचीन (यूनानी या रोमन)। खंभे, धरन और तिकोनी छत पुरानी पत्थर शैली है, जो संतुलित दिखने के लिए बनी थी।
2. एक ऊँचे हॉल में नुकीले मेहराब और लाल-नीले काँच की खिड़की है। यह कौन-सा युग है और दीवारें इतनी ऊँची क्यों हैं?
मध्य युग। नुकीला मेहराब भार अच्छे से सँभालता है, इसलिए कारीगर दीवारें ऊँची और खिड़कियाँ बड़ी बना सके।
3. 1500 का चित्रकार अपने काम पर दस्तखत क्यों करता था, जबकि मध्य युग का पत्थर तराशने वाला अक्सर नहीं?
आरंभिक आधुनिक काल में कलाकार मशहूर व्यक्ति बनने लगे। मध्य युग में काम समाज और गिल्ड का होता था।
4. 1930 में कारखाना सस्ती स्टील की कुर्सी बना सका, 1500 में क्यों नहीं?
मशीनें, स्टील और बड़े पैमाने का उत्पादन औद्योगिक क्रांति के बाद आए। उससे पहले हर कुर्सी हाथ से बनती थी।
आम गलतियाँ
- पुराने डिज़ाइन को केवल सजावट समझना। खंभे और नुकीले मेहराब भारी वज़न सँभालने की समस्या भी हल करते थे।
- मध्य और आरंभिक आधुनिक को मिलाना। नुकीला मेहराब मध्य युग का है, बड़ा गोल गुंबद आरंभिक आधुनिक का।
- सिर्फ़ तारीख़ें रटना। यह भी बताओ कि शैली क्यों बदली: सामग्री, औज़ार और सोच।
- आधुनिक यानी सिर्फ़ सादा और बदसूरत मानना। आधुनिक डिज़ाइन आराम, कीमत और सुंदरता का भी ध्यान रखता है।