नर्तक को कहानी क्यों चाहिए?
शास्त्रीय नृत्य के दो भाग हैं। नृत्त सुंदरता के लिए शुद्ध गति है। नृत्य और अभिनय चेहरे, हाथों और शरीर से कथा या भाव दिखाते हैं। दूसरे भाग के लिए नर्तक को कथानक चाहिए: ऐसी कहानी जिसे दर्शक पहले से जानते हों। अधिकतर कथानक भारत के पवित्र ग्रंथों और लोक-कथाओं से आते हैं और उनमें एक रस होता है, जैसे वीरता, प्रेम, करुणा या अद्भुत।
रामायण के प्रसंग
ऋषि वाल्मीकि की लिखी रामायण में सात कांड हैं। नर्तक छोटे प्रसंग चुनकर कुछ मिनटों में दिखाते हैं: राम का वन-गमन, सीता को लुभाने वाला सुनहरा हिरण, रावण द्वारा सीता-हरण, सीता की खोज में हनुमान का समुद्र पार करना, और वापसी।
ये प्रसंग वीर, करुण और अद्भुत रस के लिए बहुत अवसर देते हैं। एक नर्तक चेहरे और खड़े होने के ढंग को बदलकर कई पात्र निभा सकता है।
भागवत के स्कंध
भागवत पुराण 12 स्कंधों (पुस्तकों) में बँटा है। दसवाँ स्कंध कृष्ण का जीवन बताता है: जन्म, गोकुल का बचपन, माखन चोरी, गोवर्धन उठाना, बांसुरी बजाना और गोपियों के साथ नृत्य। पहले के स्कंधों में नृसिंह और वामन जैसे विष्णु के रूपों और बालक भक्त प्रह्लाद की कथा है।
बालकृष्ण वाले नृत्य आनंद और हास्य लाते हैं, इसलिए नर्तक मुस्कुराता है, शरारत करता है और छोटे कदम दिखाता है।
गीत गोविंद की अष्टपदियाँ
गीत गोविंद कवि जयदेव (12वीं सदी) का संस्कृत का लंबा काव्य है। इसमें 12 सर्ग और 24 गीत हैं, जिन्हें अष्टपदी कहते हैं (आठ-पद वाले गीत)। काव्य राधा और कृष्ण का है: मिलन, रूठना, प्रतीक्षा और फिर मिलन।
ये गीत मधुर हैं और गाए व नाचे जा सकते हैं। भरतनाट्यम, ओडिसी और मणिपुरी तीनों इन्हें पसंद करते हैं। मुख्य रस शृंगार (प्रेम) है, जो कोमल आँखों और धीमी हस्त-मुद्राओं से दिखता है।
नटराज, महिषासुरमर्दिनी और गणेश
नटराज का अर्थ है "नृत्य के राजा": शिव का ब्रह्मांडीय नृत्य, अग्नि-चक्र के बीच, एक हाथ में डमरू और दूसरे में अग्नि। यह बताता है कि सृष्टि का बनना और मिटना एक नृत्य है।
महिषासुरमर्दिनी देवी दुर्गा हैं जो महिषासुर नाम के भैंसे जैसे राक्षस को हराती हैं। इन्हें दृढ़ कदमों और अनेक भुजाओं से दिखाते हैं।
गणेश, हाथी के सिर वाले देव, विघ्न हरते हैं। बहुत से कार्यक्रम गणेश-वंदना से शुरू होते हैं ताकि सब कुछ अच्छा हो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रामायण (वाल्मीकि): 7 कांड
- भागवत पुराण: 12 स्कंध; दसवाँ कृष्ण का जीवन
- गीत गोविंद (जयदेव): 12 सर्ग, 24 अष्टपदी
- नटराज = नृत्य के राजा शिव; महिषासुरमर्दिनी = दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध; गणेश = विघ्नहर्ता
हल किए गए उदाहरण
1. एक नर्तक धनुष, सुनहरा हिरण और फिर एक स्त्री को ले जाते हुए दिखाता है। यह कौन सा कथानक है?
रामायण (सुनहरा हिरण और रावण द्वारा सीता-हरण)।
2. नर्तक बांसुरी बजाता है, फिर ऊँची मटकी से माखन चुराता है। यह किस स्रोत से है?
भागवत पुराण, दसवाँ स्कंध (कृष्ण का बचपन)।
3. नर्तकी रात में अपने प्रिय की प्रतीक्षा करती है, कोमल आँखें और उदास मुस्कान। कौन सा काव्य और कौन सा रस?
गीत गोविंद (राधा की अष्टपदी)। रस शृंगार, प्रतीक्षा के भाव के साथ।
4. कौन सा कथानक कई कार्यक्रमों की शुरुआत करता है और क्यों?
गणेश। वे विघ्न हरते हैं, इसलिए नर्तक पहले उनकी वंदना करते हैं ताकि प्रस्तुति अच्छी हो।
आम गलतियाँ
- कवियों को मिला देना: रामायण वाल्मीकि ने लिखी, गीत गोविंद जयदेव ने।
- गीत गोविंद को भागवत का भाग कहना। यह अलग काव्य है, हालाँकि दोनों कृष्ण की बात करते हैं।
- नटराज को केवल मूर्ति समझना। नृत्य में यह एक कथा है और दाहिना पैर उठाकर खड़े होने की मुद्रा।
- "अष्टपदी" को आठ पंक्तियों का एक छंद लिखना। यह आठ-पद वाले छंदों का गीत है, और कुल 24 हैं।