जानवरों और पौधों की नकल
नकल का मतलब है दोहराना। नृत्य में हम पूरे शरीर से किसी जीव का रूप और चाल दोहराते हैं।
जानवर
- पक्षी: बाँहें पंख, सीना उठा हुआ और क़दम हल्के।
- मेंढक: नीचे झुको और उछाल के साथ कूदो।
- हाथी: धीमे, भारी क़दम और एक बाँह सूँड़।
पौधे
- पेड़: पैर जड़ें, शरीर तना, बाँहें डालियाँ। हवा में झूलो।
- फूल: कली की तरह सिकुड़ो, फिर धीरे-धीरे खिलो।
- घास: कई छोटी, झुकती गतियाँ साथ-साथ।
नकल के चरण: चीज़ को देखो, उसका आकार और गति पहचानो, फिर शरीर से दोहराओ।
रूप से अर्थ तक
रूप बाहर का आकार है जो हम देखते हैं। अर्थ वह विचार या भाव है जो वह देता है। नर्तक तीन चरणों में रूप से अर्थ तक जाते हैं:
- सरल करो: चीज़ का बस मुख्य आकार रखो।
- बड़ा करो: गति बड़ी करो ताकि दूर बैठे लोग भी देख सकें।
- अर्थ जोड़ो: पूछो कि यह चीज़ लोगों को क्या महसूस कराती है।
- पक्षी: आज़ादी या आशा।
- पेड़: बढ़ना, छाया और ताक़त।
- मेंढक: ख़ुशी, या बारिश का आना।
- फूल: नई शुरुआत।
- मुख्य शब्द: नकल = किसी चीज़ का आकार और चाल दोहराना
- मुख्य शब्द: रूप = चीज़ का आकार और दिखावट
- मुख्य शब्द: अर्थ = रूप से मिलने वाला विचार या भाव
- मुख्य शब्द: सरल और बड़ा करना = मुख्य आकार रखकर उसे बड़ा करना
- याद रखो: दे-न-ब-अ (देखो, नक़ल, बड़ा, अर्थ)
- हर छोटे ब्योरे की नकल करना। बस मुख्य आकार रखो।
- गति इतनी छोटी रखना कि दर्शक न देखें। उसे बड़ा करो।
- सिर्फ़ बाँहों का इस्तेमाल। पूरा शरीर, पैर और चेहरा भी लगाओ।
- सोचना कि एक रूप का एक ही अर्थ है। अर्थ कहानी तय करती है।
एक ही रूप के अलग नृत्यों में अलग अर्थ हो सकते हैं। अच्छा नर्तक कहानी, संगीत और चेहरे से अर्थ दर्शक तक पहुँचाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
हल किए गए उदाहरण
1. सिर्फ़ शरीर से खिलता हुआ फूल कैसे दिखाओगे?
कली की तरह झुके और सिकुड़े शुरू करो। धीरे-धीरे उठो और बाँहें पंखुड़ियों की तरह बाहर-ऊपर खोलो। चौड़े खुले आकार और कोमल चेहरे के साथ ख़त्म करो।
2. एक नर्तकी पक्षी बनाती है। दूर बैठे लोगों के लिए इसे साफ़ कैसे करे?
बाँहें पूरी फैलाकर पंख बड़े करे, सीना उठाए और इतनी धीमी गति रखे कि दिखे। यही सरल और बड़ा करना है।
3. गाँव पर नृत्य में पेड़ का क्या अर्थ हो सकता है?
छाया, क्योंकि लोग उसके नीचे जुटते हैं, या बढ़ना, क्योंकि गाँव बढ़ता है। नर्तक कहानी और संगीत से तय करता है।